Wednesday, March 4, 2026
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विंटर डायरिया के शिकार हो रहे नौनिहाल

  • तीन दिन तक चपेट में रहता है बच्चा
  • पानी की कमी हो सकती है घातक

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: मौसम के उतार-चढ़ाव में इन दिनों छोटे बच्चे विंटर डायरिया की चपेट में आ रहे हैं। वायरस के कारण होने वाले इस डायरिया का प्रभाव तीन दिन तक रहता है। इस बीच रोग ग्रस्त बच्चे में पानी की कमी न हो, इसके लिए विशेष सावधानी बरतने की सलाह चिकित्सक देते हैं।

बेहद शरद रहे मौसम के बीच एकाएक गर्मी ने अपनी आमद बहुत तेजी से की। हालांकि तेज हवाओं ने मौसम परिवर्तन के कदमों को रोक दिया है। इस बीच छोटे-छोटे बच्चे एक और खांसी जुकाम की चपेट में आ गए हैं, वहीं सबसे ज्यादा प्रतिकूल प्रभाव विंटर डायरिया डाल रहा है। इस डायरिया में बच्चा बार-बार उल्टी और दस्त करता है। चिकित्सकों का कहना है कि अन्य कारणों के साथ-साथ रोटा वायरस समेत विभिन्न वायरस विंटर डायरिया का कारण बन जाते हैं।

डायरिया की चपेट में आने वाले बच्चों के इलाज के दौरान इस बात की सावधानी जरूरी है। उनके अंदर पानी की कमी न हो पाए। क्योंकि छोटे बच्चों की इम्युनिटी बहुत मजबूत नहीं होती, इसलिए पानी की कमी उनके स्वास्थ्य के लिए घातक साबित हो सकती है।

लापरवाही होगी घातक: डा. अनुज रस्तोगी

बाल रोग विशेषज्ञ डा. अनुज रस्तोगी का कहना है कि सर्दी और बदलते मौसम के बीच वायरस से होने वाले डायरिया की चपेट में आने वाले बच्चों के उपचार में लापरवाही घातक रूप ले लेती है। ऐसे में बच्चे को पानी की कमी का शिकार न होने दें,

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इसके लिए तत्काल चीनी और नमक के घोल देने के साथ-साथ चिकित्सक से उपचार शुरू कराया जाए। सबसे जरूरी यह है कि बच्चों की इम्यूनिटी मजबूत हो, इसके लिए मां के दूध से कीमती कोई चीज दुनिया में नहीं है। कई बार बच्चे के बीमार होने के कारण मां अपने ही दूध को इसके लिए जिम्मेदार मानते हुए ऊपर का दूध शुरू कर देती है।

मां के दूध को दे प्राथमिकता: डा. उमंग अरोरा

डा. उमंग अरोरा का कहना है कि विंटर डायरिया रोटा वायरस और अन्य वायरस के कारण होता है। इससे बचाव के लिए बाहरी चीजें बच्चों को खाने के लिए न दी जाए।

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मां का दूध प्राथमिकता रखा जाए, अगर ऊपरी दूध देना जरूरी हो, तो बोतल की सफाई बहुत अच्छे से की जाए। इसके लिए जरूरी टीकाकरण कराया जाए।

गंदगी से भी फैलता है डायरिया: डा. शरद जैन

डा. शरद जैन का कहना है कि वायरल और वैक्टीरिया के अलावा कई बार डायरिया गंदगी के कारण भी हो जाता है। इसके लिए साफ-सफाई नितांत आवश्यक है। अगर रात के समय बच्चे को डायरिया हो, तो सबसे पहले उसे पानी की कमी से बचाने पर ध्यान देना होता है।

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इसके लिए चीनी और नमक का घोल दिया जा सकता है। इसके अलावा नारियल पानी, दाल का पानी आदि दिया जा सकता है। वायरल से होने वाले डायरिया का प्रभाव तीन दिन तक रहता है। इस बीच उपचार कराना और बच्चे को पानी की कमी न होने देना जरूरी होता है।

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