जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: अमेरिका के न्यूयॉर्क सिटी में ऐतिहासिक चुनाव परिणाम सामने आए हैं। 34 वर्षीय जोहरान ममदानी ने मेयर चुनाव में शानदार जीत दर्ज करते हुए इतिहास रच दिया है। इस जीत के साथ वे न्यूयॉर्क के पहले मुस्लिम और पहले भारतीय-अमेरिकी मेयर बन गए हैं। उनकी यह कामयाबी केवल एक राजनीतिक उपलब्धि नहीं, बल्कि विविधता, प्रवासी पहचान और नई पीढ़ी की प्रगतिशील सोच का प्रतीक मानी जा रही है।
जोहरान का जन्म युगांडा की राजधानी कंपाला में हुआ था। उनके माता-पिता भारतीय मूल के हैं। उनकी मां मीरा नायर एक मशहूर फिल्म निर्देशक हैं, जिन्होंने “मानसून वेडिंग”, “द नेमसेक” और “मिसिसिपी मसाला” जैसी अंतरराष्ट्रीय फिल्मों का निर्देशन किया है। उनके पिता महमूद ममदानी कोलंबिया यूनिवर्सिटी में मानव विज्ञान (Anthropology) के प्रोफेसर हैं।
सात साल की उम्र में जोहरान अपने परिवार के साथ न्यूयॉर्क आ गए थे। उन्होंने बोउडिन कॉलेज, मेन (Bowdoin College) से 2014 में Africana Studies में डिग्री हासिल की। कॉलेज के दिनों में वह हिप-हॉप रैपर “यंग कार्डेमम” के नाम से जाने जाते थे और “नानी” नामक गाने से लोकप्रिय हुए, जो उन्होंने अपनी दादी के सम्मान में लिखा था।
राजनीतिक सफर की शुरुआत और विचारधारा
जोहरान ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत 2020 में न्यूयॉर्क विधानसभा चुनाव से की, जब वे क्वींस के एस्टोरिया क्षेत्र से विधायक चुने गए। विधायक बनने के बाद उन्होंने सार्वजनिक बसों को मुफ्त करने की योजना पेश की और इस्राइल की बस्तियों को समर्थन देने वाले संगठनों पर रोक लगाने का प्रस्ताव भी रखा।
उनका राजनीतिक रुख हमेशा वामपंथी और प्रगतिशील एजेंडा के पक्ष में रहा है। वे प्रवासी अधिकार, सस्ते आवास, स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और अमीरों पर अधिक टैक्स लगाने जैसे मुद्दों पर मुखर रहे हैं।
मेयर पद की दौड़ और ऐतिहासिक जीत
अक्टूबर 2024 में जोहरान ने न्यूयॉर्क सिटी के मेयर पद के लिए अपनी उम्मीदवारी की घोषणा की थी। उस समय वे राष्ट्रीय स्तर पर ज्यादा जाने-पहचाने नहीं थे।
लेकिन जून 2025 में हुए डेमोक्रेटिक प्राइमरी में उन्होंने अप्रत्याशित रूप से बड़ी बढ़त हासिल की और अपने प्रतिद्वंद्वी, पूर्व गवर्नर एंड्रयू कुओमो को पीछे छोड़ दिया।
अंतिम मुकाबले में उनका सामना मौजूदा मेयर एरिक एडम्स और कुओमो से था। ट्रंप के समर्थन के बावजूद कुओमो को हार का सामना करना पड़ा, जबकि जोहरान ने रिकॉर्ड मतों से जीत दर्ज की।
फलस्तीन पर रुख और विवाद
जोहरान ममदानी खुले तौर पर फलस्तीन के समर्थन में आवाज उठाते रहे हैं। उन्होंने इस्राइल की गाजा में कार्रवाई को “नरसंहार” बताया और “दोनों समुदायों के समान अधिकारों वाले एक राष्ट्र” की वकालत की। उनके इस बयान पर उन्हें एंटी-सेमिटिक कहकर आलोचना झेलनी पड़ी, लेकिन न्यूयॉर्क के करीब 8 लाख मुस्लिम मतदाताओं में उन्हें व्यापक समर्थन मिला।
“मैं अनुभवहीन नहीं, ईमानदार हूं”
बहस के दौरान अपने आलोचकों को जवाब देते हुए जोहरान ने कहा, “मेरे पास पारंपरिक प्रशासनिक अनुभव नहीं है, लेकिन यही मेरी ताकत है। मैं उस पुरानी राजनीति का हिस्सा नहीं हूं जो घोटालों और शर्मिंदगी से भरी रही है।” उनका कहना है कि वे शहर में “भ्रष्टाचार-मुक्त, न्यायपूर्ण और इंसानियत पर आधारित शासन” लाना चाहते हैं।
पत्नी रमा दुवाजी — कला और रचनात्मकता की दुनिया से
जोहरान की पत्नी रमा दुवाजी एक सीरियाई-अमेरिकी कलाकार हैं। वे पेशे से इलस्ट्रेटर और डिजाइनर हैं और उनकी कलाकृतियां द न्यूयॉर्कर, बीबीसी, एपल, वॉशिंगटन पोस्ट और वाइस जैसी प्रतिष्ठित संस्थाओं में प्रकाशित हो चुकी हैं। दोनों की मुलाकात एक डेटिंग ऐप पर हुई थी। उन्होंने 2024 के अंत में दुबई में सगाई की और 2025 की शुरुआत में न्यूयॉर्क सिटी क्लर्क ऑफिस में शादी की।
न्यूयॉर्क की नई दिशा
जोहरान ममदानी की जीत न केवल व्यक्तिगत सफलता है, बल्कि यह अमेरिकी राजनीति में प्रवासी समुदायों, युवाओं और प्रगतिशील विचारधारा के उभरते प्रभाव का भी संकेत है। उनकी जीत को “न्यूयॉर्क की नई राजनीतिक पहचान” के रूप में देखा जा रहा है।

