- शामली में उत्तराखंड की युवती से गैंगरेप के बाद हुआ था बवाल
- मुकदमे में नामजद भाजपा नेता हुकुम सिंह की पूर्व में हो चुकी हैं मौत
जनवाणी संवाददाता |
कैराना: जून 2013 को शामली में हरिद्वार की एक युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म की वारदात सामने आई थी। वारदात को अंजाम देने का आरोप गैर संप्रदाय के युवकों पर लगा था। जिसे लेकर भाजपा नेताओं और हिंदू संगठनों से जुड़े लोगों में भारी आक्रोश फैल गया था। उस समय भाजपा विधायक हुकुम सिंह व सुरेश राणा सहित घनश्याम पार्चा तथा उनके भाई राधेश्याम पार्चा आदि शामली स्थित शिव मूर्ति के निकट धरने पर बैठ गए थे। वह आरोपियों की गिरफ्तार की मांग कर रहें थे। पुलिस द्वारा आरोपियों की गिरफ्तारी का आश्वासन दिया गया लेकिन अगले दिन सभी भाजपा नेता एवं संगठन के लोग धरने पर बैठ गए थे। जिसके बाद पुलिस ने बल पूर्वक धरना दें रहें लोगों को उठाने का प्रयास किया था। उस समय पथराव और आगजनी भी हुई थी। तत्कालीन एसपी अब्दुल हमीद ने लाठीचार्ज कराते हुए हालातों पर काबू पाया था। इसके बाद मुकदमा दर्ज करा दिया गया था। यह मामला कैराना स्थित कोर्ट में विचाराधीन चल रहा हैं। सोमवार को प्रदेश सरकार के पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं भाजपा नेता सुरेश राणा, घनश्याम पार्चा व उनके भाई राधेश्याम पार्चा तारीख के चलते कोर्ट में हाजिर हुए। कोर्ट में तीनों ने हस्ताक्षर किए। घंटों तक उनके बयान भी दर्ज किए गए। कोर्ट ने मामले में अग्रिम तिथि नियत कर दी हैं। इसके बाद तीनों कोर्ट परिसर से चले गए। बता दें, इस मामले में नामजद भाजपा नेता हुकुम सिंह की पूर्व में मौत हो चुकी हैं।

