Wednesday, May 6, 2026
- Advertisement -

मिशन रोज़गार: योगी सरकार ने कोविड काल में भी दिया रोज़गार

  • उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने निष्पक्ष, त्वरित और प्रभावी ढंग से की भर्तियां
  • पांच माह में ही स्टाफ नर्स के 4743 पदों पर चयन की प्रक्रिया पारदर्शी रूप से पूर्ण
  • स्टाफ नर्स (पुरुष) की शेष 448 रिक्तियों का विज्ञापन इसी माह

जनवाणी ब्यूरो |

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में योगी सरकार ने पिछले पौने पांच वर्षों में साढ़े चार लाख सरकारी नौकरियां देकर अपना संकल्प पूरा किया। कोविड 19 महामारी के दौरान भी योगी का मिशन रोज़गार धीमा नहीं पड़ा। समय की ज़रुरत के अनुसार स्वास्थ्य विभाग के खाली पद भर कर स्वास्थ्य इंफ्रास्ट्रक्चर को मज़बूत किया।

स्वास्थ्य क्षेत्र के ढांचे को सुदृढ़ बनाने की दिशा में उ. प्र. लोक सेवा आयोग का बड़ा योगदान रहा जिसने अन्य विभागों के साथ साथ स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा में समयबद्ध , निष्पक्ष और त्वरित तरीके से भर्तियां करके नागरिकों को राहत दी। सार्वजनिक हित को दृष्टिगत रखते हुए, उ.प्र. लोक सेवा आयोग ने स्वास्थ्य विभाग से सम्बन्धित पदों का चयन जल्द से जल्द वरीयता के आधार किया जिससे चुने गए अभ्यर्थी शीघ्रातिशीघ्र अपने नियत पदों पर दायित्व संभाल सके। इस क्रम में चयन प्रक्रिया की निष्पक्षता, शुचिता और पारदर्शिता को अक्षरशः सुनिश्चित करते हुए समयबद्ध कार्यवाही की गयी ।

इस क्रम में एलोपैथिक चिकित्साधिकारी (श्रेणी-2) के 15 संवर्गों के 3620 पदों पर चयन सम्बन्धी कार्यवाही का विज्ञापन आयोग द्वारा 28.05.2021 को जारी किया गया जिसमें आवेदन प्राप्त करने की अंतिम तिथि 28 जून थी। त्वरित कार्यवाही करते हुए आयोग ने अंतिम तिथि के एक महीने में अभ्यर्थियों का साक्षात्कार प्रारम्भ कर दिए। लगभग ढाई महीने मात्र में समस्त संवर्गों के लिए साक्षात्कार पूरे कर लिए गए।

साक्षात्कार समाप्त होने की तिथि 07.10.2021 थी लेकिन उससे पहले ही साक्षात्कार प्रारंभ होने के महीने भर से पहले ही प्रथम दो संवर्ग पीडियाट्रिक्स / एनेस्थेटिस्ट के परिणाम 18 अगस्त ,2021 को जारी कर दिए गए। यही नहीं, समस्त संवर्गों का अंतिम परिणाम साक्षात्कार समाप्त होने के महीने भर के अंदर ही दिनांक 2.11. 2021 तक जारी कर दिया गया।

इस प्रकार युद्ध स्तर पर कार्य करते हुए प्राथमिकता के आधार पर एलोपैथिक चिकित्सा विशेषज्ञों के 15 संवर्गों यथा पीडियाट्रिशियन, एनेस्थेटिस्ट फिजिशियन, पैथालाजिस्ट इत्यादि के 3620 पदों पर चयन हेतु 4062 अभ्यर्थियों का साक्षात्कार सम्पन्न किया गया। लगभग चार माह में 1237 अभ्यर्थियों को चयन के लिए उपयुक्त पाया गया।

इसके अतिरिक्त चिकित्सा विभाग के अन्य संवर्गों यथा स्टेटीशियन कम प्रवक्ता, सहायक आचार्य पैथालाजी, कम्युनिटी मेडिसिन साइक्रियाटिक तथा एनेस्थीसिया के लगभग 82 पदों का परिणाम जारी किया गया तथा एम. ओ. एच. सह सहायक आचार्य के 05 तथा सहायक आचार्य, ब्लड बैंक के 15 पदों का भी साक्षात्कार सम्पन्न हो चुका है। उक्त पदों का परिणाम इसी सप्ताह जारी कर दिया जायेगा जबकि सहायक आचार्य के शेष पदों पर यथाशीघ्र साक्षात्कार कराने की कार्यवाही की जा रही है।

कोविड महामारी में स्वास्थ्य सेवाओं की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए आयोग ने पारदर्शिता, निष्पक्षता सुनिश्चित रखते हुए अपनी गतिशीलता को और आगे बढ़ाया है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं उ.प्र. के अंतर्गत स्टाफ नर्स / सिस्टर (ग्रेड-2) (महिला एवं पुरुष) के 4743 पदों का विज्ञापन 16 जुलाई को जारी किया गया। आवेदन के लिए एक माह का समय दिया गया और मात्र डेढ़ मास में तीन अक्टूबर को लिखित परीक्षा आयोजित कर दी गई।उक्त पदों का निम्नवत् श्रेणियों में अंतिम चयन परिणाम औपबंधिक रूप से निम्नवत जारी कर दिया गया है

