Wednesday, April 22, 2026
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पीडब्ल्यूडी के पास नहीं नयी सड़क निर्माण को बजट

  • मवाना और बागपत को आपस में जोड़ने वाली सरधना-बिनौली मार्ग की हालत सबसे खराब

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: सर्दी में नई सड़कों के निर्माण का कार्य चलता था, लेकिन वर्तमान में गड्ढों को भरने में पीडब्ल्यूडी के इंजीनियर जुटे हुए हैं। नई सड़कों के निर्माण को भूलकर पीडब्ल्यूडी के इंजीनियरों का फोकस गड्ढे भरना हैं। जिन सड़कों को नये सिरे से बनाने की मांग का प्रस्ताव तैयार करके शासन को पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने भेजा था, उसको स्वीकृति नहीं मिली हैं।

इस तरह से पीडब्ल्यूडी को फूटी कोड़ी नई सड़कों के निर्माण में नहीं मिलेगी। ऐसा पहली बार हो रहा हैं। मवाना और बागपत को आपस में जोड़ने वाली सरधना-बिनौली मार्ग खराब हैं। इसकी मरम्मत नहीं, बल्कि नई सड़क बनाने का प्रस्ताव पीडब्ल्यूडी के इंजीनियरों ने तैयार कर शासन को भेजा था। इस प्रस्ताव पर किसी तरह का विचार ही नहीं हुआ, जिसके चलते अब गड्ढे भरकर काम चलाया जा रहा हैं।

इस रोड के चौड़ीकरण के भी आदेश थे, लेकिन इस पर कुछ काम नहीं होगा। पीडब्ल्यूडी की पहले ही सड़कें कम हो गई हैं। कई नेशनल हाइवे घोषित हो चुकी हैं, जिसके चलते जो सड़कें हैं, उनके निर्माण की दिशा में कोई काम नहीं हो रहा हैं। बजट नहीं हैं। ये कहकर फाइल को दबा दिया जाता हैं। सांसद और विधायक भी सड़कों को नये सिरे से नहीं बनवा पा रहे हैं। पीडब्ल्यूडी ने बच्चा पार्क से जलीकोठी चौराहे तक ऐलीवेटिड रोड का प्लान किया था, ये भी धड़ाम हो गया हैं।

इसे फिलहाल शासन ने स्वीकृति ही नहीं दी। स्वीकृति दी होती तो अब तक काम चालू हो जाता। दो वर्ष से इसकी डीपीआर तैयार कर शासन को भेजी गई थी। सेतु निगम की टीम इसका सर्वे कर चुकी हैं। अतिक्रमण हटाने के लिए भी सर्वे कराने के बाद प्रशासन की तरफ से अवैध निर्माणकर्ताओं को नोटिस भी थम दिये गए हैं। फिर भी ऐलीवेटिड रोड के निर्माण की फाइल को शासन स्तर पर गंभीरता से नहीं लिया गया। इसके निर्माण से शहर में लगने वाले जाम से बड़ी राहत मिलेगी।

कौन बनायेगा लिंक मार्ग?

बागपत रोड और रेलवे रोड लिंक मार्ग की एनओसी तो सेना से मिल गई, लेकिन इसका निर्माण कौन करेगा? यह बड़ा सवाल हैं। क्योंकि एमडीए के पास बजट नहीं हैं। एमडीए पहले से ही आर्थिक तंगी के दौर से गुजर रहा हैं। एमडीए ने प्लानिंग तो कर दी, लेकिन इसका निर्माण कौन करेगा, अभी यह तय नहीं किया गया हैं। कहा जा रहा हैं कि सेना की जिस जमीन पर लिंक रोड का निर्माण होगा, उसके लिए 26 करोड़ रुपये रक्षा मंत्रालय में जमा कराने होंगे।

इसके बदले में सेना दूसरे स्थान पर जमीन भी ले सकती हैं। इसका इंतजाम प्रशासन को करना होगा। इस दिशा में अभी बहुत काम करना हैं, जिसके बाद ही बागपत रोड और रेलवे रोड का लिंक मार्ग धरातल पर उतरता दिखाई देगा। हाल ही में एमडीए वीसी अभिषेक पांडेय और रक्षा संपदा अधिकारी हरेन्द्र चौधरी के साथ मीटिंग भी हुई हैं। काम करने की अनुमति तो मिल गई, लेकिन सड़क निर्माण करेगा कौन?

कांवड़ मार्ग गंगनहर पटरी पर हुए लापरवाही के गड्ढे

सरधना: कांवड़ मार्ग गंगनहर पटरी पर हाइवे से टोल बचाने के लिए भारी भरकम वाहन दौड़ते हैं। क्षमता से अधिक वाहनों के आवागमन को पटरी बर्दाश्त नहीं कर पा रही है। यहीं कारण है कि गंगनहर पटरी कई जगह से धंस गई है। हर साल प्रशासन द्वारा पटरी की मरम्मत के नाम पर खेल किया जाता है। कुछ महीने पहले ही पटरी की फिर से मरम्मत की गई थी।

मरम्मत के कुछ दिन बाद ही पेंचवर्क उखड़ने लगे हैं। पटरी पर जगह जगह गहरे गड्ढे हो गए हैं। कई जगह तो पटरी किनारे से धंस गई है। पटरी पर जगह जगह गहरे गड्ढे हो गए हैं। पटरी पर तेज रफ्तार वाहन इन गड्ढों का शिकार बनते हैं। गड्ढों की चपेट में आकर पटरी पर आए दिन हादसे होते रहते हैं।

सबसे अधिक हादसों की संभावना रात में बनी रहती है। अंधेरे में गड्ढे दूर से नजर नहीं आते। जब तक पास आकर गड्ढा दिखता है, वाहन के पाहिए उसमें गिरते हैं और हादसा हो जाता है। मगर प्रशासनिक अधिकारियों का इस ओर कोई ध्यान नहीं है।

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