जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यसभा के लिए मनोनीत किए जाने पर पीटी उषा, वी. विजयेंद्र प्रसाद गारू, वीरेंद्र हेगड़े और इलैया राजा को बधाई दी है।
प्रधानमंत्री ने पीटी उषा के लिए लिखा, “पीटी उषा जी हर भारतीय के लिए एक प्रेरणा हैं। खेलों में उनकी उपलब्धियों को व्यापक रूप से जाना जाता है, पिछले कई वर्षों में नवोदित एथलीटों का मार्गदर्शन करने के लिए उनका काम उतना ही सराहनीय है। उन्हें राज्यसभा के लिए मनोनीत किए जाने पर बधाई।”
The remarkable PT Usha Ji is an inspiration for every Indian. Her accomplishments in sports are widely known but equally commendable is her work to mentor budding athletes over the last several years. Congratulations to her on being nominated to the Rajya Sabha. @PTUshaOfficial pic.twitter.com/uHkXu52Bgc
— Narendra Modi (@narendramodi) July 6, 2022
पीटी उषा ने 1984 ओलंपिक खेलों में चौथा स्थान हासिल किया था। इसके बाद से वो पूरे देश में लोकप्रिय हो गईं। 1986 के सिओल एशियाई खेलों में उन्होंने चार गोल्ड मेडल जीते थे। 400 मीटर की बाधा दौड़, 400 मीटर की रेस, 200 मीटर और 4 गुणा 400 की रेस में उषा ने स्वर्ण पदक जीते। 100 मीटर की रेस में वो दूसरे नंबर पर रहीं। 1983 में उन्हें अर्जुन अवॉर्ड दिया गया था। 1985 में उन्हें देश के चौथे सबसे बड़े नागरिक सम्मान पद्मश्री से सम्मानित किया गया।
वी. विजयेंद्र प्रसाद गारू को राज्यसभा के लिए मनोनीत किए जाने पर उन्होंने लिखा, “वी. विजयेंद्र गारू दशकों से रचनात्मक दुनिया से जुड़े हुए हैं। उनकी रचनाएं भारत की गौरवशाली संस्कृति को प्रदर्शित करती हैं और विश्व स्तर पर अपनी पहचान बना चुकी हैं। उन्हें राज्यसभा के लिए मनोनीत किए जाने पर बधाई।”
विजयेंद्र प्रसाद गारू बाहुबलि, आरआरआर, बजरंगी भाईजान, राउडी राठौड़, मणिकर्णिका- द क्वीन ऑफ झांसी और मार्शल जैसी फिल्मों की कहानी लिखी है। 2016 में बजरंगी भाईजान के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ कहानी के लिए फिल्मफेयर अवॉर्ड भी मिला था। इसके अलावा उन्होंने अर्धांगिनी, रांझणा और श्रीवल्ली जैसी फिल्मों का निर्देशन भी किया है।
राज्यसभा के मनोनीत तीसरे सदस्य के लिए प्रधानमंत्री ने लिखा- “वीरेंद्र हेगड़े जी उत्कृष्ट सामुदायिक सेवा में सबसे आगे हैं। मुझे धर्मस्थल मंदिर में प्रार्थना करने और स्वास्थ्य, शिक्षा और संस्कृति के क्षेत्र में उनके द्वारा किए जा रहे महान कार्यों को देखने का अवसर मिला है। वह निश्चित रूप से संसदीय कार्यवाही को समृद्ध करेंगे।”
वीरेंद्र हेगड़े धर्माधिकारी रत्नवर्मा हेगड़े के सबसे बड़े बेटे हैं। वे कर्नाटक के दक्षिण कन्नड़ जिले में स्थित श्री धर्मस्थल मंजुनाथ स्वामी मंदिर के अनुवांशिक ट्रस्टी हैं। जैन समुदाय से होने के बावजूद वीरेंद्र हेगड़े का परिवार कई हिंदू समुदाय के मंदिरों का बी ट्रस्टी है। वीरेंद्र हेगड़े दिगंबर जैन समुदाय से आते हैं। उनके तीन छोटे भाई- हर्षेंद्र, सुरेंद्र और राजेंद्र हैं। इसके अलावा उनकी एक बहन पद्मलता भी हैं। वीरेंद्र हेगड़े की पत्नी पद्मवती हेगड़े हैं। उनकी एक बेटी है, जिसका नाम श्रद्धा है।
वीरेंद्र हेगड़े को जैन समुदाय की करीब छह सौ साल पुरानी परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए जाना जाता है। इतना ही नहीं कला और संस्कृति के प्रचार में भी उनका अहम योगदान रहा है। नैचुरोपैथी, योगा और नैतिक शिक्षा के प्रसार के लिए धर्मस्थल से जुड़े 400 हाईस्कूल और प्राइमरी टीचर हर साल इन विषयों में 30,000 छात्रों को शिक्षा देते हैं।
प्रधानमंत्री ने एक अन्य ट्वीट में लिखा- इलैया राजा जी ने पीढ़ी दर पीढ़ी लोगों को मंत्रमुग्ध किया है। उनकी रचनाएं अनेक भावनाओं को खूबसूरती से दर्शाती हैं। उनकी जीवन यात्रा भी ही प्रेरक है- वह एक विनम्र पृष्ठभूमि से उठे और बहुत कुछ हासिल किया। खुशी है कि उन्हें राज्यसभा के लिए मनोनीत किया गया है।
इलैया राजा तमिल फिल्मों के मशहूर संगीतकार हैं। उन्होंने अब तक 1400 फिल्मों के सात हजार गाने संगीतबद्ध किए हैं। तमिल के साथ-साथ तेलुगु फिल्मों में भी उन्होंने संगीत दिया है। इलैया राजा को पश्चिमी संगीत को दक्षिण भारतीय सिनेमा में मशहूर करने के लिए जाना जाता है। उन्होंने अबतक 20 हजार से ज्यादा लाइव कंसर्ट भी किए हैं। उन्हें भारतीय संगीत के सबसे महान संगीतकारों में से एक माना जाता है।
इलैया राजा को पांच नेशनल फिल्म अवॉर्ड मिल चुके हैं, इनमें से तीन बेस्ट म्यूजिक डायरेक्शन के लिए मिले वहीं दो नेशनल अवॉर्ड उन्हें बेस्ट बैकग्राउंड स्कोर के लिए मिले। 2010 में उन्हें पद्मभूषण और 2018 में पद्म विभूषण सम्मान से भी नवाजा गया।

