
कार्टोग्राफी का नाम लेते ही जेहन में मानचित्र, ग्लोब और पृथ्वी के विभिन्न इमेज सिनेमा के रील की भांति बड़ी तेजी से गुजरते चले जाते हैं। स्कूल और कॉलेज में देश-दुनिया के विभिन्न प्रकार के मानचित्र और ग्लोब जियोग्राफी के क्लास के अनिवार्य टीचिंग टूल्स में शुमार किए जाते हैं। देश और विदेश में टूरिस्ट्स के अपने डेस्टिनेशन तक पहुंचने में मैप्स की भूमिका को नकारा नहीं जा सकता है। यही कारण है कि हाल के वर्षों में कार्टोग्राफी एक लोकप्रिय करियर आॅप्शन के रूप में स्थापित हो चुका है।
कार्टोग्राफी क्या होता है?
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तकनीकि रूप से मानचित्र और ग्लोब्स बनाने की कला और उनकी स्टडी के प्रैक्टिस को कार्टोग्राफी कहा जाता है और जो प्रोफेशनल इस कला में एक्सपर्ट होते हैं उन्हें कार्टोग्राफर कहा जाता है। इनफार्मेशन टेक्नोलॉजी, जीआईएस और सॅटॅलाइट कम्युनिकेशन के तेजी से विकास के साथ मैप बनाने की कला हाल के वर्षों में काफी सॉफिस्टिकेटेड हो गयी है। मैप स्टैक, नेचुरल अर्थ इत्यादि कार्टोग्राफी सॉफ्टवेयर्स ने कार्टोग्राफर के कार्य को काफी आसान और साइंटिफिक बना दिया है। स्प्रेडशीट, चार्ट्स और डाइग्राम्स से प्राप्त डाटा के आधार पर बिलकुल करेक्ट और उत्कृष्ट मैप निर्माण एक क्रिएटिव आर्ट है जिसमें विभिन्न क्षेत्रों के प्रोफेशनल्स करियर का निर्माण कर सकते हैं और रोजगार पा सकते हैं।
कार्टोग्राफर का जॉब प्रोफाइल
वैसे तो कार्टोग्राफर का मुख्य कार्य जीआईएस और सॅटॅलाइट कम्युनिकेशन की मदद से मैप्स का निर्माण करना होता है लेकिन तकनीक के विकास के साथ इसका दायरा काफी विस्तृत हो चुका है। एक कार्टोग्राफर का मुख्य जॉब प्रोफाइल निम्नांकित होता है –
- नक़्शे, ग्लोब इत्यादि का निर्माण करना।
- नक़्शे के निर्माण में एक्यूरेसी और एग्जैक्टनेस का ध्यान रखना।
- मैप के निर्माण के लिए आवश्यक डाटा और सूचना एकत्र करना।
- संग्रहीत सूचनाओं का विश्लेषण करना।
- डाटा और सूचनाओं के आधार पर नक़्शे, ग्राफ्स, इलस्ट्रेशन और लेआउट के डिजाइन तैयार करना।
- नक्शे को अधिक सूचनाप्रद बनाने के लिए विभिन्न प्रकार के रंगों, संकेतों और स्टाइल्स का उपयोग करना।
शुरुआत कहां से करें
कार्टोग्राफी में करियर की शुरुआत बारहवीं क्लास पास करने के बाद से की जा सकती है। इस डोमेन में करियर बनाने के इच्छुक कैंडिडेट को बारहवीं के बाद कार्टोग्राफी के एक मुख्य सब्जेक्ट के साथ तीन वर्षीय अंडरग्रेजुएट कोर्स करना होता है। कार्टोग्राफी में स्पेशलाइजेशन के लिए कई कोर्स अवेलेबल हैं जिसमें एडमिशन की योग्यताएं अलग-अलग होती है। किन्तु सामान्य रूप से अंडरग्रेजुएट कोर्स के लिए बारहवीं पास या फिर आवश्यक सब्जेक्ट्स के साथ क्वालीफाइंग एग्जामिनेशन क्लियर करना होता है।
