जनवाणी ब्यूरो |
बलरामपुर: जनपद के 390431 बच्चों को पिलाई जाएगी विटामिन ए खुराक नौ माह से पाँच वर्ष तक के बच्चों को विटामिन-ए की खुराक देने के लिए 28 दिसम्बर से 28 जनवरी 2023 तक ‘विटामिन ए संपूरण’ कार्यक्रम के रूप में ‘बाल स्वास्थ्य पोषण माह’ चलाया जाएगा। इस अभियान में जनपद में नौ माह से पाँच वर्ष तक के 390431 बच्चों को विटामिन ए की खुराक पिलाया जाएगा।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ सुशील कुमार ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार बाल स्वास्थ्य पोषण माह साल में दो बार चलाया जाता है। अभियान का पहला चरण 28 दिसंबर से चलाया जा रहा है। इसमें नौ माह से पाँच साल तक के बच्चों को विटामिन ए के साथ कई तरह की बीमारियों से बचाने के लिए इस अभियान के तहत विटामिन –ए सीरप से लाभान्वित किया जाएगा। इससे बच्चों को रतौंधी नामक बीमारी से सुरक्षा मिलेगी।
शिशु मृत्यु दर में भी कमी आएगी। अभियान में बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार (आईसीडीएस) विभाग से भी सहयोग लिया जाएगा। कुपोषित बच्चों को चिन्हित कर चिकित्सीय सुविधा एवं परामर्श प्रदान किया जाएगा। अभियान के सफलतापूर्वक संचालन के लिए स्वास्थ्य व आईसीडीएस विभाग के कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है , जिससे वह ग्राम स्वास्थ्य स्वच्छता एवं पोषण दिवस (वीएचएसएनडी) व शहरी स्वास्थ्य स्वच्छता एवं पोषण दिवस (यूएचएसएनडी) सत्रों में नौ माह से पाँच वर्ष तक के बच्चों को निर्धारित मात्रा में विटामिन ए की खुराक पिला सकें और उसका सही ढंग से अनुसरण कर सकें । उन्होंने कहा कि कोविड अभी पूरी तरह से खत्म नहीं हुआ है तो इसको देखते हुये हर बच्चे के लिए अलग-अलग चम्मचों से ही विटामिन – ए का सेवन कराएं। इसके साथ ही सेशन साईट पर हाथ धोने के लिए एक कॉर्नर स्थापित करें। सेशन साईट पर दो गज दूरी व भीड़ न होने पाए, इसका विशेष रूप से ख्याल रखें।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ अजय कुमार शुक्ला ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार जिले में बाल स्वास्थ्य पोषण माह की पूरी तैयारी कर ली गई है। अभियान के दौरान नौ माह से पाँच वर्ष तक के करीब 3.90 लाख बच्चों को विटामिन ए की खुराक पिलाई जाएगी। सभी स्वास्थ्य केन्द्रों पर पर्याप्त मात्रा में विटामिन ए पर्याप्त मात्रा में भेज दी गई है। अभियान के अंतर्गत नौ माह से पाँच वर्ष तक के बच्चों को विटामिन ए का घोल पिलाना , बच्चों का वजन लेना, एक घंटे के अंदर और छह माह तक सिर्फ स्तनपान को लेकर जन जागरूकता, गर्भवती को आयोडीन युक्त की नमक के सेवन के प्रति जागरूक करना है। बच्चों के नियमित टीकाकरण पर भी ज़ोर दिया जाएगा। कोविड-19 से बचाव एवं रोकथाम के नियमों का आवश्यक रूप से पालन कराया जाएगा।

