जनवाणी ब्यूरो |
लखनऊ: रक्षाबंधन से पहले उत्तर प्रदेश सरकार ने पीएम पोषण योजना के तहत परिषदीय और एडेड स्कूलों में कार्यरत 3.53 लाख रसोइयों को बड़ी सौगात दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को राजधानी स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम में 11 रसोइयों को कैशलेस चिकित्सा कार्ड वितरित किए। कार्यक्रम में प्रदेशभर से करीब 1500 रसोइयों ने हिस्सा लिया। जिला और तहसील स्तर पर भी कार्यक्रम आयोजित कर रसोइयों को सम्मानित किया गया।
मुख्यमंत्री ने रसोइयों के लिए चार महत्वपूर्ण योजनाओं की घोषणा की। इनमें मानदेय बढ़ाने के साथ दो लाख रुपये का दुर्घटना बीमा, पांच लाख रुपये तक कैशलेस इलाज और ड्रेस के लिए मिलने वाली धनराशि को दोगुना करना शामिल है।
2 हजार से बढ़कर 3 हजार हुआ मानदेय
सीएम योगी ने कहा कि रसोइयों का मानदेय दो हजार रुपये से बढ़ाकर तीन हजार रुपये किया गया है। इसके साथ ही रसोइयों के लिए सामाजिक सुरक्षा की व्यवस्था भी की जा रही है। एसबीआई में उनके खाते खुलवाए जाएंगे और मानदेय सीधे खाते में भेजा जाएगा।
उन्होंने कहा कि दुर्घटना की स्थिति में रसोइयों को दो लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता मिलेगी। वहीं, रसोइयों और उनके परिवार के लिए इंपैनल्ड अस्पतालों में हर साल पांच लाख रुपये तक के कैशलेस इलाज की सुविधा उपलब्ध होगी।
साड़ी के लिए अब मिलेंगे 1000 रुपये
रसोइयों को ड्रेस खरीदने के लिए मिलने वाली राशि भी दोगुनी कर दी गई है। मुख्यमंत्री ने बताया कि साड़ी खरीदने के लिए पहले मिलने वाली 500 रुपये की राशि को बढ़ाकर 1000 रुपये कर दिया गया है।
सीएम ने कहा कि रसोइये स्कूलों में बच्चों के लिए भोजन तैयार कर उनके स्वास्थ्य और भविष्य में योगदान दे रहे हैं। सरकार ने अब उनके स्वास्थ्य की भी चिंता की है। पहले स्कूलों में लकड़ी पर खाना बनाया जाता था, लेकिन अब शत-प्रतिशत रसोई गैस का इस्तेमाल हो रहा है।
ब्रजेश पाठक ने देशी अंदाज में साधा संवाद
कार्यक्रम में डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने रसोइयों से स्थानीय अंदाज में संवाद किया। उन्होंने कहा कि पहले रसोइयों की सुध लेने वाला कोई नहीं था, लेकिन अब सरकार उनके मानदेय, स्वास्थ्य और सुरक्षा का ध्यान रख रही है।
पाठक ने अपने संबोधन में 2027 के विधानसभा चुनाव का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जैसे परीक्षा में प्रदर्शन का मूल्यांकन होता है, वैसे ही जनता 2027 में सरकार के काम का मूल्यांकन करे।
सीएम योगी ने सपा पर साधा निशाना
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार के समय प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति खराब थी। आज गुंडा-माफिया पर कार्रवाई हुई है और प्रदेश की छवि बदली है।
सीएम ने कहा कि 2017 से पहले गरीब का बच्चा नंगे पैर स्कूल जाने को मजबूर था। आज बच्चों को दो ड्रेस, जूते-मोजे और स्वेटर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने पिछली सरकार पर शिक्षा व्यवस्था में नकल को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए कहा कि आज यूपी के स्कूल “नकल से मुक्त और अकल से युक्त” हैं।
रसोइयों को स्वच्छता और सुरक्षा का ध्यान रखने की सलाह
मुख्यमंत्री ने रसोइयों से कहा कि बच्चों को मेन्यू के अनुसार समय पर स्वच्छ और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना उनकी जिम्मेदारी है। उन्होंने रसोई को साफ-सुथरा रखने और खाना बनाते समय पूरी सावधानी बरतने की अपील की।
उन्होंने रसोइयों को रसोई में अनधिकृत लोगों के प्रवेश से भी सावधान रहने की सलाह दी। सीएम ने कहा कि भोजन तैयार करते समय किसी भी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए, क्योंकि इससे बच्चों के स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है।
अटल आवासीय और कस्तूरबा गांधी विद्यालयों का किया जिक्र
सीएम योगी ने प्रदेश में चल रही विभिन्न शिक्षा योजनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि 18 कमिश्नरी में 18 अटल आवासीय विद्यालय संचालित हैं, जिनमें 18 हजार से अधिक बच्चे पढ़ रहे हैं।
उन्होंने महाकुंभ के दौरान बड़ी संख्या में लोगों के लिए भोजन तैयार करने में रसोइयों की भूमिका की भी सराहना की। कोरोना काल में अनाथ हुए बच्चों को पढ़ाई के लिए हर महीने चार हजार रुपये दिए जाने और दिव्यांग बच्चों के लिए वाहन सहायता जैसी योजनाओं का भी उन्होंने जिक्र किया।
स्कूलों के वीडियो को लेकर विपक्ष पर तंज
मुख्यमंत्री ने स्कूलों के जर्जर भवनों के वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित किए जाने को लेकर भी विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कुछ लोग पुराने या जर्जर भवनों के वीडियो दिखाकर सरकार को घेरने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि प्रदेश के स्कूलों में लगातार सुधार किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि स्कूल मर्जर वाले स्थानों पर करीब 10 हजार एजुकेटर तैनात किए गए हैं और बच्चों के लिए बाल वाटिका संचालित की जा रही है। कस्तूरबा गांधी विद्यालयों का विस्तार करते हुए प्रदेश के सभी 825 विकासखंडों में इन्हें संचालित किए जाने की बात भी कही।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य बच्चों को स्वच्छ वातावरण में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना है। उन्होंने रसोइयों से अपील की कि वे पूरी जिम्मेदारी और सावधानी के साथ बच्चों के भोजन की गुणवत्ता सुनिश्चित करें।

