- हत्याकर शव गंगनहर में डालने का आरोप
- 26 मार्च को छपरौली घर से मुरादाबाद ड्यूटी पर कह कर कार से निकला था सिपाही
- सरधना नहर पुल के पास पांच दिन पूर्व लावारिस हालत में मिली थी कार
जनवाणी संवाददाता |
जानी खुर्द: मंगलवार को मुरादाबाद पुलिस लाइन में तैनात सिपाही अरविंद का शव पुलिस ने बरामद किया है। अरविंद के पिता ने पुत्र की हत्याकर शव को ठिकाने लगाने के लिये गंगनहर में डालने का आरोप लगाया है।
बागपत जिले के छपरौली कस्बा निवासी राजपाल का इकलौता पुत्र अरविंद पुलिस में सिपाही के पद पर तैनात था। अरविंद की पोस्टिंग मुरादाबाद पुलिस लाइन में चल रही थी।
अरविंद छुट्टियां काटकर गत 26 मार्च को कार से ड्यूटी पर कहकर घर से निकला था। अरविंद ड्यूटी पर नहीं पहुंचा और उसकी कार दो दिन बाद सरधना गंगनहर पुल के पास लावारिस हालत में मिली थी। तभी से परिजन और पुलिस अरविंद की तलाश कर रहे थे। मंगलवार को एक शव भोला झाल में मिला तो छपरौली निवासी राजपाल ने लापता पुत्र अरविंद के रूप में की तो परिवार में कोहराम मच गया।

पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिये भेज दिया है। अरविंद के पिता राजपाल में बताया कि उसके पुत्र की हत्या कर शव को ठिकाने लगाने के उद्देश्य से गंगनहर में डाला गया है। पिता द्वारा लगाए गए हत्या के आरोप पर जांच कर थाना पुलिस ने कार्रवाई की बात की है।
हेड कांस्टेबल ने उठा रखे 50 लाख उधार और 45 लाख के लोन
सरधना: क्षेत्र के पौहल्ली गांव से गायब हुए दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल के सुरसक्षकर्मी के चौंकाने वाले तथ्य सामने आ रहे हैं। पुलिस जांच में सामने आया है कि कांस्टेबल ने दिल्ली में विभिन्न लोगों से 50 लाख रुपये उधार उठा रखे हैं। इतना ही नहीं करीब 45 लाख रुपये के दो लोन भी हाल ही में लिए हैं। इतनी बड़ी रकम उठाने के कारणों का भी पुलिस पता लगा रही है। फिलहाल पुलिस मामले की गहनता से जांच में लगी हुई है। मगर अभी तक कांस्टेबल का कोई सुराग नहीं लग सका है।

कोतवाली क्षेत्र के पौहल्ली गांव निवासी गोपीचंद पुत्र नत्थन सिंह दिल्ली पुलिस में हेड कांस्टेबल है। हाल में वह दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आवास पर तैनात था। कुछ दिन पहले गोपीचंद अवकाश लेकर घर आया था। बीती 26 मार्च की शाम के बाद से गोपीचंद का कोई सुराग नहीं लग रहा है। गुमशुदगी दर्ज करने के बाद पुलिस भी उसकी तलाश में लगी हुई है। एसपी देहात अनिरुद्ध कुमार ने बताया कि जांच के दौरान पता चला है कि गोपीचंद ने दिल्ली में विभिन्न लोगों से करीब 50 लाख रुपये उधार उठा रखे हैं।
इसके अलावा लगभग 45 लाख रुपये के दो लोन भी हाल में लिए थे। 31.54 लाख रुपये उसकी पत्नी रेखा के खाते में आए हैं, जबकि 13 लाख की रकम गोपीचंद के अकाउंट में आई है। इतनी बड़ी रकम लेने के कारणों का भी पता लगाया जा रहा है। फिलहाल पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है। मगर अभी तक पुलिस हेड कांस्टेबल का सुराग नहीं लगा सकी है।

