- मेरठ-डासना एक्सप्रेस-वे का हाल बेहाल, पहली बारिश में भी नहीं झेल पाया
जनवाणी संवाददाता |
परतापुर: दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे की मजबूती की एक बार फिर बारिश ने पोल खोलकर रख दी। कई जगह पर दरारें आ गई, जगह-जगह पानी का भराव हो गया साथ ही काफी जगह मिट्टी दरकने से मार्ग के नीचे खोखला हो गया, जो कभी भी बड़ी घटना को अंजाम दे सकता है।
32 किलोमीटर मेरठ-डासना एक्सप्रेस-वे का पहली ही बारिश में हाल बेहाल होता नजर आ रहा है। शनिवार को हुई रिमझिम रिमझिम हुई बरसात से एक्सप्रेस वे पर कई जगह पानी भर गया था। कई जगह पर सूट डैन नहीं होने के करण एक्सप्रेस वे पर जलभराव बना रहता है। जिसके कारण मिट्टी कटान होने लगता है।

यही नही बडे स्तर पर कई जगह से मिट्टी दरक गई। देखा जा रहा है परतापुर से लेकर पैरिफेरल तक अनेक अंडरपास के ऊपर बनी साइड की दीवारों के पास की मिट्टी का कटान होने से साइड की दीवार लटक गई है। जिसको जीआर इंफ्रा के अधिकारियों ने साइड में लगी सेफ्टी रैलिंग के सहारे तीन-तीन बोल्ट पर रोका हुआ है।
वहीं, मिट्टी कटान होने के कारण कई जगह पर बने अंडरपास के दोनों ओर सड़क धंस गई, माना जा रहा है कि कोई बड़ा वाहन रुक गया तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। वहीं, काशी टोल प्लाजा पर बने मेरठ से दिल्ली की ओर की जाने वाले रास्ते पर वीआईपी बूथ लाइन के पास मिट्टी बहाव होने के कारण टोल बूथ में दरार आ गई है।
पार्थ इंडिया के मैनेजर रविंद्र कुमार का कहना है कि कई बार इसके बारे मे जानकारी दी गई है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। वहीं, बारिश से टोल बूथ के ऊपर बनी छत कई जगह से गलने के कारण बारिश का पानी नीचे गिरता है। ऐसे में सॉफ्टवेयर खराब हो सकता है।

