
ऐन्थ्रोपॉलोजी शब्द की उत्पत्ति ग्रीक भाषा के दो शब्दों ‘ऐन्थ्रोपॉस’ जिसका अर्थ ‘ूमन अर्थात मानव होता है और ‘लोगोस’ जिसका अर्थ स्टडी या अध्ययन होता है से हुआ माना जाता है। अर्थात ऐन्थ्रोपॉलोजी का शाब्दिक अर्थ मानव का अध्ययन होता है। प्राय: 800 करोड़ आबादी वाले विश्व में लोगों की भाषाएं, धर्म, जातियां, संस्कृति, रीति-रिवाज और जीवन के ढंग में विविधताएं पाई जाती हैं। विश्व में मानव समुदायों के बारे में इन सभी विविधताओं के कारणों को जानने के साइंस को ही ऐन्थ्रोपॉलोजी कहा जाता है। मूल रूप से ऐन्थ्रोपॉलोजी मानवता और उससे संबंधित मानव व्यवहार, मानव जीवविज्ञान, संस्कृति, भाषा विज्ञान और समाज का वैज्ञानिक अध्ययन होता है। आशय यह है कि मानव के उद्भव और उनके परस्पर व्यवहार और संबंधों के अध्ययन को ही ऐन्थ्रोपॉलोजी कहा जाता है। स्पेन में जन्मे बर्नरडीनो डी सहगून को मॉडर्न ऐन्थ्रोपॉलोजी का संस्थापक माना जाता है।
ऐन्थ्रोपॉलोजी की मुख्य शाखाएं
सोशिओ कल्चरल ऐन्थ्रोपॉलोजी: यह शाखा मानव के व्यवहार के पैटर्न का स्टडी करता है। इसके अतिरिक्त यह मानव के संस्कार, रीति-रिवाज, नस्ल, जेन्डर, और धार्मिक मान्यताओं और मूल्यों का भी स्टडी करता है।
लिंग्विस्टिक ऐन्थ्रोपॉलोजी : ऐन्थ्रोपॉलोजी के इस शाखा के अंतर्गत भाषा का सामाजिक जीवन पर प्रभाव का अध्ययन किया जाता है। इसके अंतर्गत किसी भाषा के उद्भव और उसके शब्दों के विकास का स्टडी किया जाता है।
बायोलॉजिकल या फिजिकल ऐन्थ्रोपॉलोजी : इसके अंतर्गत मानव के बायोलॉजिकल डेवलपमेंट का स्टडी किया जाता है। ऐन्थ्रोपॉलोजी की यह शाखा इस बात का भी अध्ययन करता है कि कोई भी समाज प्राकृतिक आपदाओं, युद्धों और बीमारियों वगैरह जैसी वैश्विक आपदाओं का सामना कैसे करता है।
आरकियोलोजी ऐन्थ्रोपॉलोजी – इसे ‘ऐन्थ्रोपॉलोजी आॅफ दि पास्ट’ भी कहा जाता है। इसके अंतर्गत प्राप्त भौतिक साक्ष्यों और अवशेषों के अन्वेषण के आधार पर प्राचीन सभ्यताओं के मानव गतिविधियों का अध्ययन किया जाता है।
अनिवार्य कौशल
-अपने परिवेश के प्रति उत्कट जिज्ञासा
-उत्कृष्ट कम्यूनिकेशन स्किल
-स्पष्ट विजन, इमैजिनैटिव और एनालिटिकल थिंकिंग पावर
-रिकार्ड और डाटा को सहेज कर रखने की क्षमता
-उत्तम इन्टर्पर्सनल रिलैशनशिप
-उच्च गुणवत्ता की नेतृत्व क्षमता
शुरुआत कहां से करें
ऐन्थ्रोपॉलोजी के डोमेन में कॅरियर के इच्छुक उम्मीदवार के लिए विभिन्न ऐकडेमिक कोर्स की शुरुआत किसी भी स्ट्रीम में 12 वीं कक्षा पास करने के बाद से ही हो जाती है। इस डोमेन में सर्टिफिकेट और डिप्लोमा कोर्स दसवीं या बारहवीं पास के बाद किया जा सकता है।
ऐन्थ्रोपॉलोजी में अन्डरग्रैजूवेट कोर्स बीए और बीएससी के रूप में किया जा सकता है। बीएससी के लिए साइंस विषय के साथ बारहवीं पास करना जरूरी होता है जबकि बीए के लिये किसी भी स्ट्रीम में 12 वीं पास अनिवार्य होता है। इस अन्डरग्रैजूवेट कोर्स के बाद ऐन्थ्रोपॉलोजी के डोमेन में पोस्टग्रैजूवेशन और पीएचडी किया जा सकता है।
ऐन्थ्रोपॉलोजी के स्टडी के लिए प्रमुख इंस्टीट्यूट्स
- इंदिरा गांधी नैशनल ओपन यूनिवर्सिटी, इग्नू, नई दिल्ली (एमए ऐन्थ्रोपॉलोजी)
- बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी, वाराणसी (एमए ऐन्थ्रोपॉलोजी)
- गुरु गोबिन्द सिंह इंद्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी, दिल्ली (एमए इन आरकियोलोजी एण्ड हेरिटिज मैनेजमेंट)
