- कंकरखेड़ा फाटक के बीच में चलती ट्रेन के बराबर में खड़े होकर स्कूली छात्र बना रहे वीडियो
जनवाणी संवाददाता |
कंकरखेड़ा: सोशल मीडिया पर खतरनाक स्टेटस लगाने के लिए आजकल युवा जान जोखिम में डालने से भी नहीं चूक रहे हैं। यह बहुत ही भयानक हालात युवाओं के दिमाग में घुसने लगा है कि स्टेटस ऐसा लगाया जाए जो सबसे आकर्षक हो। इस आकर्षक और खतरनाक स्टेटस सोशल मीडिया पर लगाने के लिए युवा एक से एक खतरनाक स्टंट भी करने लगे हैं। कंकरखेड़ा में रेलगाड़ी गुजरने के दौरान बंद फाटक के बीच में बुधवार को कुछ छात्रों ने ऐसा ही कारनामा किया।
जिसे देखकर फाटक के दोनों खड़े लोग शोर मचाने लगे और दंग रह गए। लेकिन युवा सोशल मीडिया के स्टेटस पर डालने के लिए वीडियो बनाते रहे फेसबुक, इंस्टाग्राम और अन्य सोशल साइट्स पर लाइक कमेंट पाने के लिए युवा लोकप्रियता पाना चाहता है। वह लोकप्रियता सकारात्मक हो, चाहे नकारात्मक, लेकिन बस विवर की संख्या किसी भी तरह बढ़नी चाहिए। इसलिए कुछ युवाओं का ग्रुप इकट्ठा होकर ऐसे ही वीडियो बनाने का काम कर रहे हैं।

चाहे इस खतरनाक वीडियो बनाने में जान ही क्यों न चली जाए। बुधवार सुबह कंकरखेड़ा के फाटक दोनों तरफ से बंद थे। यात्री फाटक के दोनों ओर खड़े थे। इसी दौरान चार छात्र (जो दो अलग-अलग स्कूलों के छात्र) बंद फाटक पार करके अंदर पहुंच जाते हैं और मुजफ्फरनगर की तरफ से तेज गति से आ रही सुपरफास्ट ट्रेन को देखकर एक-दूसरे से कुछ कहने लग जाते हैं।
एक युवक ट्रेन आने का इशारा करता है तो दूसरा तुरंत जिधर रेल आ रही है। उधर चला जाता है। इसी दौरान एक युवक मोबाइल से वीडियो बनानी शुरू कर देता है। उधर, फाटक के दोनों ओर खड़े यात्री उन युवाओं को चेतावनी भरे लहजे में ऐसा ना करने की बात कहते हैं, लेकिन युवा छात्र अपनी वीडियो बनाने में मस्त रहते हैं। इस तरह जान जोखिम में डालकर खतरनाक वीडियो बनाना किसी खतरे से खाली नहीं है, लेकिन लोकप्रिय होने का युवा पीढ़ी पर इतना जुनून सवार हो गया है कि उसे अपनी जान की कोई परवाह नहीं दिखाई दे रही।
प्राइवेट स्कूल की ड्रेस में थे युवक
कंकरखेड़ा फाटक के बीच में चलती ट्रेन के निकट जाकर वीडियो बनाने वाले स्थानीय दो अलग अलग प्राइवेट स्कूलों के छात्र थे। जिस उम्र में उन्हें प्रतियोगिता की तैयारी करने के लिए पढ़ाई में कंपटीशन करना चाहिए। उस उम्र में युवा स्टेटस बनाने में और सस्ती लोकप्रियता पाने के चक्कर में लगा है। वीडियो बनाने वाले युवक कंकरखेड़ा के प्रतिष्ठित स्कूल के बच्चे थे। यदि उनके साथ कोई दुर्घटना हो जाती तो कौन जिम्मेदार होता? घर से पढ़ाई करने के लिए स्कूल जाने की बात कहकर युवा न जाने कहां घूमने चले जाते हैं। घर वाले भी आजकल पूरी तरह ध्यान नहीं दे पा रहे।

