- 10वीं में श्रेयांश और 12वीं में सौरभ रहे जिला टॉपर
- 91.84 प्रतिशत रहा मेरठ का परीक्षा परिणाम, प्रदेश में रहा नौवें स्थान पर
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: यूपी बोर्ड परीक्षा परिणाम का बेसब्री से इंतजार कर रहे छात्र-छात्राओं के भाग्य का फैसला शनिवार को हो गया। 10वीं का परिणाम 2 बजे तो 12वीं का 4 बजे जारी किया गया। वहीं पिछले साल की तुलना में मेरठ का परीक्षा परिणाम और सुधरा है। हालांकि यूपी 25 की लिस्ट में इस वर्ष मेरठ से कोई छात्र नहीं है। परिक्षेत्रिय कार्यालय की बात करे तो अलीगढ़ के एक छात्र ने इस लिस्ट में अपना नाम शामिल किया है।
इस वर्ष का परीक्षा परिणाम 91.52 प्रतिशत पर सिमट गया। 10वीं की बात करे तो सैनिक बिहार से श्रेयांश ने 93.83 प्रतिशत अंक पाकर जिला टॉप किया है और 12वीं में रिठानी के सौरभ कुमार 90.60 प्रतिशत के साथ जिले में प्रथम स्थान बनाया। वहीं 10वीं में दूसरे स्थान पर सवी विनीता यादव तो 12वीं में विश्वेंद्र कुमार रहे। तीसरे स्थान की बात करे तो 10वीं में मोहित सैनी और 12वीं में सानिया रही। 10वीं और बारहवप्ीं की परीक्षा इस वर्ष जिले के 108 केंद्रों पर 24 मार्च से 13 अप्रैल के बीच आयोजित की गई थी।
10वीं और 12वीं में मेरठ परिक्षेत्रिय बोर्ड कार्यालय से 10,32,972 छात्र-छात्राएं पंजीकृत थे। मेरठ की बात करे तो 10वीं में 91.84 और 12वीं में 88.28 प्रतिशत छात्र पास हुए है। 12वीं में मेरठ से 36,003 और 10वीं में 34,175 छात्र-छात्राएं शामिल हुए थे।
लड़कियों ने फिर मारी बाजी
इस वर्ष का परीक्षा परिणाम 88 प्रतिशत रहा है। गत वर्षो की भांति इस वर्ष भी लड़कियों ने बाजी मारी है। 10वीं की परीक्षा में कानपुर के प्रिंस पटेल पहले स्थान पर रहे है तो दूसरे स्थान पर दो छात्राएं संस्कृति किरन रही है। कन्नौज के अनिकेत शर्मा ने तीसरा स्थान प्रदेश में प्राप्त किया है। 12वीं में भी लड़कियों ने बाजी मारी है और परिणाम 82.18 प्रतिशत रहा है।
इस बार शहर की रौनक से नहीं गांव से निकली प्रतिभाएं
कहते हैं इतिहास खुद को दोहराता है और वक्त उस पर अपनी मुहर लगा देता है। तेजी से बढते शहरीकरण के कारण गांवों की प्रतिभाओं का पलायन शहरों की तरफ हो रहा था। शुरुआती वर्षों में इसके सकारात्मक परिणाम ही देखने को मिले, लेकिन पिछले कुछ सालों से ग्रामीण क्षेत्र की प्रतिभाओं ने इस मिथक को तोड़ दिया है और साबित कर दिया कि अच्छे अंक लाने के लिये शहरों की चकाचौंध नहीं बल्कि सच्ची लगन और अनुशासित पढ़ाई जरूरी होती है। यही कारण है इस बार हाईस्कूल और इंटर की टॉप टेन मेरिट लिस्ट में ऐसे स्कूलों के छात्र-छात्राओं का वर्चस्व दिखा जिनके बारे में लोग कम जानते थे।
मवाना के मीवा गांव की रहने वाली सवी विनीत यादव जनपद में हाईस्कूल में दूसरे नंबर पर रही। बेहद सरल और पाजिटिव सोच वाली इस छात्रा का यह कहना कि पिता खेती करते हैं और पढ़ाई के लिये प्रेरित करते थे। इस कारण बिना टयूशन के सात घंटे रोज पढ़कर सफलता हासिल की। इस छात्रा ने कभी नहीं सोचा कि अगर शहर में पढ़ते तो और अच्छा होता। गांव की मिट्टी की सोंधी महक और शुद्ध पर्यावरण भी सपलता का कारण बनकर सामने आया है। मवाना के पड़ोसी कस्बे हस्तिनापुर के मिर्जापुर गांव निवासी मानसी राजपूत छठे स्थान पर रही और उसका भी यही कहना था कि मन में सच्ची लगन हो और दृष्टिकोण साफ हो तो सफलता तो मिलेगी।

बीएसएस कालेज शाहजहांपुर की अनुशा छठवें नंबर, किठौर पब्लिक इंटर कालेज के समीर सातवें, संस्कार इंटर कालेज मीवा मवाना की मानसी, आदर्श इंटर कालेज दुल्हेड़ा जानी के मोहित सैनी तीसरे नंबर पर आये। जहां तक इंटर की बात है एसएसएस इंटर कालेज के रासना की अंजना पांचवे,अलफलाह कालेज किठौर के सयान छठे, कृषक इटर कालेज मवाना के अनुभव आठवे, जानी की सीएलएम इंटर कालेज की आसमा खान दसवें स्थान पर रही। इंटर में भले ही शहरी क्षेत्र के स्कूलों के छात्र छात्राओं ने हिस्सा बांटा हो, लेकिन हाईस्कूल में ग्रामीण क्षेत्र के स्कूलों के बच्चों ने नई इबारत लिख दी है।
