- राज्यमंत्री दिनेश खटीक के आवास पर दर्द किया बया
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: यह सरकार के किसी भी मंत्री के लिये किरकिरी करने वाली बात होगी कि उसके क्षेत्र के पीड़ित को वो सही होने के बाद भी न्याय न दिला पाये। टेंट व्यापारी बिरजू के मामले में राज्य मंत्री का गंगानगर थाने जाना और इंस्पेक्टर से बहस के बाद भी आरोपी सिपाही के खिलाफ रिपोर्ट न दर्ज होने से अकेले राज्य मंत्री की ही किरकिरी नहीं हुई बल्कि भाजपा सरकार की भी किरकिरी हुई है कि जब पुलिस एक राज्यमंत्री की नहीं सुन सकती है
फिर आम नागरिक का क्या हाल होगा। डिप्टी सीएम ने राज्यमंत्री के दर्द को सुना, लेकिन मीडिया के सामने कुछ भी बोलने से परहेज किया। आखिर क्यों? एक यक्ष प्रश्न भाजपाइयों ने यह उठाया कि क्रॉस रिपोर्ट दर्ज करवाले वाले सिपाही आकाश को चार दिन बाद लूट की याद कैसे आई। क्या पुलिस विभाग ने सिपाही की बात भी चार दिन तक नहीं सुनी।
एक टेंट व्यापारी के साथ सिपाही की मारपीट के मामले में भले ही तमाम दबाव के बाद राज्य मंत्री दिनेश खटीक के कहने पर सिपाही के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई हो, लेकिन जिस तरह से क्रॉस रिपोर्ट दर्ज की गई उसको लेकर भाजपाइयों में खासा आक्रोश है। रविवार को राज्यमंत्री के गंगानगर स्थित आवास पर भाजपाइयों ने डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य से कहा कि मेरठ की पुलिस निरंकुश हो गई है और गरीब और कमजोर लोगों की सुनवाई नहीं हो रही है। डिप्टी सीएम ने कहा कि उनके संज्ञान में इस तरह की बातें आ गई है और वो इस संबंध में वार्ता करेंगे।

भाजपा महानगर अध्यक्ष मुकेश सिंघल, जिलाध्यक्ष विमल शर्मा, किठौर के पूर्व विधायक सत्यवीर त्यागी की मौजूदगी में कमल दत्त शर्मा ने डिप्टी सीएम से कहा कि पुलिस निरंकुश हो गई है और भाजपा के मंत्री की जब नहीं सुनी जा रही फिर आम कार्यकर्ता की कौन सुनेगा? वहां मौजूद भाजपा नेताआें ने कहा कि आखिर क्रॉस रिपोर्ट दर्ज करने की क्या जरूरत थी।
क्या सिपाही को चार दिन बाद पता चला कि उसके साथ लूट हुई है। भाजपा नेताओं ने तमाम घटनाओं का जिक्र किया और कहा कि एक दो अधिकारियों को छोड़कर बाकी अधिकारी निरंकुश होते जा रहे हैं। डिप्टी सीएम ने भाजपा नेताआें की बातें सुनने के बाद कहा कि राज्य मंत्री प्रकरण उनकी जानकारी में है और लखनऊ पहुंच कर इस संबंध में वार्ता करेंगे।

