- हाईकोर्ट बेंच स्थापना की मांग, बार काउंसिल की बैठक पर टिकी निगाहें
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: हापुड़ में पुलिस द्वारा अधिवक्ता से मारपीट की घटना को लेकर मेरठ के अधिवक्ताओं में भारी आक्रोश पैदा हो गया था, लेकिन डीएम के प्यार से समझाने पर अधिवक्ताओं को गुस्सा शांत हो गया। हाईकोर्ट बेंच स्थापना केन्द्रीय संघर्ष समिति के चेयरमैन व संयोजक के नेतृत्व में जिले के अधिवक्ता जुलूस के रूप में रजिस्ट्री कार्यालय पर पहुंचे और कार्यालय को पूर्ण रूप से बन्द करा दिया। इसके बाद प्रधानमंत्री के नाम संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा गया। आज इलाहाबाद में बार काउंसिल आफ उत्तर प्रदेश की बैठक होनी है। इस बैठक पर प्रदेशभर के अधिवक्ताओं की नजर है। इस बैठक में आगे की रणनीति की दिशा तय होनी है।

बता दें कि वेस्ट यूपी में हाईकोर्ट की बेंच स्थापना के लिए 19 अगस्त को हाईकोर्ट बेंच स्थापना केंद्रीय संघर्ष समिति की बैठक और सिविल बार एसोसिएशन बुलंदशहर में लिए गए निर्णय के मुताबिक केंद्रीय संघर्ष समिति के चेयरमैन कुंवरपाल शर्मा और संयोजक विनोद चौधरी के नेतृत्व में सभी अधिवक्ताओं ने वेस्ट यूपी की आम जनता को सस्ता, सुलभ व त्वरित न्याय दिलाने के लिए एक मांगपत्र को लेकर जिलाधिकारी को प्रधानमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा गया।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट बेंच स्थापनार्थ जुलूस में केन्द्रीय संघर्ष समिति के चेयरमैन व संयोजक के नेतृत्व में जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष शिवदत्त जोशी, महामंत्री विमल तोमर, मेरठ बार के उपाध्यक्ष रजत पालिवाल, कोषाध्यक्ष अनुज तीमर, सदस्य खुशनुमा प्रवीन, अवधेश बिहारी सक्सेना, ब्रजपाल सिंह दबथुवा, कुलदीप मलिक, शक्तिराज, अनुज शर्मा, अमरदीप, सुनील चिंदौड़ी, प्रियंक देव शर्मा, भावेश बेनीवाल, आनंद सिंह छबड़िया, शीशपाल सिंह, चौधरी रजत, अमित सरोहा, सुलक्षण वर्मा, सतेन्द्र जांगीड, आबिद अली, प्रदीप सोम, अंकुर वर्मा, पवन प्रधान, चौधरी हरेन्द्र सिंह, संदीप सिरोही, आदेश प्रधान, विनय शर्मा, सुंदर यादव, अंकुर विरक, अंकित बालियान आदि सैकड़ों अधिवक्तागण उपस्थित रहे।
अधिवक्ताओं ने बंद कराया कामकाज
सभी अधिवक्ता एक साथ सबसे पहले जुलूस की शक्ल में रजिस्ट्री दफ्तर पहुंचे और वहां के कामकाज को ठप कराया तत्पश्चात सभी लोग जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे।
कचहरी में सामान्य रहा कामकाज
सामान्य तौर कचहरी और कलक्ट्रेट में अधिवक्ता और वादी फरियादी अपने कामकाज में मशगूल दिखे। इस दौरान जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर जहां फरियादी देखे गए तो वहीं वादी प्रतिवादी भी अपने मुकदमों की पैरवी करते सामान्य तरीके से देखे गए।
मुख्य द्वार से नदारद रही सुरक्षा व्यवस्था
कचहरी के मुख्य द्वार पर सुरक्षा व्यवस्था नहीं दिखी। इसके अलावा मेटल डिटेक्टर की जांच और मशीन से सामानों की जांच करने वाले सुरक्षा कर्मी नहीं दिखाई दिए। कुल मिलाकर पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था कलक्ट्रेट के इर्द गिर्द ही दिखाई दी। कचहरी में आस पास या गेट पर सुरक्षाकर्मी नहीं देखे गए।
आम सभा की बैठक संपन्न
मेरठ बार एसोसिएशन व जिला बार एसोसिएशन की एक आवश्यक बैठक मेरठ बार एसोसिएशन के सभागार में की गयी। इस आम सभा की अध्यक्षता कुंवरपाल शर्मा एवं सह अध्यक्षता शिवदत्त जोशी व संचालन विनोद कुमार चौधरी तथा सह संचालन विमल कुमार तोमर ने किया।

