Home Uttar Pradesh News Meerut ‘आमदनी बढ़ाने, इनपुट कम करने को करें प्राकृतिक खेती’

‘आमदनी बढ़ाने, इनपुट कम करने को करें प्राकृतिक खेती’

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  • कृषि विवि में तीन दिवसीय किसान मेले का समापन
  • मुख्य अतिथि के रूप में राज्यमंत्री कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान बलदेव सिंह औलख रहे

जनवाणी संवाददाता |

मोदीपुरम: सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिक विष्वविद्यालय में तीन दिवसीय अखिल भारतीय किसान मेला एवं कृषि उद्योग प्रदर्शनी का गुरुवार को समापन हुआ। समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए बलदेव सिंह औलख राज्यमंत्री कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान द्वारा किसान मेले का समापन किया गया।

इस अवसर पर बलदेव सिंह औलख ने कहा कि मशरुम खाद, दवाओं, मसालों, सरसों का तेल, विभिन्न प्रकार के परिरक्षित पदार्थ, प्राकृतिक खेती आदि के पंडालों पर किसानों ने जाकर जो तकनीकी ज्ञान प्राप्त किया होगा उसका लाभ उनको अपनी खेतीबाड़ी में मिलेगा। विभिन्न स्टालों पर जो कृषि सम्बंधी साहित्य वितरित किया जा रहा है। वह किसानों के लिए काफी उपयोगी साबित होगा। कृषि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने शोध कार्य किए है और उनको स्टाल के माध्यम से मेले में तकनीकी ज्ञान दिया जा रहा है।

अपनी फसल को देखकर सुबह-शाम अपने खेत को देखकर, घूमकर खेती की डिग्री लेते हैं। उनको भी खेती का अच्छा ज्ञान होता है और वो पूरे प्रदेश में अच्छी खेती कर रहे है। बलदेव सिंह औलख ने कहा कि खेती में आमदनी बढाने और इनपुट को कम करने के लिए हमे प्राकृतिक खेती करनी होगी।

प्राकृतिक खेती को बढावा देने के लिए मुख्यमंत्री ने एक बोर्ड का गठन किया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किसान सम्मान निधि किसानों को दी है। वह किसानों के लिए बहुत बडा तोहफा है। इससे लघु एवं सीमांत किसान खाद एवं बीज समय से खरीद सकते है। कुलपति डा. केके सिंह ने कहा कि यह विज्ञान और अनुसंधान का ही जमाना है। अनुसंधान से ही हमारा देश आगे बढता है।

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तकनीकी ज्ञान को किसानों तक पहुंचाया जाएगा। मेले से किसान ने जो तकनीक ज्ञान हासिल किया उसका लाभ पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसानों के साथ-साथ पूरे देश एवं प्रदेश के किसानों को मिल सके। कैन्ट विधायक अमित अग्रवाल ने कहा कि उत्पादन बढाने के लिए सरकार नित्त नये कार्यक्रम चला रही है। जिनका लाभ किसानों को मिल रहा है। कृषि विष्वविद्यालय भी किसानों के हित कई कार्यक्रम चला रहा है।

सदस्य विधान परिषद डा. धर्मेन्द्र भारद्वाज ने कहा कि किसानों की आय बढ सके। उसके लिए सरकार प्रयत्न कर रही है। यदि किसान कृषि विविधीकरण को अपनाते है तो उनकी आय बढ़ सकेगी। क्षेत्रीय कोषाध्यक्ष किसान मोर्चा अजय भारद्वाज भराला ने कहा कि इस मेले में क्षेत्रीय किसानों ने बढ-चढकर भागीदारी की है इससे किसानों को लाभ होगा।

इन्हे मिला मेले में पुरस्कार

पुरस्कार वितरण समारोह में बीकेटी टायर, हंस इंजीनियंरिंग, क्रिस्टल क्रॉप सांइस एवं कृष्णा पिकल्स को आॅवर आॅल पुरस्कार प्रदान किया किया गया। फार्म मशीनरी एवं एग्रीकल्चर एक्युपमेंट ग्रुप में प्रथम पुरस्कार लैंडफोर्स दशमेश मैकेनिकल वर्क, अमरगढ़, पंजाब एवं लोहान एग्री इक्विपिमेंट, को प्रदान किया गया।

पेस्टीसाइड व बायापेस्टीसाईड ग्रुप में प्रथम पुरस्कार एफएमसी, इन्सेक्टीसाइड एवं धानुका एग्रीटेक को प्रदान किया गया। फर्टीलाइजर ग्रुप में कोरोमंडल, इंडोरामा और यारा फर्टिलाइजर को प्रथम पुरस्कार प्रदान किया गया। बीज ग्रुप में विश्वविद्यालय बीज विक्रय केन्द्र को प्रथम पुरस्कार के साथ-साथ विष्वविद्यालय के महाविद्यालय में कृषि एवं पशुचिकित्सा महाविद्यालय को प्रथम पुरस्कार प्रदान किया गया।

विश्वविद्यालय के कृषि विज्ञान केन्द्र में महिला अध्ययन केन्द्र में बुलंदशहर को प्रथम, प्राकृतिक खेती में मुजफ्फरनगर-द्वितीय, फसल अवशेष प्रबंधन के अन्तर्गत शाहजहांपुर, रोजगार परक कार्यक्रम के अन्तर्गत बिजनौर को प्रथम एवं कृषि विविधीकरण में सहारनपुर को प्रथम स्थान प्राप्त किया।

मेले में 10 हजार किसानों ने लिया भाग

कृषि विवि के निदेशक प्रसार डा. पीके सिंह ने बताया कि मेले में लगभग 102 स्टाल लगाये गये थे और इसमें 10000 से अधिक किसानों ने प्रतिभाग किया। किसानों ने इस मेले से काफी लाभ प्राप्त किया है। विश्वविद्यालय के स्टाल से गेहंू की 14 लाख से अधिक बीजों की बिक्री हुई है।