Sunday, March 15, 2026
- Advertisement -

बच्चों के साथ हो रही नाइंसाफी

  • शासनादेशों की उड़ी धज्जियां, बीएसए के निरीक्षण में भी पाई गई थी अव्यवस्थाएं

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: बीएसए के अधीन आने वाले विद्यालयों में अव्यवस्था चरम पर है। यहां सरकार के आदेशों की खुलकर अवहेलना की जाती है। ताजा मामला प्राथमिक विद्यालय कमालपुर का है। जहां आजादी का अमृत कार्यक्रम के दौरान रविवार को बच्चों को मध्यांतर भोजन के रूप में खिचड़ी परोसी गई। जबकि निदेशक बेसिक शिक्षा के आदेश के अनुसार रविवार को प्रदेश के सभी बेसिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत आने वाले विद्यालयों में विशेष मध्यांतर (मिड-डे-मील) भोजन देना था।

निदेशक बेसिक शिक्षा विजय किरण आनंद द्वारा 11 अगस्त को आदेश जारी कर पूरे प्रदेश में आजादी का अमृत महोत्सव के दौरान चलाए जा रहे हर घर तिरंगा व मेरी माटी, मेरा देश कार्यक्रम के दौरान रविवार को बच्चों को विशेष भोजन देने को कहा गया था, लेकिन प्राथमिक विद्यालय कमालपुर में इस आदेश की जमकर धज्जियां उड़ाई गई। आजादी के 75 वर्ष पूरे होने की खुशी में पूरा देश जश्न मना रहा है।

01 15

स्कूली बच्चों को आजादी की गाथाओं के बारे में जानकारी दी जा रही है। इसको लेकर 9 से 15 अगस्त के बीच सभी स्कूलों में तमाम तरह के कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं। इस दौरान रविवार को भी स्कूलों में बच्चों को बुलाकर आजादी का अमृत कार्यक्रम मनाया जा रहा है। जिसके लिए निदेशक बेसिक शिक्षा ने स्कूलों में बच्चों को विशेष भोजन उपलब्ध कराने को कहा है।

बीएसए पहले भी जता चुकीं है नाराजगी

प्राथमिक विद्यालय कमालपुर में अव्यवस्थाओं का अंबार है। बीते 17 जुलाई को भी बीएसए आशा चौधरी ने इस स्कूल का दौरा किया था। जिसमें स्कूल के कमरों में गंदगी का अंबार नजर आया था, साथ ही भीषण गर्मी में बिना पंखों के बच्चे शिक्षा लेते नजर आए थे। स्कूल की दीवारों पर सीलन की वजह से मच्छर पनप रहे थे। जिसको लेकर बीएसए ने स्कूल की प्रिंसिपल पंकज शर्मा से नाराजगी जताई थी, लेकिन रविवार को फिर यहां इसी तरह के हालात नजर आए।

कौन छीन रहा बच्चों का निवाला?

प्राथमिक विद्यालय कमलापुर में बच्चों को मिलने वाली सरकारी सुविधाओं को छीना जा रहा है। जब निदेशक बेसिक शिक्षा ने आदेश जारी किये है कि बच्चों को रविवार को विशेष भोजन मिलना चाहिए तो वह कौन है जो उनके हक पर डाका डाल रहा है। मध्यांतर भोजन का पैसा सरकार की ओर से आता है। जिसमें बच्चों को अच्छा भोजन उपलब्ध कराने का प्रावधान है, लेकिन विशेष भोजन के नाम पर बच्चों को खिचड़ी परोसना इस बात को उजागर करने के लिए काफी है कि यहां सरकारी आदेश भी मायने नहीं रखते।

रविवार को विशेष भोजन के रूप में स्कूलों में हलवा-पूरी व खीर बांटी गई है, लेकिन प्राथमिक विद्यालय कमालपुर में खिचड़ी क्यों बांटी गई? इसकी जांच कराई जाएगी।

04 13

जिस एनजीओ ने यह भोजन उपलब्ध कराया है उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। -आशा चौधरी, बेसिक शिक्षा अधिकारी, मेरठ।

spot_imgspot_img

Subscribe

Related articles

सिलेंडर बिन जलाए रोटी बनाने की कला

मैं हफ्ते में एक दिन आफिस जाने वाला हर...

सुरक्षित उत्पाद उपभोक्ता का अधिकार

सुभाष बुडनवाला हर वर्ष 15 मार्च को विश्व भर में...

पुराना है नाम बदलने का चलन

अमिताभ स. पिछले दिनों, भारत के एक राज्य और कुछ...

IAF Agniveer Vayu: खिलाड़ियों के लिए एयरफोर्स भर्ती, जानें आवेदन शुरू होने की तारीख

जनवाणी ब्यूरो | नई दिल्ली: भारतीय वायु सेना ने अग्निवीर...

Delhi Fire: दिल्ली के नेचर बाजार में भीषण आग, 40 दुकानें जलकर खाक

जनवाणी ब्यूरो | नई दिल्ली: रविवार सुबह दिल्ली के अंधेरिया...
spot_imgspot_img