जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के मध्यग्राम में बुधवार रात भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी के करीबी सहयोगी चंद्रनाथ रथ की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस घटना के बाद राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। भाजपा ने इसे सुनियोजित साजिश बताते हुए तृणमूल कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
वहीं, नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भाजपा पश्चिम बंगाल से “गुंडाराज” का सफाया करेगी।
कौन थे चंद्रनाथ रथ?
41 वर्षीय चंद्रनाथ रथ पूर्वी मेदिनीपुर जिले के चांदपुर के रहने वाले थे। शांत स्वभाव और संगठनात्मक क्षमता के लिए पहचाने जाने वाले रथ भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी के सबसे भरोसेमंद सहयोगियों में गिने जाते थे।
राजनीतिक हलकों में सक्रिय भूमिका निभाने से पहले रथ ने भारतीय वायुसेना में लगभग 20 वर्षों तक सेवा दी थी। उन्होंने रहरा राम कृष्ण मिशन से पढ़ाई पूरी की थी और छात्र जीवन में रामकृष्ण मिशन की आध्यात्मिक विचारधारा से काफी प्रभावित रहे। परिवार के करीबी लोगों के अनुसार, एक समय उन्होंने आध्यात्मिक जीवन अपनाने पर भी विचार किया था।
वायुसेना से राजनीति तक का सफर
भारतीय वायुसेना से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेने के बाद चंद्रनाथ रथ ने कुछ समय कॉर्पोरेट सेक्टर में काम किया। इसके बाद उन्होंने राजनीतिक और प्रशासनिक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभानी शुरू की।
उनका परिवार पहले तृणमूल कांग्रेस से जुड़ा हुआ था। उनकी मां हसी रथ पूर्वी मेदिनीपुर में टीएमसी शासन के दौरान स्थानीय पंचायत निकाय में पद पर रह चुकी थीं। बाद में 2020 में शुभेंदु अधिकारी के भाजपा में शामिल होने के साथ ही रथ परिवार भी भाजपा में आ गया।
शुभेंदु अधिकारी के सबसे भरोसेमंद सहयोगी
पार्टी सूत्रों के मुताबिक चंद्रनाथ रथ और शुभेंदु अधिकारी के परिवार के बीच संबंध दो दशक से अधिक पुराने थे। रथ वर्ष 2019 के आसपास आधिकारिक रूप से शुभेंदु अधिकारी की टीम का हिस्सा बने, जब अधिकारी पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री थे।
उन्होंने शुरुआत में मंत्री कार्यालय से जुड़े प्रशासनिक और समन्वय कार्य संभाले। बाद में शुभेंदु अधिकारी के भाजपा में आने के बाद भी वह लगातार उनके साथ जुड़े रहे।
रथ संगठनात्मक कार्यों, लॉजिस्टिक्स प्रबंधन और कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय में अहम भूमिका निभाते थे। भाजपा के अंदरूनी सूत्र उन्हें शुभेंदु अधिकारी का “सबसे विश्वसनीय व्यक्ति” मानते थे।
कई बड़े राजनीतिक अभियानों का रहे हिस्सा
चंद्रनाथ रथ भाजपा के कई हाई-प्रोफाइल राजनीतिक अभियानों की कोर टीम में शामिल रहे। भवानीपुर उपचुनाव सहित कई महत्वपूर्ण चुनावी रणनीतियों में उन्होंने अहम भूमिका निभाई थी।
राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा भी थी कि भविष्य में यदि शुभेंदु अधिकारी को सरकार में बड़ी जिम्मेदारी मिलती है, तो रथ को भी महत्वपूर्ण प्रशासनिक भूमिका दी जा सकती थी।
हत्या से बंगाल की राजनीति में बढ़ा तनाव
बुधवार रात हुई हत्या के बाद बंगाल की राजनीति में तनाव और बढ़ गया है। भाजपा ने इसे राजनीतिक हत्या बताते हुए राज्य सरकार पर निशाना साधा है, जबकि पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।
चंद्रनाथ रथ की हत्या ने भाजपा संगठन को बड़ा झटका दिया है और राज्य में कानून-व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।