- सावित्री बाई फुले यूनिवर्सिटी, पुणे, महाराष्ट्र (एमए ऐन्थ्रोपॉलोजी)
- दिल्ली विश्वविद्यालय, दिल्ली (एमएससी ऐन्थ्रोपॉलोजी)
- यूनिवर्सिटी आॅफ हैदराबाद, तेलंगाना (एमए ऐन्थ्रोपॉलोजी)
- विश्व भारती यूनिवर्सिटी, बोलपुर, पश्चिम बंगाल (एमए ऐन्थ्रोपॉलोजी)
- पंजाब यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़
- सिम्बायोसिस स्कूल आॅफ लिबरल आर्ट, पुणे
- यूनिवर्सिटी आॅफ मैसूर (एमए ऐन्थ्रोपॉलोजी)
- अमिटी यूनिवर्सिटी, नोएडा
- नॉर्थ ईस्टर्न हिल यूनिवर्सिटी, शिलॉन्ग
- टाटा इंस्टीट्यूट आॅफ सोशल साइंसेज, मुंबई
ऐन्थ्रोपॉलोजी में जॉब प्रोफाइल्स
ऐन्थ्रोपॉलोजिस्ट : मानव के उद्भव, व्यवहार और सामाजिक और सांस्कृतिक विकास का अध्ययन करना।
इकनॉमिक ऐन्थ्रोपॉलोजिस्ट : मानव के आर्थिक व्यवहार का अध्ययन करना और उससे संबंधित आंकड़ों का कलेक्शन करना।
साइंटिस्ट : विभिन्न डिपार्ट्मेंट्स में रिसर्च एंड डेवलपमेंट में कार्य करना।
एजुकेशन या अकादमी ऐन्थ्रोपॉलोजिस्ट : ऐन्थ्रोपॉलोजी के टीचिंग फैकल्टी के रूप में विभिन्न कॉलेज और यूनिवर्सिटी में कार्य करना।
फील्ड ऐन्थ्रोपॉलोजिस्ट : अपने क्लाइंट के लिए किसी खास इवेंट के लिए रिसर्च और इंवेस्टिगेशन करना और महत्वपूर्ण आंकड़ों का संग्रह करना।
मेडिकल रिसर्चर्स : मानवीय व्यवहार के वैज्ञानिक अध्ययन और शोध के आधार पर मेडिकल के क्षेत्र में मानव हित में खोज करना।
कॅरियर स्कोप
मानव सभ्यता के विकास के साथ ऐन्थ्रोपॉलोजी के डोमेन का दायरा निरंतर बढ़ता जा रहा है। पब्लिक सेक्टर से लेकर प्राइवेट सेक्टर के इंस्टिट्यूट्स में ऐन्थ्रोपॉलोजी के प्रोफेशनल्स के लिए कॅरियर और जॉब्स के निम्नांकित अवसर खुले हुए हैं-
- कॉलेज और यूनिवर्सिटी
- यूपीएससी के द्वारा आयोजित सिविल सर्विसेज परीक्षा में ऐन्थ्रोपॉलोजी एक अच्छा स्कोरिंग आॅप्शनल सब्जेक्ट माना जाता है। ऐन्थ्रोपॉलोजी के प्रोफेशनल्स इस परीक्षा में सफलता से आईएएस, आईपीएस और अन्य केंद्रीय सेवाओं में कॅरियर की शुरुआत कर सकते हैं।
- टूरिज्म और हेरिटिज
- म्यूजियम और आर्ट गॅलरी,
- हेल्थकेयर सेवाएं और पब्लिशिंग हाउस
- कम्यूनिटी डेवलपमेंट
- सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियां
- कानून, अपराध अन्वेषण, न्याय और अपराध
- गैर झ्र सरकारी संगठन (एनजीओ)
- निजी संस्थान
- पर्यावरण संस्थान
- प्रशासन और प्रबंधन
ऐन्थ्रोपॉलोजिस्ट के मुख्य रिक्रूटर्स
- वर्ल्ड हेल्थ आॅर्गनाइजेशन
- दि यूनाइटेड नेशन्स एजुकेशनल, साइंसटिफिक एंड कल्चरल आॅर्गनाइजेशन – यूनाइटेड नेशन्स इंटरनेशनल चिल्ड्रन्स इमरजन्सी फंड
- आरकियोलोजिकल सर्वे आॅफ इंडिया
- नीति आयोग
- इंवेस्टिगेटिंग एजेंसी
- सरकारी डिपार्ट्मन्ट
ऐन्थ्रोपॉलोजी के डोमेन में कॅरियर की राहें रिसर्च इन्टर्न और एनालेसिस इन्टर्न के रूप में खुलती हैं। इस डोमेन के ग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट किसी सीनियर ऐन्थ्रोपॉलोजिस्ट के साथ एक रिसर्च इन्टर्न के रूप में कार्य कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त ये प्रोफेशनल्स किसी ऐन्थ्रोपॉलोजी इंस्टीट्यूट में एसोसिएट प्रोफेसर के रूप में भी कार्य कर सकते हैं।
ऐन्थ्रोपॉलोजी का डोमेन कई क्षेत्रों में अनेकानेक जॉब्स का प्रवेश द्वार है। इसके प्रोफेशनल्स कई डोमेंस में अपने हुनर और अनुभव के आधार पर लूक्रटिव जॉब्स पा सकते हैं, शानदार कॅरियर की शुरुआत कर सकते हैं।
-श्रीप्रकाश शर्मा