मुख्य रूप से कार्टोग्राफी में कोर्स जियोग्राफी में इंटरेस्टेड कैंडिडेट्स के लिए काफी फेवरिट माना जाता है। वैसे कार्टोग्राफी को जियोग्राफी का ही उप-डोमेन सब्जेक्ट माना जाता है लेकिन कुछ एजुकेशनल इंस्टीटूट्स विशेष रूप से कार्टोग्राफी में प्रोग्राम कंडक्ट करती है। कार्टोग्राफी में कुछ मुख्य कोर्स निम्नांकित हैं –
कार्टोग्राफी में सर्टिफिकेशन लेवल कोर्स : तीन महीने से लेकर एक वर्ष की अवधि के इस कोर्स के लिए न्यूनतम योग्यता जियोग्राफी विषय के साथ बारहवीं कक्षा पास की होती है।
डिप्लोमा इन कार्टोग्राफी : दो से तीन वर्ष की अवधि वाला यह कोर्स कार्टोग्राफी में डिप्लोमा लेवल का होता है जिसके लिए मिनिमम एलिजिबिलिटी जियोग्राफी विषय के साथ बारहवीं कक्षा पास की होती है।
ग्रेजुएट लेवल कोर्स
बी.ई जियोइन्फोर्मेटिक्स : चार वर्ष के इस कोर्स के लिए न्यूनतम योग्यता जियोग्रफी विषय के साथ बारहवीं कक्षा पास की होती है।
बी. टेक इन जियोइन्फोर्मेटिक्स: चार वर्ष के इस कोर्स के लिए न्यूनतम योग्यता जियोग्रफी विषय के साथ बारहवीं कक्षा पास की होती है।
जियोग्रफी में बी.एससी / बीए : तीन वर्ष के इस कोर्स के लिए न्यूनतम योग्यता जियोग्राफी विषय के साथ बारहवीं कक्षा पास की होती है।
कार्टोग्राफी में मास्टर लेवल कोर्स
- पोस्टग्रेजुएट डिप्लोमा इन ज्योग्राफिकल कार्टोग्राफी
- जियोग्राफी में एम.ए / एम.एससी
- जियोइन्फोर्मेटिक्स में एम.ई / एम.एससी
- रिमोट सेंसिंग और ज्योग्रफिकल इनफार्मेशन सिस्टम में (जीआईएस ) में एम.टेक
कहां स्टडी करें
- अन्नामलाई यूनिवर्सिटी, चेन्नई
- इंडियन इंस्टिट्यूट आॅफ सवेईंग एंड मैपिंग, हैदराबाद
- इंडियन इंस्टिट्यूट आॅफ टेक्नोलॉजी, मुंबई
- जामिया मिलिया इस्लामिया, दिल्ली
- एमएस यूनिवर्सिटी, वड़ोदरा
- नार्थ ओडिशा यूनिवर्सिटी, बड़ीपाड़ा
- ओस्मानिया यूनिवर्सिटी, हैदराबाद
- पंडित रविशंकर यूनिवर्सिटी, रायपुर
- सैम हिग्गिनबोटोम इंस्टिट्यूट आॅफ एग्रीकल्चर, इलाहाबाद
अनिवार्य स्किल्स - लेबोरेटरी वर्क के साथ फील्ड जॉब में कठिन मिहनत करने की तत्परता
- डाटा एनालिसिस, फोटोग्राफी और स्पेसिअल और एरियल एप्टीट्यूड में कुशलता
- तार्किक सोच और क्रिएटिविटी पावर
- इमेजिनेशन पावर, वैज्ञानिक, कलात्मक और तकनीकी कुशलता
- कंप्यूटर, मैथमेटिक्स, स्टेटिस्टिक्स, स्केचिंग और डिजाइन में कुशलता
