जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: भ्रामक प्रचार कर खुद को पूरी दुनिया के डेंटिस्टों द्वारा सुझाया और विश्व का नंबर वन सेंसिटिविटी टूथपेस्ट बताने वाले सेंसोडाइन टूथपेस्ट पर केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) ने 10 लाख का जुर्माना लगाया है। उसे इन विज्ञापनों को सात दिन के भीतर टीवी, ओटीटी, यूट्यूब, सोशल मीडिया आदि सभी माध्यमों से हटाने को भी कहा है। मंगलवार को जारी सूचना में कहा गया कि सेंसोडाइन कंपनी ने उपभोक्ताओं को भ्रामक विज्ञापन दिए।
इससे पहले 9 फरवरी को भी सेंसोडाइन को विदेशी डेंटिस्टों से प्रचार करवा रहे विज्ञापन रोकने के लिए कहा गया था। सीसीपीए प्रमुख निधि खरे ने बताया कि सेंसोडाइन के उत्पादों पर स्वत: संज्ञान लेकर यह ताजा कार्रवाई की गई। इन विज्ञापन के अनुसार ब्रिटेन सहित दूसरे देशों के डेंटिस्टों ने सेंसोडाइन रैपिड रिलीफ और सेंसोडाइन फ्रेश जेल को दांतों की सेंसिटिविटी के लिए उपयोग करने की सिफारिश की है।
सर्वे भारत में हुए, इन्हें विदेशी डेंटिस्टों की राय माना…कंपनी ने अपने बचाव में दो मार्केट सर्वे दिए। पड़ताल में सामने आया कि यह सर्वे भारत में डेंटिस्टों पर हुए थे, लेकिन इनके आधार पर विदेशी डेंटिस्टों की राय जाहिर कर दी गई। सीसीपीए ने माना कि कंपनी कोई पुख्ता अध्ययन या सामग्री अपने दावे की पुष्टि के लिए नहीं दे पाई।
अब तक 13 कंपनियों ने विज्ञापन रोके
सीसीपीए की सख्ती से अब तक 13 कंपनियों ने भ्रामक विज्ञापन रोके हैं। 3 अन्य ने विज्ञापन सुधारे।
60 सेकंड में आराम’ की भी जांच
सेंसोडाइन का एक और दावा था कि उसके उत्पाद से 60 सेकंड में आराम की पुष्टि चिकित्सकों ने की है। सीसीपीए ने भारत के औषधि महानियंत्रक और केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन को जांच के लिए कहा। संगठन ने कंपनी को कॉस्मेटिक लाइसेंस जारी करने वाले सिलवासा स्थित अपने सहायक औषधि नियंत्रक से जांच शुरू करवाई, जो अभी
जारी है।

