Wednesday, June 16, 2021
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साहस: 82 वर्षीय बुजुर्ग ने कोरोना को दी मात

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  • लहचौड़ा गांव निवासी 82 वर्षीय एक बुजुर्ग को हो गया था कोरोना
  • सरूरपुर स्थित कोविड केयर सेंटर में किया था भर्ती, ठीक होकर घर लौटा बुजुर्ग

जनवाणी संवाददाता |

चांदीनगर: मन में अगर कुछ कर गुजरने जज्बा हो तो बड़ी से बड़ी बाधा भी उसके कदम नहीं रोक सकती। कुछ ऐसा ही हिम्मत और साहस का परिचय देते हुए लहचौड़ा के बुजुर्ग ने कर दिखाया है। कोरोना का नाम सुनते ही जहां भय हो जाता है वहीं लहचौड़ा निवासी 82 वर्षीय रघुनंदन ने कोरोना से भय नहीं माना और कोविड केयर सेंटर में भर्ती होकर अपने आप को मजबूत बनाए रखा।

जिससे वह ठीक होकर अब अपने घर लौट गया है। घर पहुंचते ही परिजनों ने बुजुर्ग का स्वागत किया। बुजुर्ग ने भी सभी से हिम्मत और साहस रखने की अपील की।

गांवों में बुखार व कोरोना का कहर जारी है। मौतों का सिलसिला जारी है। कोरोना के डर से कुछ तो जांच कराने से भी कतराते हैं। डर रहता है कि कहीं कोरोना आ गया तो कोविड केयर सेंटर में भेजा जाएगा। वहां उपचार होगा या नहीं? तमाम सवाल मन में आ जाते हैं।

अगर पता चल जाता है कि कोरोना हो गया है तो मन में भी एक डर से बैठ जाता है। परंतु लहचौड़ा के 82 वर्षीय बुजुर्ग रघुनंदन ने कोरोना से डर नहीं माना और न ही अपने आप को कमजोर महसूस होने दिया। बताया जाता है कि रघुनंदन को 20 दिन पहले बुखार व गले में परेशानी की शिकायत हुई। जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग को सूचित किया और जांच कराई। जांच में वह कोरोना पॉजिटिव निकले।

उसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने रघुनंदन को सरूरपुर स्थित कोविड केयर सेंटर में भर्ती कराया। बुजुर्ग ने बताया कि उनके वार्ड में 15 मरीज भर्ती थे। वह सभी से अपील करते थे कि अपने आप को मजबूत रखें, हिम्मत व साहस का परिचय दें। रामायण के सुंदरकांड को सुनाया। जिसके बाद वहां मरीज बहुत खुश हुए। वह प्रतिदिन इस तरह मरीजों को साहस देते थे।

रघुनंदन ने बताया कि चिकित्सकों ने भी देखभाल की है। समय पर दवाइयां लेना भी नियमित था। उनका मानना है कि इसे भक्ति में शक्ति कहें या फिर हिम्मत व साहस का परिचय माना जाए जो वह ठीक हो गए। बुजुर्ग के ठीक होकर घर आने से परिजनों में खुशी की लहर है।

परिजनों ने बुजुर्ग का स्वागत किया। परिजनों ने कहा कि उनके घर आने से वह बेहद खुश है। रघुनंदन ने भी सभी से अपील की है कि कोरोना से डरना नहीं बल्कि मुकाबला करना है। इसे हराना है और खुद को विजयी बनाना है। मन में दृढ़ संकल्प लेकर चलेंगे तो कोरोना जरूर हारेगा और सभी मरीज ठीक होकर घर लौट आएंगे।


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