Wednesday, July 22, 2026
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बिहार सरकार बजट 2023, वित्तमंत्री तो बदले मगर नहीं बदले हालात

नमस्कार, दैनिक जनवाणी डॉट कॉम वेबसाइट पर आपका अभिनंदन और स्वागत है। आज बिहार सरकार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपना आम बजट पेश कर रहे हैं। साल 2015 से लेकर अब तक बिहार की सियासी पिच पर वित्तमंत्री तो नए नए आए लेकिन जनता की हालत नहीं बदली और ना ही बजट में प्राथमिकताएं बदलीं। बिहार में 2015 से अब तक आठ सालों में बजट का आकार कितना बढ़ा? सरकार का फोकस कौन कौन से मुद्दों पर
फोकस रहा?

2022-23 का बजट

एनडीए गठबंधन की सरकार की ओर से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने नेतृत्व भाजपा कोटे से मंत्री तार किशोर प्रसाद ने बजट पेश किया। यह बजट 237691.19 करोड़ का था। इस बजट में भी शिक्षा के लिए सबसे अधिक 39191 करोड़ रुपये दिए गए। वहीं हेल्थ के लिए 16134 करोड़ की राशि दी गई। इस बजट में इथनॉल के उत्पादन के लिए 151 फैक्ट्रियां लगाने के प्रस्ताव मंजूर किए गए थे।

2021-22 का बजट

2020 के विधानसभा चुनाव के बाद यह पहला बजट था। एनडीए गठबंधन की सरकार का नेतृत्व भी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ही कर रहे थे। हालांकि, भाजपा कोटे से मंत्री बने तार किशोर प्रसाद ने 22 फरवरी को बजट पेश किया। कोरोना काल में पेश किए गए इस बजट का आकार 218302.70 था। इसमें भी शिक्षा को ही सबसे अधिक 38 हजार करोड़ दिए गए थे।

2020-21 का बजट

एनडीए सरकार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में वित्त मंत्री सुशील मोदी ने बजट पेश किया था। इस बजट का आकर 211761.49 करोड़ रुपये का था। इसमें भी शिक्षा के लिए सबसे अधिक 35191 करोड़ रुपये दिए गए। यह कुल बजट का 20 प्रतिशत हिस्सा था। इसमें स्वास्थ्य के लिए 10 हजार करोड़ रुपये दिये गए थे। सरकार ने इस बजट को देश का पहला ग्रीन बजट बताया था। इसमें 9 अगस्त को 2 करोड़ 51 लाख पौधे लगाने का संकल्प लिया गया था।

2019-20 का बजट

एनडीए सरकार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में वित्त मंत्री सुशील मोदी ने बजट पेश किया था। इस बजट का आकर 200501.01 करोड़ रुपये का था। इसमें शिक्षा पर 34798 करोड़ रुपये खर्च किए गए। यह कुल राशि का 20.31 प्रतिशत था। स्वास्थ्य के क्षेत्र में सरकार ने 5149.45 करोड़ रुपये दिए गए थे।

2018-19 का बजट

एनडीए सरकार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में वित्त मंत्री सुशील मोदी ने 27 फरवरी 2018 को इस बजट को पेश किया था। इस बजट का आकार 176990.27 करोड़ रूपये था। इसमें भी शिक्षा विभाग के लिए सबसे अधिक 32125 करोड़ रूपये दिए गए। यह कुल बजट का 18 प्रतिशत था। इस बजट में भी स्वास्थ्य और कृषि पर विशेष ध्यान दिया था।

2017-18 का बजट

महागठबंधन की सरकार के साथ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का यह दूसरा बजट था। वित्त मंत्री अब्दुल बारी सिद्दकी ने 27 फरवरी 2017 को इस बजट को पेश किया था। इस बजट का आकार 160065.69 करोड़ रुपये था। इस बजट में भी शिक्षा पर सबसे अधिक 25251 करोड़ रुपये दिए गए। यह पूरे बजट का 17.93 प्रतिशत था। वहीं स्वास्थ्य पर 7001 करोड़ रुपए दिए गए। यह कुल बजट का 4.93 प्रतिशत था।

2016-17 का बजट

महागठबंधन की सरकार के साथ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का यह पहला बजट था। यह बजट 26 फरवरी 2016 को पेश किया था। इस बजट का आकार 144696.27 करोड़ रुपये का था। इस बजट में भी शिक्षा के विकास के लिए 14217.89 करोड़ रुपये दिए गए थे। यह कुल आवंटित बजट का 17.58 प्रतिशत था। वहीं स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए 3567.42 करोड़ रुपये दिए गए थे। यह कुल बजट का 4.41 प्रतिशत था।

2015-16 का बजट

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में 12 मार्च 2015 को बिहार का बजट पेश किया थाथा। इसका आकार 120685.32 करोड़ रुपये का था। जिसमें शिक्षा के लिए 10950.14 करोड़ (बजट का 19 फीसदी), स्वास्थ के लिए 2372.00 (बजट का 4.15) और कृषि के लिए 2342.35 (बजट का 4.10) दिए गए थे।

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