Tuesday, April 21, 2026
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वकील की कार से अंतिम संस्कार में आया था हत्यारोपी हरीश

  • पुलिस ने आजतक उस कार को नहीं लिया कब्जे में

जनवाणी संवाददाता |

हस्तिनापुर: अपनी सलहज शिखा और पांच साल के बेटे रुकांश की हत्या का आरोपी हरीश मावी बेहद शतिर और आपराधिक किस्म का था। दोहरे हत्याकांड को अंजाम देने के बाद आरोपी बहनोई अपने दोस्त वकील की कार से अंतिम संस्कार में शामिल होने आया था। पुलिस ने आज तक उस कार को अपने कब्जे में नहीं लिया है और वो अभी भी संदीप के घर के बाहर खड़ी है।

बैंक मैनेजर संदीप ने बताया कि उसकी पत्नी शिखा बहुत साधारण और संस्कारी महिला थी। वह सिर्फ गहनों की शौकीन थी उसके जन्मदिन पर वह प्रतिवर्ष उसे गिफ्ट के तौर पर एक गहना देते थे। रक्षाबंधन पर जब संदीप की बहन राखी बांधने के लिए हस्तिनापुर आई थी तो शिखा उसे मनचाही शॉपिंग कराई थी जिसकी अनुमति संदीप से भी नहीं ली थी वह घर आने वाले सभी मेहमानों की बहुत ज्यादा इज्जत करती थी।

पैसा उसके लिए कोई अहमियत नहीं रखता था इसलिए उसने मरने से पहले हत्यारों को लॉकर की सभी चाबी दी थी जिस कारण उसकी अलमारी का एक भी लॉक नहीं टूटा वह अभी भी सुरक्षित है। परंतु हत्यारोपी बहनोई ने उसे नहीं बख्शा। संदीप को इस बात का उसे मलाल है। उसे विश्वास नहीं हो रहा है कि शिखा और उसका होनहार बेटा रूकांश अब इस दुनिया में नहीं है उसे लग रहा है कि वह अपनी नानी के घर गए हुए हैं।

संदीप ने बताया कि उसका बहनोई हरीश उससे काफी दिनों से ईर्ष्या रखता था जिस बात की भनक उसे पहले से ही थी। परंतु यह नहीं पता था कि यह दरिंदा हैवान बन जाएगा और उसके परिवार को ही एक पल में नष्ट कर देगा। संदीप ने बताया कि अगर वह उसके घर से गहने और कैश लूट कर ले जाता तो वह कोई कार्रवाई नहीं करता। परंतु उसने तो उसकी दुनिया ही उजाड़ दी।

उसका यह गुनाह माफी के लायक नहीं है। डबल मर्डर की घटना से आहत संदीप को सांत्वना देने वाले लोगों का तांता लग रहा है। सुबह से शाम तक पुलिस अधिकारियों से लेकर कस्बे के गणमान्य और सामाजिक लोग भी संदीप को इस सदमे से उबारने की कोशिश कर रहे हैं।

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