- नालियों का बदबूदार पानी घुस रहा घरों में, उठा रहीं भयंकर सड़ांध
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: नगर निगम के पार्षदों के कार्यकाल को पांच वर्ष का समय दिसंबर में पूरा हो जायेगा, लेकिन पिछले पांच सालों में कुछ पार्षद अपने क्षेत्रों पांच बड़े कार्य भी नहीं करा पाये हैं। वार्ड-77 की ही बात की जाये तो यहां कई क्षेत्र विकास कार्यों से अछूते हैं, यहां की जनता परेशान है। नालियों का पानी घरों में घुसता है। बावजूद इसके समस्याओं का समाधान नहीं होता। विकास कार्यों का गुणगान तो खूब होता है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ ओर ही है। यहां एक भी कार्य ऐसा नहीं है। जिसे देखकर कहा जा सके कि यहां कार्य हुआ है।
यहां निगम प्रशासन ने भी कार्यों को कराने में खूब भेदभाव किया। भाजपा पार्षदों के क्षेत्र में तो खूब कार्य हुए, लेकिन बसपा व अन्य पार्टियों के पार्षदों के क्षेत्र में कार्य ही नहीं हो पाये। कहीं पर करोड़ों के कार्य हुए तो कहीं लाखों तक संख्या नहीं पहुंची। अब कार्य काल खत्म होने को है और अभी तक आधे से ज्यादा वार्डों में नालियां, खड़ंजे टूटे पड़े हैं। नगर निगम ने खूब भेदभाव किया कार्य कराने में यह हम नहीं यह बाते खुद निगम के पार्षदों ने कहीं है। वार्ड-77 में लक्खीपुरा क्षेत्र आता है और यहां वार्ड में विकास कार्यों की हालात पूरी तरह से खराब है।
बैठकों में हंगामों के भेंट चढ़े विकास कार्य
वार्ड-77 की पार्षद जेबुनिसा के बेटे शहजाद ने बताया कि पिछले पांच सालों में कुछ समय कारोना के कारण खराब हुआ तो अधिकांश बैठकें हंगामों की भेंट चढ़ गई। मीटिंग न होने के कारण कई गलियों का कार्य रुका है। डूडा की ओर से भी कोई कार्य नहीं हुआ। गली नंबर-21, 22, 23, 24, 25 और 26 में भी काफी कार्य अटके हुए हैं। बैठकें समय पर न होने के कारण कोाई कार्य नहीं हो पाया।
नालियों का नहीं हुआ निर्माण
वार्ड-77 के लक्खीपुरा निवासी अमरेज अब्बासी ने बताया कि क्षेत्र में पिछले पांच सालों की बात करें तो न के बराबर ही कार्य हुए है। यहां नालियों का निर्माण नहीं हो पाया है। जिस कारण नालियों का पानी सड़कों पर बहता रहता है। नालियों का पानी सड़कों पर बह रहा है, लेकिन इन्हें ठीक नहीं कराया गया है। लक्खीपुरा की गलियां इतनी तंग है कि यहां निकलना तक मुश्किल हो जाता है ऐसे में नालियों की सफाई न होना बड़ी समस्या है।
सही नहीं है सीवरेज सिस्टम
क्षेत्रीय नागरिक छोटू मलिक ने बताया कि यहां कोई सीवरेज सिस्टम नहीं है सारा पानी नालियों में ही बहता है। जिस कारण समस्या और भी अधिक बढ़ जाती है। गलियों के बाहर कूड़ा सड़कों पर खुलेआम फेंका जाता है जिस कारण समस्या और भी अधिक बढ़ जाती है। आस पास के लोगों को इसके लिये काफी परेशान होना पड़ता है। क्षेत्र की कई गलियां ऐसी हैं कि यहां कोई कार्य नहीं हुआ है। जिस कारण लोग भारी परेशानी उठा रहे हैं।
नहीं उठता कूड़ा, फैली है गंदगी
क्षेत्रीय नागरिक रहीसुद्दीन ने बताया कि नगर निगम घर-घर के बाहर से कूड़ा उठाने की बात कह रहा है, लेकिन पिछले पांच साल में यहां लक्खीपुरा की गली नंबर-21, 23, 22 समेत सभी गलियों के बाहर रोजना कूड़े का ढेर लग जाता है। गंदगी के कारण यहां बुरा हाल रहता है, लेकिन कोई न तो देखने वाला है और न ही कोई सुनने वाला है। कई बार क्षेत्रीय पार्षद को भी अवगत कराया जाता है, लेकिन कोई सुनवाई होती नजर नहीं आती है। जिस कारण क्षेत्र की जनता को परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