- डिजिटल मैपिंग और वेब मैप्स में उच्च स्तर की प्रवीणता
- विभिन्न स्रोतों से प्राप्त डाटा की शुद्धता के बारे में जागरूकता
कार्टोग्राफी में करियर और जॉब्स कहाँ हैं
- इसके अतिरिक्त एक कार्टोग्राफर कई डोमेन्स में निम्न पोस्ट के लिए रोजगार पा सकते हैं –
- ज्योग्राफिकल इन्फॉर्मैशन सिस्टम (जीआईएस) के स्पेशलिस्ट्स और प्रोफेशनल्स
- प्रशिक्षित कार्टोग्राफर प्रोफेशनल्स
- एनालिस्ट, इंटरप्रेटर और वैज्ञानिक
- एजुकेशनल इंस्टिट्यूट्स में टीचर, इंस्ट्रक्टर, असिस्टेंट प्रोफेसर, प्रोफेसर, रिसर्चर
- पर्यटन उद्योग में भी कार्टोग्राफर अपने भविष्य की तलाश कर सकते हैं और टूअरिस्ट्स और यात्रियों की उनकी जरूरत के हिसाब से नक़्शे तैयार कर सकते हैं।
वैसे हाल के वर्षों में कार्टोग्राफी के डोमेन का सेल्फ-एम्प्लॉयमेंट और फ्रीलान्स बिजनेस के रूप में भी तेजी से विकास हुआ है। कार्टोग्राफी के एक्सपर्ट्स खुद के बिजनेस स्थापित कर सकते हैं और खुद के असिस्टेंस के लिए अन्य कार्टोग्राफी प्रोफेशनल्स को भी अपॉइंट कर सकते हैं।
इस तरह से कार्टोग्राफर एक लुक्रेटिव करियर का प्रारंभ कर सकते हैं। फ्रीलांसर के रूप में कार्टोग्राफी प्रोफेशनल्स का कार्य करने का फैशन और भी तेजी से विकसित हो रहा है। व्यक्तिगत तौर पर अपने कई क्लाइंट्स के लिए अपनी शर्तों और सुविधाओं के मुताबिक कार्य करने के सिस्टम में भी करियर का आगाज किया जा सकता है।
मुख्य नियोक्ता
- सरकारी क्षेत्र के अंतर्गत डिफेन्स और मिलिट्री डिपार्टमेंट्स
- केंद्र और राज्य सरकारों के अंतर्गत नेशनल इन्फॉर्मैटिक्स सेंटर, शहरी, ग्रामीण और ट्राइबल डेवलपमेंट मंत्रालय, सेंसस, पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट, आर्किटेक्चर, लैंड मैनेजमेंट, आर्किटेक्चर, वाटर सप्लाई, पावर सप्लाई कंपनी, ट्रैफिक मैनेजमेंट, कंस्ट्रक्शन, एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग, हाउसिंग सेक्टर, टेलीकम्यूनिकेशन, ट्रांसपोर्ट, एविएशन, जियोलॉजिकल, सवेईंग कंपनी इत्यादि।
- टूरिज्म सेक्टर
- हायर एजुकेशनल और रिसर्च इंस्टिट्यूट्स
- इंडियन स्पेस एंड रिसर्च आर्गेनाइजेशन (इसरो), नासा, यूनाइटेड नेशंस आर्गेनाइजेशन
नेशनल सर्वे एंड मैपिंग आर्गेनाइजेशन
साइंस और स्पेस टेक्नोलॉजी के साथ सिविलाइजेशन के तेज रफ़्तार से विकसित होती हुई मॉडर्न दुनिया में कार्टोग्राफी के डोमेन में भी नई संभावनाएं तेजी से अंकुरित हो रही हैं। जाहिर है आनेवालो दशकों में कार्टोग्राफी का क्षेत्र बेशुमार जॉब्स और करियर आॅप्शंस से भरा हुआ होगा।
-श्रीप्रकाश शर्मा


