- कहा, हर गांव से दस लोग धरने में रहे, टेंट लगाने से नहीं फायदा
- धरने के साथ-साथ बाहर के कार्यक्रम भी लगतार चलेंगे
जनवाणी संवाददाता |
मुजफ्फरनगर: लखीमपुर खीरी आंदोलन के मृतक व घायल किसानों को मुआवजा, मुकदमों की वापसी, एमएसपी, स्वामीनाथन रिपोर्ट, बिजली समेत कई मुद्दों को लेकर मुजफ्फरनगर के जीआईसी ग्राउन्ड में चल रहे आंदोलन को धार देने के लिए 10 फरवरी को महापंचायत रखी गयी है, जिसको सफल बनाने के लिए भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने पूरी जान फूंक दी है।
उन्होंने मंगलवार को जहां धरने पर अपना मोटिवेशनल भाषण देकर उनमें नई उर्जा का संचार किया। उन्होंने कहा कि सरकार अब अंग्रेजों की नीति पर उतर आयी है। हिन्दू और मुसलमानों को आपस में लड़वाने के बाद सरकार की नई नीति अब हिन्दुओं को सिक्खों से लड़वाने की है, ताकि एकता उन्हें प्रभावित न कर सके। सरकार का एजेन्डा किसानों के छोटे-छोटे संगठन बनवाना, जातियों के आधार पर संगठन बनवाना, खापों को आपस में लड़वाना है। अब जब सरकार के खिलाफ किसान आंदोलन कर रहे हैं, तो सरकार कुछ संगठनों को बहला-फुसलाकर उनसे किसानेां को बुरा कहलवायेंगे, ऐसे में बहुत सतर्क रहने की आवश्यकता है। बुरा-भला कहने वाले किसान संगठनों को जवाब नहीं देना है, क्योंकि वह भी हम में से ही एक हैं।
उन्होंने सभी लोगों से आह्वान किया कि शान्तिपूर्वक अपना आंदोलन करें। मैदान में अपने टेंट लगायें और इन्हीं टेंटों में रहे। केवल टेंट लगाकर गिनती पूरी न करें। अपने गांव से शिफ्टों में अंादोलन में भाग लें। उन्होंने कहा कि थक जाओ तो बता देना, हरियाणा व पंजाब से किसान बुला लेंगे। उन्होंने कहा कि आंदोलन कितने दिन चलेगा यह तो नहीं पता, पर आंदोलन चलेगा जरूर। उन्होंने कहा कि प्रशासन के लोग व एलआईयू के लोगों की निगाहें लगातार आंदोलन पर टिकी हुई हैं और रोज एलआईयू द्वारा शासन को रिपोर्ट भेजी जाती है, ऐसे में धरने में संख्या में बढ़ोत्तरी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि 1 गांव से दस लोगों की आवश्यकता है, जो शिफ्टों में अपनी ड्यूटी करें। साथ ही अपनी खेती पर भी ध्यान दें।
उन्होंने कहा कि प्रशासन व एलआईयू के लोग लगातार उनसे सम्पर्क कर रहें, परन्तु उन्होंने कह दिया कि कोई सिफारिश न करें, बिना मांगें पूरी हुए यह आंदोलन समाप्त होने वाला नहीं है। सरकार किसानों के मीटर लगाने के लिए पीएसी का सहारा लेने की बात कर रही है, वह मिलट्री लेकर किसानों के मीटर लगाये। उन्होंने व्यग्यात्मक अंदाज में कहा कि आजकल मोटर व मीटर चोरी भी बहुत हो रहे हैं, इसलिए इनका पहरा भी पुलिस या पीएसी ही देगी।