आम सभा में मेरठ बार के पूर्व अध्यक्ष उदयवीर सिंह राणा, ब्रजपाल सिंह दबथुवा, ब्रजवीर सिंह कालिक, विरेन्द्र सिंह सिरोही, चरण सिंह यादव, दीपक चाहल, अमरदीप, सिराजुद्दीन अल्वी, आनन्द सिंह बडिया, देवकरण शर्मा, सुरेश पाल सिंह, शक्तिराज जिंदल, प्रियंक देव शर्मा आदि अधिवक्ताओं ने अपने-अपने विचार प्रकट किये, जिसके बाद कई प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किये गये।
बार काउंसिल आफ उत्तर प्रदेश पर टिकी निगाहें
आज इलाहाबाद में बार काउंसिल आफ उत्तर प्रदेश की बैठक होनी है। इस बैठक पर प्रदेशभर के अधिवक्ताओं की नजर है। इस बैठक में आगे की रणनीति की दिशा तय होनी है। साथ ही हापुड़-गाजियाबाद में अधिवक्ताओं पर पुलिस-प्रशासन ने जो बबतार्पूर्वक लाठीचार्ज किया है इस संदर्भ में बार काउंसिल आॅफ उत्तर प्रदेश, इलाहाबाद की बैठक के निर्णयों के अनुसार मेरठ बार एसोसिएशन व जिला बार एसोसिएशन संयुक्त रूप से अग्रिम निर्णय लिये जायेंगे।
सरधना में अधिवक्ताओं ने रजिस्ट्री दफ्तर में की तालाबंदी
सरधना/मवाना: शनिवार को पश्चिम यूपी में हाईकोर्ट बेंच की स्थापना की मांग को लेकर अधिवक्ताओं ने धरना प्रदर्शन किया। अधिवक्ताओं ने रजिस्ट्री दफ्तर में तालाबंदी कर दी और वहीं धरने पर बैठ गए। पश्चिम उत्तर प्रदेश के अधिवक्ता लंबे समय से हाईकोर्ट बेंच की स्थापना की मांग कर रहे हैं। जिसको लेकर लगातार वकीलों का संघर्ष जारी है। शनिवार को भी सरधना तहसील के अधिवक्ता मांग को लेकर हड़ताल पर रहे।

हाईकोर्ट बेंच की स्थापना को लेकर वकीलों ने रजिस्ट्री दफ्तर में तालाबंदी कर दी और वहीं धरने पर बैठ गए। इस दौरान वकीलों ने जमकर नारेबाजी की। वक्ताओं ने कहा कि अधिवक्ता लंबे समय से हाईकोर्ट बेंच की स्थापना की मांग कर रहे हैं। मगर सरकार सुनने को तैयार नहीं है। हाईकोर्ट दूर होने के कारण वादकारों को देरी से और महंगा न्याय मिल रहा है। इस तरह वेस्ट यूपी के लोगों के साथ अन्याय हो रहा है। वकीलों ने कहा कि जब तक वेस्ट यूपी में हाईकोर्ट बेंच की स्थापना नहीं होती है, संघर्ष जारी रहेगा।
सरधना बार एसोसिएशन ने प्रधानमंत्री के नाम संबोधित एक ज्ञापन तहसीलदार नटवरी सिंह को सौंपा। इस मौके पर बार अध्यक्ष मलखान सैनी, सचिव अरविंद प्रताप सिंह, कुलदीप शर्मा जितेंद्र पांचाल, प्रमोद प्रधान, रविंद्र सिंह, राकेश त्यागी आदि मौजूद रहे। उधर, मवाना में हापुड़ में वकीलों पर बीते मंगलवार को हुआ लाठीचार्ज के बाद महिला वकील पर दर्ज एफआईआर के विरोध में शनिवार को बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने कार्य बंद करते हुए सभी कार्यालय पर ताला लगा दिया और हड़ताल कर प्रदर्शन करने लगे। बार एसोसिएशन के नेतृत्व में तहसील परिसर में हड़ताल कर धरने पर बैठे वकील मुकदमे वापस नहीं तक सरकारी कार्यालय में कार्य का बहिष्कार करने की चेतावनी दी।

तदोपरांत पांच सूत्रीय मांग हापुड़ बार एसोसिएशन हापुड़ की सम्मानित सदस्य प्रियंका त्यागी एड. एवं उनके पिता के विरुद्ध दर्ज मुकदमे तत्काल निरस्त करने, हापुड़ डीएम व एसएसपी के साथ दोषी पुलिस कर्मियों को निलंबित कर उनके विरुद्ध अपराध पंजीकृत कराये जाने, हापुड़ बार एसोसिएशन हापुड़ के समर्थन में अन्य जिले एवं तहसील के तागण के विरुद्ध दर्ज मुकदमे की वापस लेने आदि की मांगों को लेकर एसडीएम अखिलेश यादव को ज्ञापन दिया।


