
राजनैतिक विरासत की दावेदारी को लेकर पारिवारिक घमासान की खबरें तो स्वतंत्रता के बाद ही उसी समय आनी शुरू हो चुकी थीं, जबकि देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू अपने साथ अपनी इकलौती बेटी इंदिरा प्रियदर्शिनी को साथ लेकर देश विदेश की यात्राओं पर जाया करते थे। वे राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय स्तर के नेताओं व राष्ट्राध्यक्षों से उनका परिचय कराते और उन्हें राजनीति के दांवपेच सिखाते। नेहरू ऐसा इसीलिये करते थे, ताकि उनकी राजनैतिक विरासत उनकी इकलौती बेटी इंदिरा संभाल सके। परंतु उसी समय नेहरू की बहन व स्वतंत्रता सेनानी विजय लक्ष्मी पंडित के अंतर्मन में भी नेहरू की विरासत संभालने की मनोकामना पनप रही थी। नेहरू के बाद इंदिरा व उनकी बुआ विजय लक्ष्मी पंडित के परस्पर मतभेदों के भी कई किस्से सामने आते रहते थे।