Thursday, February 22, 2024
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97.5% परीक्षार्थियों ने दी नीट परीक्षा

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  • जिले में 13 केंद्रों पर आयोजित की गई थी परीक्षा, शहर जाम, रोडवेज में रही मारामारी

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: देशभर में मेडिकल कॉलेज में यूजी सीटों पर प्रवेश के लिए होने वाली नीट यूजी परीक्षा रविवार को जिले में 13 केंद्रों पर संपन्न हुई। परीक्षा में वनस्पति विज्ञान और जीव विज्ञान के प्रश्न सामान्य स्तर के रहे। जबकि रसायन और भौतिक विज्ञान के प्रश्नों में करीब सभी परीक्षार्थियों को दिक्कतें आईं। रासायनिक क्रियाएं मुश्किल रहीं। जिले में 97.5 प्रतिशत उपस्थिति दर्ज की गई।

एनटीए के रीजनल कोआॅर्डिनेटर एचएम राउत ने बताया कि शहर में पंजीकृत 7594 परीक्षार्थियों में से 7400 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी, जबकि 194 परीक्षार्थियों ने परीक्षा छोड़ी। सुबह 11 बजे से ही सभी केंद्रों पर परीक्षार्थियों को प्रवेश मिलना शुरू हो गया। प्रवेश द्वार पर ही सभी की तलाशी ली गई।

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परीक्षा से आधा घंटा पहले दोपहर डेढ़ बजे केंद्रों पर प्रवेश द्वार बंद कर दिए गए। परीक्षा देकर निकल रहे परीक्षार्थियों ने बातचीत में बताया कि रासायनिक रिएक्शन काफी कठिन रहे। वहीं, भौतिक विज्ञान के कई प्रश्नों में उलझनों का सामना करना पड़ा।

कुछ छात्रों ने आसान, कुछ ने बताई कठिन परीक्षा

रविवार को मेरठ में नीट (नेशनल एट्रेंस कम एलिजिबिलिटी टेस्ट) परीक्षा देने के लिए बड़ी संख्या में छात्र सैंटरों पर पहुंचे। परीक्षा दोपहर डेढ़ बजे से आरंभ हुई और शाम पांच बजकर बीस मिनट तक चली। परीक्षा देकर बाहर आए कुछ छात्रों ने इसे आसान बताया जबकि कुछ ने काफी कठिन बताया।

मेरठ के रहने वाले अर्सलान खान का कहना है कि उन्होंने अपने घर पर ही परीक्षा की तैयारी की है। तीन से चार घंटे पढ़ाई करते रहे और मेडिकल के छात्रों के लिए यह परीक्षा काफी महत्वपूर्ण होती है। इसके बाद आगे चलकर एमबीबीएस, बीडीएस व बीयूएमएस जैसे कोर्स की तैयारियां करके डाक्टर बना जा सकता है। परीक्षा ठीक हुई है उम्मीद है पास होगें।

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छात्र उवेश अली ने बताया कि मैने एक निजी इस्टीट्यूट से नीट की तैयारी की थी। परीक्षा से पहले रोजना छह घंटे पढ़ाई करता रहा। एग्जाम काफी अच्छा हुआ है, मेरी चैरिटेबल अस्पताल खोलने की तमन्ना है जिससे गरीब जनता को सस्ती या निशुल्क सेवा दे सकूं। साथ ही स्कॉलरशिप मिल जाए तो एमबीबीएस की तैयारी कर सके। परीवार से पूरी सपोर्ट मिलती है।

छात्रा निदा ने बताया कि नीट परीक्षा में आए सवाल काफी आसान थे, बॉयलॉजी तो काफी आसान थी। कोई भी यदि अपनी पूरी तैयारी के साथ आया है तो उसे कोई समस्या नहीं होगी। पेपर काफी अच्छा गया है, एमबीबीएस की तैयारी करनी है। लेकिन यह निर्भर करता है कि हमने किस तरह की तैयारी की है। यह हमारा टैस्ट था कि हमने एक साल में कितनी पढ़ाई की है।

छात्रा कुमकुम ने बताया कि दूसरी बार नीट परीक्षा देने वाली छात्रा ने बताया पिछले साल के मुकाबले इस बार ज्यादा तैयारी की थी। बॉयलॉजी के सवाल काफी आसान थे, लेकिन केमेस्ट्री में आर्गेनिक से जुड़े सवाल कठिन थे जिनसे कुछ समस्या हुई है। लेकिन कुल मिलाकर एग्जाम अच्छा हुआ है। आगे एमबीबीएस की तैयारी करने के लिए यह परीक्षा काफी फायदेमंद होगी।

छात्रा नेहा ने बताया कि निजी शिक्षण संस्थान से नीट की तैयारी की थी, पेपर काफी आसान था। पिछले साल पास नहीं हो सकी थी तो इस बार दोगुनी मेहनत से तैयारी की थी। एमबीबीएस की तैयारी करनी है लेकिन इसमें नेगेटिव मार्किंग भी होती है तो कुछ कह नहीं सकते। परीक्षाफल आने के बाद ही पता चलेगा कि हम भविष्य में आगे क्या करेंगे। वैसे पूरा भरोसा है कि पास जरूर होगी।

नीट यूजी परीक्षा की पूर्व सूचना न होने के कारण रोडवेज नहीं कर पाया तैयारी

रविवार को महानगर के 13 केन्द्रोंं पर आयोजित की गई नीट यूजी परीक्षा में विभिन्न शहरों से 7400 परीक्षार्थी पहुंचे। जिनमें से अधिकांश को निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ा। परीक्षार्थियों को लाने-ले जाने के लिए रोडवेज की ओर से इस अवसर पर कोई अतिरिक्त तैयारी नहीं की गई। जिसके कारण बहुत से परीक्षार्थियों को परेशानी का सामना भी करना पड़ा।

बताया गया है कि मेडिकल कॉलेज में यूजी सीटों पर प्रवेश के लिए नीट यूजी परीक्षा रविवार को जिले में 13 केंद्रों पर संपन्न हुई। शहर में पंजीकृत 7594 परीक्षार्थियों में से 7400 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी, जबकि 194 परीक्षार्थियों ने परीक्षा छोड़ दी। अधिकांश परीक्षार्थियों के परीक्षा केन्द्रों तक पहुंचने का प्रमुख कारण यह रहा कि परीक्षा का समय दोपहर में रखा गया था। दूसरे मौसम भी सामान्य ही रहा है।

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सात हजार से अधिक इन परीक्षार्थियों में अधिकांश पहले से ही महानगर में आ चुके थे। इस संबंध में एआरएम भैंसाली डिपो का कहना है कि कहीं से यात्रियों को परेशानी होने की कोई सूचना नहीं मिली है। रविवार को सामान्य दिनों की भांति यात्रियों की संख्या रहने की खबरें आ रही हैं। सोहराब गेट डिपो से जुड़े कुछ स्थानों पर जरूरत के अनुसार बसें जरूर चलाई गई हैं। उनका यह भी कहना है कि करीब सात हजार परीक्षार्थियों की संख्या बहुत अधिक नहीं मानी जाती, इसी कारण प्रशासन या विभाग की ओर से रोडवेज को कोई जानकारी इस संबंध में नहीं दी गई है।

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