एक परंपरा रही थी कि शहर के एसडी सदर, बीके माहेश्वरी आदि स्कूलों से बच्चे मेरिट में आते थे। इस बार ग्रामीण क्षेत्र की प्रतिभाओं ने अपनी दावेदारी मजबूत की है। दरअसल, शहर के कल्चर और देहात के कल्चर में अभी भी काफी फर्क देखा जा सकता है और खेती करके अपने बच्चों को आगे बढ़ाने का सपना देखने वाले उन मां-बाप के लिये आज का दिन गौरवशाली साबित हुआ ।
10वीं में नौवां और 12वीं में मेरठ को मिला 21वां स्थान
यूपी बोर्ड की ओर से 10वीं और 12वीं का परीक्षा परिणाम जारी कर दिया गया है। प्रदेश की बात करे तो इस वर्ष मेरठ जिला 10वीं में नौवें तो 12वीं में 21वें स्थान पर रहा है। 10वीं में 91.84 तो 12वीं में 88.28 प्रतिशत छात्र-छात्राएं इस वर्ष पास हुए है। गत वर्ष की भांति जहां इस वर्ष 10वीं का परिणाम बेहतर आया हैं। वहीं, 12वीं के पासिंग प्रतिशत में गिरावट दर्ज की गई है।
शिक्षाधिकारियों की माने तो परिणाम विद्यार्थियों को फील गुड कराने वाला है। दो साल कोरोना की वजह से छात्र-छात्राओं को आॅनलाइन पढ़ाई का सहारा लेना पड़ा था। गत वर्ष बोर्ड की ओर से परीक्षा भी आयोजित नहीं की गई थी और छात्र-छात्राओं को नौवीं और 11वीं के अंकों के आधार पर अगली कक्षा में प्रमोट कर दिया गया था। बोर्ड सचिव राणा सहस्त्रांशु कुमार सुमन ने बताया कि मेरठ क्षेत्रिय बोर्ड कार्यालय की बात करे तो मेरठ क्षेत्रिय बोर्ड कार्यालय का 10वीं में प्रदेश में तीसरा तो 12वीं में 21वां स्थान रहा है। पहले नंबर की बात करे तो 10वीं में गौतमबुद्धनगर प्रदेश में अव्वल रहा है और दूसरे स्थान पर गाजियाबाद।
कक्षा 10वीं में 89.73 और 12वीं का रिजल्ट 84.98 प्रतिशत रहा
यूपी बोर्ड परिणाम में इस वर्ष प्रदेश के टाप-10 में मेरठ क्षेत्रीय कार्यालय से केवल एक छात्र अलीगढ़ से रहा है। ओवरआल परिणाम में कक्षा 10वीं में मेरठ परिक्षेत्र प्रदेश में पहले स्थान पर तो 12वीं में चौथे स्थान पर रहा। मेरठ क्षेत्रीय कार्यालय के अंतर्गत आने वाले चार मंडलों के 17 जिलों का कुल रिजल्ट कक्षा 10वीं में 89.73 प्रतिशत और कक्षा 12वीं का रिजल्ट 84.98 प्रतिशत रहा। इसके बाद बरेली, गोरखपुर, प्रयागराज व वाराणसी का रिजल्ट रहा है, वहीं कक्षा 12वीं में पहले स्थान पर बरेली का रिजल्ट 86.94 प्रतिशत है। इसी क्रम में प्रयागराज, गोरखपुर, मेरठ और वाराणसी का रिजल्ट रहा।
10वीं में टाप-10 में 12वीं में खिसका मेरठ जिला
यूपी बोर्ड के रिजल्ट में कक्षा 10वीं का रिजल्ट प्रदेश के टाप-10 में है लेकिन 12वीं का रिजल्ट टाप-20 में भी स्थान नहीं बना सका। 10वीं का रिजल्ट प्रदेश में 91.84 प्रतिशत के साथ नौवें स्थान पर रहा. वहीं मेरठ परिक्षेत्र का गौतमबुद्धनगर जिला 95.58 प्रतिशत रिजल्ट के साथ प्रदेश में पहले स्थान पर रहा। प्रदेश के टाप-10 हाईस्कूल रिजल्ट वाले जिलों में मेरठ परिक्षेत्र के मेरठ और गौतमबुद्धनगर के अलावा गाजियाबाद, आगरा, शामली और हापुड़ जिलों का रिजल्ट है। वहीं 12वीं में मेरठ 88.28 प्रतिशत रिजल्ट के साथ 21वें स्थान पर खिसक गया है। 12वीं के टाप-10 में मेरठ परिक्षेत्र से गाजियाबाद का ही रिजल्ट है, जो 92.12 प्रतिशत है।
बालिकाओं से 10 प्रतिशत पीछे रहे बालक
मेरठ परिक्षेत्र के रिजल्ट में बालिकाओं से बालक करीब 10 प्रतिशत तक पीछे रहे। कक्षा 12वीं में बालिकाओं का रिजल्ट 91.80 प्रतिशत रहा और बालकों का रिजल्ट 80.01 प्रतिशत ही रहा। कक्षा 10वीं में भी मेरठ परिक्षेत्र में बालिकाओं का रिजल्ट 94.32 प्रतिशत और बालकों का रिजल्ट 86.37 प्रतिशत ही रहा।

