Wednesday, March 18, 2026
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माछरा क्षेत्र में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया विजयदशमी का त्यौहार

  • हमेशा असत्य पर होती है सत्य की जीत

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ/माछरा: ऐतिहासिक सरजमी पर आज रावण के पुतले का दहन किया गया यह बताता है कि झूठ कितना भी ताकतवर क्यों ना हो हमेशा ही सच की जीत होती है क्षेत्र मे विजयदशमी हर्षोल्लास के साथ मनाई गई कोई भी अप्रिय घटना सामने नहीं आई।

दशहरा यानी विजयादशमी हिंदुओं का एक प्रमुख त्योहार है शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को इसका आयोजन होता है। भगवान राम ने इसी दिन रावण का वध किया तथा देवी दुर्गा ने नवमीं व दशमी दिन के युद्ध के बाद महिषासुर पर विजय प्राप्त की। इसी को असत्य पर सत्य की विजय के रूप में मनाया जाता है।

इसलिए ही दशमी को विजयदशमी के नाम से जाना जाता है। विजयदशमी का उद्घाटन फीता काटकर समाजसेवी नगेंद्र शर्मा ने किया। इसी दिन लोग शस्त्र पूजा करते हैं और नया काम शुरू करते हैं। ऐसा माना जाता है कि इस दिन जो काम किया जाता है उस में कामयाबी मिलती है।

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प्राचीन समय में भी राजा लोग इसी दिन अपनी कामयाबी की प्रार्थना कर रण यात्रा के लिए प्रस्थान करते थे। दशहरा अथवा विजयादशमी भगवान राम की विजय के रूप में मनाया जाए या दुर्गा पूजा के रूप में दोनों ही रूपों में यह शक्ति पूजा का पर्व है हर्ष और उल्लास तथा विजय का पर्व है।

भारतीय संस्कृति वीरता की पूजक है और शक्ति की उपासक है दशहरे का पर्व 10 प्रकार के पापों जैसे क्रोध, मोह, अहंकार, मतसर, आलस्य, हिंसा और चोरी आदि का परित्याग करने की प्रेरणा देता है, दूसरी तरफ दशहरे का एक सांस्कृतिक पहलू भी है क्योंकि भारत हमारा एक कृषि प्रधान देश है।

जब किसान अपने खेत में सुनहरी फसल होगा कर अनाज रूपी संपत्ति को घर लाते हैं तो उसकी खुशी का ठिकाना नहीं रहता इसी अवसर पर यह भगवान की कृपा को मानता है और उसकी पूजा करता है पूरे भारत में यह है त्योहार विभिन्न प्रदेशों में अलग-अलग तरीकों से मनाया जाता है इसी दिन भगवान राम 14 वर्ष का कठोर वनवास काटकर रावण का वध करके अयोध्या पहुंचे थे।

इसलिए भी इस त्यौहार को विजयदशमी कहा जाता दुश्मन पर विजय पाने के लिए इसी समय प्रस्थान करना चाहिए भारतीय संस्कृति सदा से ही वीरता विश्वरी की समर्थक रही है प्रत्येक व्यक्ति और समाज के रुधिर में वीरता का प्रादुर्भाव हो इसी कारण से ही दशहरे का उत्सव मनाया जाता है।

यह भी माना जाता है कि यदि कभी युद्ध जरूरी हो तब शत्रु के आक्रमण की प्रतीक्षा नहीं करनी चाहिए उस पर हमला करके उसको पराजित करना ही कुशल राजनीति है। भगवान राम के समय से यह दिन विजय प्रस्थान का प्रतीक निश्चित है वही माछरा ब्लॉक क्षेत्र के विभिन्न गांव में दशहरा पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया और भगवान राम की विजय गाथा को फिर से रावण का वध करके पूरा क्या गया।

यह त्यौहार सच में असत्य पर सत्य की जीत को दर्शाता है भारतीय संस्कृति और प्राचीन इतिहास से यह जगजाहिर है कि हमेशा ही सच की जीत होती है और झूठ हारता है लगभग 8:00 बजे के करीब रावण के पुतले का दहन कर दिया गया और फिर से एक बार झूठ पर सच की फतेह हुई। इस मौके पर दिनेश शर्मा, राकेश त्यागी पूर्व प्रधान, बॉबी त्यागी, दिनेश तोला, मनोज त्यागी आदि रामलीला कमेटी के पदाधिकारी मौजूद रहे।

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