- हर घर से कचरा कलेक्शन करने के दावे खोखले हो रहे हैं साबित , कूड़ा नहीं उठने से परेशान लोग
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: शहर की सफाई फिर से बेपटरी हो रही है। हर घर से कचरा कलेक्शन करने के दावे खोखले साबित हो रहे हैं। कलेक्शन करने वाले वाहन खराब है, जो वर्कशॉप में खड़े हैं। यही वजह है कि कूड़ा पूरा नहीं उठ पा रहा है। लोग कूड़ा नहीं उठने से परेशान है। पहले कहा जा रहा था कि प्रत्येक घर से कूड़ा उठाया जाएगा।
इस योजना पर मुहर भी लगा दी गई थी। इसके लिए लोगों के घरों से कूड़ा उठाने के लिए शुल्क भी लोगों से वसूला जाने लगा। लोगों के घरों पर इसके बिल भी भेज दिये गए, लेकिन कूड़ा उठना अभी तक आरंभ नहीं हो पाया। सूत्रों का दावा है कि करीब 70 वाहन खराब है, जो वर्कशॉप में खड़े हैं।
नये वाहन भी आये है, जिनको अभी नहीं लगाया गया है। वे भी वर्कशॉप में खड़े हैं। एक गाड़ी पर कम से पांच लोगों का होना आवश्यक है, तभी घरों से कूड़ा कलेक्शन संभव हो सकता है,मगर इस स्कीम पर नगर निगम के अधिकारी काम नहीं कर रहे हैं। सिर्फ गाड़ी पर दो कर्मचारी होते हैं। उन्हीं को कूड़ा उठाना भी है तथा वहीं कूड़ा डाल पाएंगे। एक तरह से सफाई फिर से बेपटरी हो गई है।
स्वच्छता सर्वेक्षण के लिए शुरू होने वाला है फील्ड सर्वेक्षण
स्वच्छता सर्वेक्षण के लिए शुरू होने वाला है फील्ड सर्वेक्षण, लेकिन इसके बाद भी निगम के अधिकारी सुधर नहीं रहे हैं। शहर की सफाई व्यवस्था खराब है, सर्वेक्षण में फिर से फिसड्डी आ सकते हैं, मबर अभी तक ठीक से इसकी तैयारी तक नहीं की है। क्योंकि शहर की साफ-सफाई पर फोकस होना चाहिए, मगर यहां तो अधिकारियों ने कोई ठोस योजना भी अभी तैयार नहीं की है, जिससे इस पूरे मामले में फोकस किया जा सके।
रात की सफाई भी नियमित नहीं
रात की नियमित तरीके से सफाई होनी चाहिए, मगर उस जिम्मेदारी को भी पूरी ईमानदारी के साथ नहीं निभाया जा रहा है। अधिकारी अपने घरों में चले जाते हैं। रात्रि में सफाई की चेकिंग तक नहीं की जाती है। ऐसे में कहीं सफाई कर दी जाती है तो कई पर सफाई नहीं हो पाती है। बाजारों में रात में सफाई के लिए विशेष योजना निगम ने तैयार की है, मगर रात्रि में सफाई के नाम पर खानापूर्ति की जा रही है? नियमित रात की सफाई चले तो शहर के बाजार चमक जाएंगे। दिन में यह दिखाई देगा कि रात्रि में सफाई हुई है।

