- बागपत नगर पालिका चेयरमैन एडवोकेट राजूद्दीन ने पत्रकारों से की बातचीत
- कहा, पालिका से बाहर नहीं कराया काम, पांच मील तक पालिका करा सकती है कार्य
जनवाणी संवाददाता |
बागपत: बागपत नगर पालिका के चेयरमैन एडवोकेट राजूद्दीन ने कहा कि कब्रिस्तान की जमीन पर अवैध कब्जे से पालिका का कोई लेना देना नहीं है। बल्कि पूर्व में प्रशासनिक अधिकारियों को कब्रिस्तान की शिकायत पर कब्जा हटवाने की मांग की थी, लेकिन आज तक कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि कब्रिस्तान को सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी उनकी है और सुरक्षित रखे जाएंगे। कब्रिस्तान की जमीन पर किसी का कब्जा नहीं होने देंगे। हरिजनों के पट्टों पर अगर गलत है तो प्रशासन को निरस्त करने चाहिए। पालिका को वहां से संपत्ति कर व भवन कर वसूलने का अधिकार है। पालिका में कोई गलत काम नहीं हुआ है। उन्हें बदनाम करने का प्रयास किया जा रहा है।
बागपत नगर पालिका के चेयरमैन एडवोकेट राजूद्दीन ने शनिवार को पत्रकारों से बातचीत की। उन्होंने कहा कि बागपत पालिका के पास राजस्व के संसाधन बेहद कम है। यहां पूर्व में पार्किंग का ठेका छुटता था, पक्का घाट पर ठेका छोड़ा जाता था आदि कई ठेके छोड़े जाते थे। अब महज साप्ताहिक बाजार का ठेका है। इसके अलावा सपंत्ति कर व भवन कर पालिका के टैक्स के संसाधन है। पालिका की आय बढ़ाने के लिए मकानों को दर्ज किया गया है। अगर कहीं प्लाट है और मकान दर्ज है तो उसे मकान मालिक को आपत्ति दर्ज करानी चाहिए। उसे अधिक टैक्स वसूलने की आपत्ति दर्ज करानी चाहिए। पालिका को टैक्स देने का अधिकार है। यहां पूर्व में गलत नाम दर्ज कराने के प्रकरण आए हैं। जिन्हें निरस्त भी किया गया। एक प्रकरण में मुकदमा भी दर्ज कराया गया।
उन्होंने कहा कि 2017 में पालिका का क्षेत्र बढ़ा था। बागपत नगर में 1100 मकान दर्ज नहीं हुए,बल्कि यहां पांच हजार से अधिक मकान दर्ज हुए हैं। बागपत नगर के चारों तरफ का एरिया बढ़ा है। मेरठ रोड, चमरावल रोड, दिल्ली रोड, बड़ौत रोड, नौरोजपुर रोड आदि सभी में भी एरिया बढ़ा है। वह मकान भी दर्ज किए गए हैं। अगर कस्बे में मकान दर्ज गलत किए हैं तो सभी मकान गलत हैं। दावा किया कि एक भी मकान गलत दर्ज नहीं किया। स्टांप से पालिका का कोई लेना देना नहीं है। पालिका को आय बढ़ाने के लिए टैक्स वसूलने का अधिकार है। उन्होंने कब्रिस्तान की जमीन पर कब्जे को लेकर कहा कि इसकी उन्होंने खुद शिकायत की थी।
पालिका कब्जा मुक्त कराने का काम करती है, कब्जा कराने का नहीं। कब्जा मुक्त कराने का प्रार्थना पत्र कई साल से देते आ रहे हैं, लेकिन कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने कहा कि कब्रिस्तान की जमीन पर कब्जा नहीं होने देंगे। कब्रिस्तान सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी उनकी है। कब्रिस्तान की जमीन पर एक प्लाट को दर्ज कराने का मामला आया था, जिसे दर्ज नहीं किया, बल्कि अधिकारियों से कार्रवाई की मांग की थी, जोकि आज तक नहीं हुई। जिन लोगों ने कब्रिस्तान पर कब्जा कर रखा है उन पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। कब्जा मुक्त होना चाहिए। कब्रिस्तान की जमीन पर कब्जे का एक भी मकान पालिका में दर्ज नहीं किया गया। पट्टों को छोड़ने से लेकर निरस्त करने तक का अधिकार तहसील को है।
पालिका का कोई हस्तक्षेप उसमें नहीं है। उस जमीन पर संपत्ति कर, भवन कर लेने का अधिकार पालिका को है। पालिका का पट्टों से कोई मतलब नहीं है। उन्होंने कहा कि पीएम आवास डूडा की ओर से बनाए जाते हैं। अधिकारियों ने ऐसे स्थान पर स्वीकृत कर रखे हैं जहां नहीं होने चाहिए थे। डूडा अधिकारी को कई मकान स्वीकृत नहीं करने को कहा था, लेकिन सुनवाईनहीं की।
जबकि उन लोगों के पहले ही मकान, दुकान सब है। इसके बावजूद मकान स्वीकृत कर दिए गए। उन्होंने कहा कि आरोप लगाए जा रहे हैं कि पालिका क्षेत्र से बाहर निर्माण कार्य कराया है, जबकि पालिका अधिनियम में पांच मील दूरी तक कार्य कराने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि आरोप-प्रत्यारोप चुनाव में लगते हैं। वह नगर की शांति व्यवस्था को लेकर हमेशा आगे रहे हैं। यहां भाईचारा कायम रखने का हमेशा प्रयास किया गया है। अशांति यहां पैदा नहीं होने दी। राजनीति बाद में है, पहले यहां का भाईचारा कायम रखना मुख्य उद्देश्य रहा है। समर्थक चुनाव लड़ाएंगे तो लडूंगा। जनता जिसे विजयी बनाएगी उसका स्वागत रहेगा।