आयोग द्वारा निर्धारित न्यूनतम अर्हता अंक न पाने के कारण 1729 पद भर नहीं सके |

आयोग के अध्यक्ष संजय श्रीनेत ने बताया कि विज्ञापन जारी होने के लगभग पांच माह में ही स्टाफ नर्स के 4743 पदों पर चयन की प्रक्रिया पारदर्शी रूप से पूर्ण की गयी जो अपने आप में एक प्रेरणास्पद मानदण्ड है। उन्होंने इसके लिए आयोग कार्मिकों की प्रतिबद्धता और संकल्प और आयोग की कार्य संस्कृति को सराहा जिन्होंने कोविड 19 महामारी की अवधि में भी स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृह बनाए रखने के लिए राष्ट्रहित में अपना योगदान किया।

उन्होंने बताया कि स्टाफ नर्स (पुरुष) की शेष 448 रिक्तियों का विज्ञापन भी इसी माह जारी कर दिया जायेगा ।

spot_imgspot_img
[tds_leads title_text="Subscribe" input_placeholder="Email address" btn_horiz_align="content-horiz-center" pp_checkbox="yes" pp_msg="SSd2ZSUyMHJlYWQlMjBhbmQlMjBhY2NlcHQlMjB0aGUlMjAlM0NhJTIwaHJlZiUzRCUyMiUyMyUyMiUzRVByaXZhY3klMjBQb2xpY3klM0MlMkZhJTNFLg==" f_title_font_family="467" f_title_font_size="eyJhbGwiOiIyNCIsInBvcnRyYWl0IjoiMjAiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIyMiIsInBob25lIjoiMzAifQ==" f_title_font_line_height="1" f_title_font_weight="700" msg_composer="success" display="column" gap="10" input_padd="eyJhbGwiOiIxNXB4IDEwcHgiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMnB4IDhweCIsInBvcnRyYWl0IjoiMTBweCA2cHgifQ==" input_border="1" btn_text="I want in" btn_icon_size="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIxNyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTUifQ==" btn_icon_space="eyJwb3J0cmFpdCI6IjMifQ==" btn_radius="3" input_radius="3" f_msg_font_family="394" f_msg_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTEiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiJ9" f_msg_font_weight="500" f_msg_font_line_height="1.4" f_input_font_family="394" f_input_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsInBvcnRyYWl0IjoiMTEiLCJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiJ9" f_input_font_line_height="1.2" f_btn_font_family="394" f_input_font_weight="500" f_btn_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsImxhbmRzY2FwZSI6IjExIiwicG9ydHJhaXQiOiIxMCJ9" f_btn_font_line_height="1.2" f_btn_font_weight="700" f_pp_font_family="394" f_pp_font_size="eyJhbGwiOiIxMyIsImxhbmRzY2FwZSI6IjEyIiwicG9ydHJhaXQiOiIxMSJ9" f_pp_font_line_height="1.2" pp_check_color="#000000" pp_check_color_a="var(--metro-blue)" pp_check_color_a_h="var(--metro-blue-acc)" f_btn_font_transform="uppercase" tdc_css="eyJhbGwiOnsibWFyZ2luLWJvdHRvbSI6IjYwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9LCJsYW5kc2NhcGUiOnsibWFyZ2luLWJvdHRvbSI6IjUwIiwiZGlzcGxheSI6IiJ9LCJsYW5kc2NhcGVfbWF4X3dpZHRoIjoxMTQwLCJsYW5kc2NhcGVfbWluX3dpZHRoIjoxMDE5LCJwb3J0cmFpdCI6eyJtYXJnaW4tYm90dG9tIjoiNDAiLCJkaXNwbGF5IjoiIn0sInBvcnRyYWl0X21heF93aWR0aCI6MTAxOCwicG9ydHJhaXRfbWluX3dpZHRoIjo3NjgsInBob25lIjp7ImRpc3BsYXkiOiIifSwicGhvbmVfbWF4X3dpZHRoIjo3Njd9" msg_succ_radius="2" btn_bg="var(--metro-blue)" btn_bg_h="var(--metro-blue-acc)" title_space="eyJwb3J0cmFpdCI6IjEyIiwibGFuZHNjYXBlIjoiMTQiLCJhbGwiOiIxOCJ9" msg_space="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIwIDAgMTJweCJ9" btn_padd="eyJsYW5kc2NhcGUiOiIxMiIsInBvcnRyYWl0IjoiMTBweCJ9" msg_padd="eyJwb3J0cmFpdCI6IjZweCAxMHB4In0=" f_pp_font_weight="500"]

Related articles

संघर्ष का गणित और सफलता

कई बार एक कठिन प्रश्न को समझने के लिए...

हम छात्रों को क्या सिखाना भूल जाते हैं?

डॉ. विजय गर्ग दुनिया भर की कक्षाओं में शिक्षा को...

मिश्रा जी लाइक्ड योर स्टेटस

बनारस की उस पुरानी पुश्तैनी हवेली के दालान में...

उजाड़ना था तो बसने क्यों दिया था?

पिछले कुछ वर्षों से यह समस्या और भी व्यापक...

‘भगवा’ राजनीति का विस्तार

2026 के पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव परिणाम भारतीय...
spot_imgspot_img