- कैंसर मरीजों को ढाई माह से नहीं मिल रही थेरेपी
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: मेडिकल में कैंसर मरीजों मिलने वाली थेरेपी पिछले ढाई माह से बंद है। इस दौरान केवल उन मरीजो को ही थेरेपी दी जा सकी जिनका रिकार्ड यहां पहले से उपलब्ध था। जबकि नए मरीजो को थेरेपी नहीं मिल रही है। अब रोजआना बड़ी संख्या में कैंसर के मरीज थेरेपी लेने पहुंच रहे है लेकिन उन्हें संबंधित विभाग में भेजा जा रहा है।
22 मई को लाला लाजपत राय मेडिकल कॉलेज में कैंसर मरीजो के लिए कोबाल्ट थेरेपी का विधिवत शुभारंभ हुआ था। इसके लिए पिछले सात सालों से लगातार प्रयास किए जा रहे थे। जिलाधिकारी दीपक मीणा ने कोबाल्ट थेरेपी मशीन के शुरू होने पर मेडिकल प्रशासन को बधाई दी थी। लेकिन 30 जून के बाद से कोबाल्ट थेरेपी नए मरीजो के लिए बंद है। कुछ दिन मशीन से उन मरीजो को थेरेपी दी गई जिनका पहले से ही इलाज चल रहा था।
रेडियोलॉजी विभाग के अस्टिेंड प्रोफेसर के अनुसार एटॉमिक एनर्जी रेग्युलेटरी बोर्ड (एईआरबी) ने फिलहाल तकनीकी कारणों से थेरेपी देने पर रोक लगा रखी है। इसके साथ ही न तो विभाग को डोजी मीटर है उपलब्ध हुआ है और न ही थेरेपी देने वाले स्टाफ के टीएलडी कार्ड बने है। जबतक सभी मानको को पूरा नहीं किया जाएगा एईआरबी से इजाजत नहीं मिलेगी। मेडिकल के रेडियोलॉजी विभाग में कैंसर से ग्रस्त बड़ी संख्या में मरीज पहुंच रहे है।
ऐसे में इन्हें थेरेपी नहीं मिलने से मायूस होकर लौटना पड़ रहा है। पूरे पश्चिम उप्र में मेडिकल में इस तरह की थेरेपी देने की सुविधा है। यहां पर सहारनपुर, शामली, बागपत, बिजनौर, मुजफ्फरनगर, गाजियाबाद, हापुड़, बुलंदशहर आदि जिलो से मरीज पहुंच रहे है। जिन्हें शरीर के जिस अंग में कैंसर है उसी से जुड़े विभाग में भेजा जा रहा है, लेकिन थेरेपी लेने वाले मरीजो को मायूसी ही मिल रही है।

