जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: दिल्ली की एक अदालत शनिवार को सोनिया गांधी के खिलाफ दायर आपराधिक पुनरीक्षण याचिका पर सुनवाई करने वाली है। याचिका में आरोप है कि उन्होंने भारतीय नागरिक बनने से पहले मतदाता सूची में नाम दर्ज कराया। याचिकाकर्ता ने अपनी दलीलें पूरी कर ली हैं, जबकि सोनिया गांधी की ओर से दलीलें अभी पूरी नहीं हुई हैं।
पिछली सुनवाई और याचिका की पृष्ठभूमि
30 मार्च को राउज एवेन्यू कोर्ट ने आंशिक सुनवाई के बाद मामले को स्थगित कर दिया था और बचाव पक्ष को अपनी दलीलें जारी रखने की अनुमति देते हुए 18 अप्रैल के लिए अगली सुनवाई तय की थी।
अधिवक्ता विकास त्रिपाठी द्वारा दायर याचिका में एफआईआर दर्ज करने और जांच की मांग की गई है। याचिका में आरोप है कि सोनिया गांधी का नाम भारतीय नागरिक बनने से तीन साल पहले ही मतदाता सूची में शामिल किया गया था।
क्या है मामला
याचिकाकर्ता के अनुसार, सोनिया गांधी का नाम 1980 में नई दिल्ली निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची में शामिल किया गया था, जबकि उन्होंने अप्रैल 1983 में ही भारतीय नागरिकता प्राप्त की थी। आरोप है कि उनका नाम 1982 में हटा दिया गया और 1983 में फिर से जोड़ दिया गया। विकास त्रिपाठी के वकील ने कहा कि उनका भारतीय नागरिकता का आवेदन अप्रैल 1983 में हुआ था, इसलिए 1980 में मतदाता सूची में नाम दर्ज करना विवादास्पद है।

