जनवाणी ब्यूरो |
यूपी: कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग वाली याचिका को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया।
याचिकाकर्ता सिमरन गुप्ता ने राहुल गांधी के बयान के आधार पर संभल की ट्रायल कोर्ट में एफआईआर दर्ज करने के लिए वाद दायर किया था। उनके अनुसार, राहुल गांधी ने भारतीय राज्य और संगठनों जैसे आरएसएस और भाजपा के खिलाफ बयान दिया था।
ट्रायल कोर्ट का फैसला
संभल की चंदौसी कोर्ट ने याचिकाकर्ता की याचिका को कमजोर होने के कारण खारिज कर दिया। इसके बाद सिमरन गुप्ता ने ट्रायल कोर्ट के इस फैसले को इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनौती दी।
राहुल गांधी का बयान
15 जनवरी 2025 को कांग्रेस के नए मुख्यालय ‘इंदिरा भवन’ के उद्घाटन के दौरान राहुल गांधी ने कहा कि उनकी लड़ाई सिर्फ भाजपा या आरएसएस से नहीं, बल्कि भारतीय राज्य से भी है। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी विचारधारा आरएसएस की विचारधारा की तरह हजारों साल पुरानी है और वे लंबे समय से उससे लड़ रहे हैं।
राहुल गांधी ने आगे कहा कि यह लड़ाई निष्पक्ष नहीं है और अगर लोग सोचते हैं कि वे केवल भाजपा या आरएसएस से लड़ रहे हैं तो वे स्थिति को सही से नहीं समझ रहे हैं। उनका कहना था कि भाजपा और आरएसएस ने देश की हर संस्था पर कब्जा कर लिया है और अब वे भाजपा, आरएसएस और खुद भारतीय राज्य से लड़ रहे हैं।
हाईकोर्ट का निर्णय
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के फैसले को बरकरार रखते हुए सिमरन गुप्ता की याचिका को खारिज कर दिया और राहुल गांधी को राहत प्रदान की।

