जनवाणी ब्यूरो |
बलरामपुर: बहाली और समायोजन में दोषी पाए जाने पर निलंबित बेसिक शिक्षा अधिकारी रामचंद्र पर निलंबन के बाद शिक्षक यूनियन द्वारा विदाई समारोह का आयोजन किया गया। जिसमे वर्तमान बेसिक शिक्षा अधिकारी कल्पना देवी भी शामिल हुई। भ्रष्टाचार के आरोप में निलंबित रामचंद्र के ऊपर कठोर अनुशासनात्मक कार्यवाही की हुई संस्तुति जांच और तेज हो गई है।
इन्हें भ्रष्टाचार के गम्भीर आरोपों के चलते न केवल इनके पद से तत्काल प्रभाव से हटाया गया है बल्कि महामहिम राज्यपाल की अनुसंशा पर व्यापक जांच के लिए मण्डलीय स्तर के अधिकारी की निगरानी में एक जांच टीम भी तय की गई है।
जानकारी के अनुसार बलरामपुर जिले के तत्कालीन बीएसए रामचन्द्र ने जिले में तैनात शिक्षकों से विविध आरोपो में सस्पेंड करने फिर धन पाकर उन्हें बहाल करने एवं स्थानांतरित करने के नाम पर जमकर धन वसूली के आरोप लगे है। इसपर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए स्कूल शिक्षा महानिदेशालय उत्तर प्रदेश ने भी कहा है कि तमाम विसंगतियां प्राप्त हुई है।
मामला काफी गंभीर है। इनके द्वारा जारी पत्र के अनुसार उक्त अधिकारी ने पद पर रहते हुए स्कूलों में तैनात शिक्षकों से वसूली की शिकायत की गई थी साथ ही मा न्यायालय में उक्त अधिकारी के खिलाफ योजित वाद विविध आरोपों के माध्यम से शिक्षकों से धन उगाही के मामले में उक्त अधिकारी के खिलाफ कार्यवाही करते हुए 25 जुलाई को एक जांच समिति गठित की गई थी।
उक्त जांच समिति द्वारा विगत 30-7-22 को प्रस्तुत किये गए जांच रिपोर्ट के अनुसार उक्त अधिकारी के खिलाफ तमाम विसंगतियां प्राप्त हुई है।
तत्कालीन बेसिक शिक्षा अधिकारी को प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने के कारण महामहिम राज्यपाल उत्तर प्रदेश की अनुशंषा पर महानिदेशक स्कूल शिक्षा ने संयुक्त शिक्षा निदेशक अयोध्या को जांच अधिकारी नामित करते हुए जांच के पश्चात तत्कालीन बीएसए के खिलाफ अनुशासनिक कार्यवाही की बात कही है।

