जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) के चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली में वकीलों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया है। ऑल इंडिया यंग एडवोकेट्स एसोसिएशन की ओर से आयोजित इस प्रदर्शन को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का भी समर्थन मिला है। प्रदर्शन को देखते हुए BCI कार्यालय के आसपास पुलिस की तैनाती की गई है।
प्रदर्शन का प्रमुख मुद्दा NALSAR यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ से जुड़ा हालिया विवाद है। 13 अगस्त को BCI की ओर से NALSAR के 2026 बैच के कानून स्नातकों के नामांकन पर रोक लगाने का निर्देश दिया गया था। बाद में BCI ने इस आदेश को वापस ले लिया और सभी छात्रों को संबंधित राज्य बार काउंसिल में नामांकन की अनुमति दे दी।
वकीलों ने उठाए कल्याण और सुरक्षा के मुद्दे
प्रदर्शन के दौरान अधिवक्ता उमेश कुमार ने BCI चेयरमैन पर वकीलों और कानून के छात्रों के कल्याण से जुड़े मुद्दों पर पर्याप्त ध्यान नहीं देने का आरोप लगाया। उन्होंने वकीलों पर कथित हमलों और उनकी सुरक्षा का मुद्दा उठाते हुए सवाल किया कि ऐसे मामलों में BCI की ओर से आधिकारिक स्तर पर क्या कदम उठाए गए हैं।
उमेश कुमार ने आरोप लगाया कि वकीलों के कल्याण से जुड़े मामलों में BCI की सक्रियता कम दिखाई देती है, जबकि राजनीतिक मुद्दों पर संस्था के आधिकारिक मंच के इस्तेमाल को लेकर सवाल उठते रहे हैं। उन्होंने BCI के आधिकारिक पत्रों के कथित दुरुपयोग का आरोप भी लगाया।
स्टाइपेंड से लेकर चैंबर और सुरक्षा तक मुद्दे
प्रदर्शनकारियों ने वकीलों के कल्याण के साथ-साथ अधिवक्ता अधिनियम, स्टाइपेंड, चैंबर की सुविधा और वकीलों की सुरक्षा जैसे मुद्दे भी उठाए। इसके अलावा कानून कॉलेजों के नियमन, कथित फर्जी लॉ कॉलेजों और फर्जी डिग्रियों पर कार्रवाई की मांग भी सामने आई।
उमेश कुमार ने दावा किया कि बड़ी संख्या में ऐसे लोग वकालत के पेशे में हैं जिनकी योग्यता या पंजीकरण को लेकर सवाल उठते हैं। हालांकि, उनके द्वारा बताए गए कथित प्रतिशत की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
NALSAR विवाद के बाद बढ़ा दबाव
NALSAR विवाद के बाद BCI चेयरमैन पर इस्तीफे का दबाव बढ़ा है। BCI के शुरुआती निर्देश में 2026 बैच के छात्रों के नामांकन पर रोक लगाने की बात कही गई थी। आलोचना के बाद परिषद ने आदेश वापस लेते हुए स्पष्ट किया कि NALSAR के सभी 2026 स्नातक अपनी पसंद के राज्य बार काउंसिल में नामांकन करा सकते हैं।
इस मामले में NALSAR के छात्रों और पूर्व छात्रों की ओर से भी BCI की कार्रवाई की आलोचना की गई। वहीं, BCI चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा ने बाद में कानून छात्रों से खेद व्यक्त करते हुए शांतिपूर्ण संवाद की अपील की थी।
प्रदर्शन के बीच वकीलों की मांग है कि BCI के नेतृत्व और उसकी कार्यप्रणाली को लेकर जवाबदेही तय की जाए तथा चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा अपने पद से इस्तीफा दें। मामला अब वकीलों के कल्याण से लेकर कानूनी शिक्षा, छात्रों के अधिकार और BCI की शक्तियों के इस्तेमाल तक व्यापक बहस का रूप लेता जा रहा है।

