- प्रदेश सरकार ने पश्चिमी यूपी को बजट में दी जगह
- हवाई पट्टी का सपना भी होता दिखाई दे रहा अब साकार
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: प्रदेश सरकार ने पश्चिमी यूपी को बजट में जगह दी हैं। हवाई पट्टी का सपना भी अब साकार होता दिखाई दे रहा हैं। हवाई पट्टी का चयन 4.1 स्कीम में कर लिया गया है, जिसका जिक्र यूपी के बजट में किया गया है। लंबे समय से हवाई पट्टी को उड़ान भरने का इंतजार था।
रैपिड रेल के लिए 1306 करोड़ यूपी सरकार ने दिये हैं। रैपिड रेल भी मेरठ के विकास में मील का पत्थर साबित होगी। दिल्ली की कनेक्टिविटी आसान होगी। आम आदमी भी दिल्ली से पहुंच बना सकेगा। ग्रीन फील्ड डेरी प्लांट की घोषणा भी की गई हैं, जिसका निर्माण भी वेस्ट यूपी में किया जाएगा। एक तरह से यूपी सरकार ने बजट में पश्चिमी यूपी को बहुत कुछ दिया, लेकिन और भी अभी जरूरत है।
परतापुर और मोदीपुरम के बीच रैपिड रेल के ट्रैक पर ही लाइट मेट्रो भी दौड़ेगी। इसका प्रावधान किया गया है। यूपी सरकार के बजट में लाइट मेट्रो के लिए बजट दिया गया है। पूरे प्रदेश के लिए लाइट मेट्रो को 100 करोड़ रुपये दिए हैं, जिसमें मेरठ भी शामिल है। इसके अलावा गंगा एक्सप्रेस-वे के लिए 695.35 करोड़ दिए हैं। इसमें मेरठ के बिजौली से गंगा एक्सप्रेस-वे की शुरुआत होगी, जिसमें मेरठ जनपद के नौ गांव ऐसे हैं, जहां पर एक 81 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण भी किया जा चुका है।

गंगा एक्सप्रेस-वे की लंबाई 594 किमी होगी। इस गंगा एक्सप्रेस-वे को आईआरबी इंफ्रा कंपनी तैयार करेगी। गंगा एक्सप्रेस-वे के निर्माण से मेरठ की सूरत भी बदलेगी। मेरठ के विकास को पंख लगेंगे। ऐसा विशेषज्ञों का मानना हैं। इसमें दो राय नहीं। ग्रीन फील्ड डेरी प्लांट के लिए 779 करोड़ रुपये सरकार ने बजट में रखे हैं। ग्रीन फील्ड डेयरी का प्लांट भी मेरठ में ही स्थापित किया जाएगा। यह डेयरी उत्पादकों के लिए उपलब्धि भरा होगा। इसके अलावा दिल्ली-मेरठ-गाजियाबाद कॉरिडोर का निर्माण के लिए 1306 करोड़ रुपये का बजट में प्रावधान किया गया है।
यह कॉरिडोर भी विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगा। यही नहीं, हवाई पट्टी को उड़ान योजना स्कीम 4.1 के तहत चयन कर लिया गया है। इसका ऐलान भी यूपी सरकार ने बजट में किया है। परतापुर हवाई पट्टी के पास 40 एकड़ जमीन पहले थी, जिसमें 2014 में 86 एकड़ भूमि खरीद कर एयरपोर्ट आॅथर्टी को दे दी गई थी। वर्तमान में यहां से उड़ान योजना स्कीम के तहत जल्दी मेरठ के लोगों को हवाई पट्टी से हवाई यात्रा करने का मौका मिलेगा। 500 किमी की दूरी तक हवाई यात्रा करीब दो से ढाई हजार में तय की जा सकेगी।
क्योंकि प्रदेश सरकार ने बजट में भी इसकी घोषणा कर दी है। रैपिड रेल का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। शहर में सुरंग बनाने का काम भी गति पकड़ रहा है। ऐसे में प्रदेश सरकार ने बजट में 1306 करोड़ रुपये रैपिड रेल के निर्माण को गति देने के लिए दिए हैं। यही नहीं, सरधना के सलावा गांव में बनने वाले खेल विश्वविद्यालय को 50 करोड़ का यूपी सरकार ने दिये हैं, जिसका बजट में उल्लेख किया गया है।
अब खेल विश्वविद्यालय का सपना जल्दी साकार होता नजर आएगा। यह मेरठ के लिए भी बड़ी उपलब्धि भरा है। खेल प्रतिभाओं को यहां निखरने का मौका मिलेगा। मेरठ में कमांडों सेंटर के लिए भी 42 लाख रुपये बजट में यूपी सरकार ने देने का ऐलान किया है। मेरठ के लिए कमांडो सेंटर जल्द आकार लेगा। यह भी मेरठ के लिए उपलब्धि भरा रहेगा।
योगी सरकार ने किए लघु सिंचाई योजना के लिए 1000 करोड़ रुपये आवंटित
मेरठ: योगी सरकार द्वारा यूपी के इतिहास का सबसे बड़ा बजट पेश कर दिया गया है। जिसमें किसानों का खास ख्याल रखा गया है। छह लाख करोड़ से ज्यादा के इस बजट में सिंचाई की समस्याओं से निपटने के लिए सरकार द्वारा मुख्यमंत्री लघु सिंचाई योजना के लिए एक हजार करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
बता दें कि यूपी के इतिहास में अब तक ये सबसे बड़ा बजट है। छह लाख करोड़ से ज्यादा के इस बजट में सिंचाई, बीजों के वितरण से लेकर धान क ी खरीदारी तक के लिए धनराशि आवंटित क ी गई है। वहीं, बिजली संकट के चलते किसानों के खेतों की सिंचाई बाधित न हो इसके लिए सरकार द्वारा सोलर पंपों की स्थापना को लेकर भी कई अहम् फै सले लिए हैं।
जिसमें लगभग 15 हजार सोलर पंपों की स्थापना का लक्ष्य है। बताते चलें कि किसानों की मौत या दिव्यांगता की दशा में अधिकतम पांच लाख रुपये देने का प्रावधान है। इस योजना के लिए बजट में 650 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। वहीं, कृषकों को सिंचाई के लिए ऊर्जा प्रबंधन के अर्न्तगत प्रधान मंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान योजना के अर्न्तगत सोलर पंपों की स्थापना कराने का अहम् फैसला लिया गया है।
वहीं, किसानों को बेहतर सुविधा प्रदान करने एवं उनकी आय में इजाफा करने के लिए 60.20 लाख बीजों का वितरण किया जाना प्रस्तावित है। इसके साथ-साथ फ सलों की पैदावार बढ़ाने के लिए 119.30 लाख मीट्रिक टन उर्वरक वितरण किया जाना भी प्रस्तावित है। इसके अलावा राजकीय नलकूपों एवं लघु डाल नहरों द्वारा कृषकों को मुफ्त सिंचाई की सुविधा मुहैया कराई जाएगी।
सरकार द्वारा किसानों के हित में कदम उठाते हुए धान कामन का समर्थन मुल्य 1940 रुपये प्रति कुंतल एवं धान गे्रड ए का समर्थन मुल्य 1960 रुपये प्रति कुंतल निर्धारित किया गया है। इसके अलावा गेहूं का समर्थन मुल्य 2015 रुपये प्रति कुंतल रहेगा। योगी सरकार के इस बजट से किसानों को काफी राहत महसूस होगी।

