- ऊन चीनी मिल गेट पर धरना देकर राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन
जनवाणी संवाददाता |
ऊन: किसानों की समस्याओं को लेकर कांग्रेसियों ने ऊन चीनी मिल के गेट पर धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान उप जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजकर कृषि कानून समाप्त किए जाने और पेराई सत्र प्रारंभ होने से पहला किसानों का समस्त गन्ना भुगतान कराए जाने की मांग की है।
सोमवार को जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक सैनी और जिला सेवा दल कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष धर्मेंद्र कांबोज के नेतृत्व में कांग्रेसियों ने किसानों की समस्याओं को लेकर ऊन चीनी मिल के गेट पर धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान उप जिलाधिकारी मणि अरोड़ा के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा।
जिसमें कहा गया कि मोदी सरकार ने देश के किसान, खेत और खलियान के खिलाफ एक घिनौना षड़यंत्र किया है। केंद्रीय भाजपा सरकार ने तीन काले कानूनों के माध्यम से देश की हरित क्रांति को हराने की साजिश की है। देश के अन्नदाता व भाग्यविद्याता किसान तथा खेत मजदूर की मेहनत को चंद पूंजीपतियों के हाथों गिरवी रखने का षड़यंत्र किया जा रहा है।
ज्ञापन में गन्ना मूल्य भुगतान मय ब्याज के चीनी मिल चालू होने से पहले दिलाए जाने तथा गन्ना मूल्य 250 रुपये प्रति कुंतल किए जाने और वर्ष 2020-21 के गन्ना भुगतान 14 दिन में दिलाए जाने की मांग की है। इसके अलावा तीनों कृषि कानूनों को किसान हित में वापस लिए जाने तथा किसान की आय दोगुनी करने के बाद वादे के तहत पिछला किसान का कर्ज माफ किए जाने की मांग की है।
इसके अलावा बिजली की बढ़ी दर वापस लेने तथा किसान-मजदूरों के बकाया के नाम पर विद्युत कनेक्शन न काटे जाने और उपभोक्ताओं पर बकाया के नाम पर फर्जी मुकदमें वापस लिए जाने एवं हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड, राजस्थान तथा दिल्ली के समान बिजली की दरें करने की मांग की है।
इस अवसर पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष दीपक सैनी, धर्मेंद्र काम्बोज, तेजपाल गुर्जर, धर्मेंद्र काम्बोज, जुनैद खान, सत्यम सैनी, महेंद्र शर्मा, पप्पू नायक, सुरेश सैनी, जितेंद्र काम्बोज, अश्वनी शर्मा, डा. बिजेंद्र सैनी आदि मौजूद रहे।

