- अधिकारी फील्ड में जाकर खुद जांचे कार्यों की गुणवत्ता
- निर्माणाधीन कार्यों को तय समय सीमा में पूर्ण करने के निर्देश
- मंत्री की समीक्षा बैठक में पास हुए पीडब्ल्यूडी अधिकारी, ली राहत की सांस
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: उत्तर प्रदेश के लोक निर्माण राज्य मंत्री कुंवर बृजेश सिंह ने बुधवार को कलक्ट्रेट परिसर स्थित एनआईसी में विभागीय अधिकारियों के साथ निर्माणाधीन कार्यों की समीक्षा की। इसके अलावा गड्ढा मुक्ति अभियान पर भी विशेष फोकस किया। बैठक के दौरान मंत्री ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि वो दीपावली से पूर्व जनता को गड्ढा मुक्त सड़कों का तोहफा दें। उन्होंने यह भी कहा कि शासन द्वारा निर्धारित प्राथमिकता वाले निर्माण कार्यों में किसी भी स्तर पर शिथिलता न बरतें।
समीक्षात्मक बैठक में कुल 10 करोड़ से अधिक की लागत के 14 कार्यों की समीक्षा की गई। इनकी कुल लागत 893.24 करोड़ रुपये है। बैठक में बताया गया कि स्वीकृत धनराशि के सापेक्ष अब तक कुल 283.63 करोड़ रुपये की धनराशि अवमुक्त हो चुकी है। मंत्री के समक्ष पीडब्ल्यूडी अधिकारियों ने आंकड़े पेश करते हुए कहा कि अवमुक्त राशि के सापेक्ष अब तक 251 करोड़ रुपये व्यय भी हो चुके हैं। पीडब्ल्यूडी अधिकारियों के अनुसार उक्त 14 कार्यों में से प्रांतीय खंड और निर्माण खंड के अन्तर्गत तीन तीन कार्य, निर्माण खंड (भवन) के अन्तर्गत 4 कार्य, उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम के अन्तर्गत दो कार्य तथा राजकीय निर्माण निगम के अन्तर्गत दो कार्य सम्पादित कराए जा रहे हैं।
मंत्री ने पीडब्ल्यूडी अधिकारियों से कहा कि जो भी कार्य हो रहे हैं अथवा प्रस्तावित हैं। उनमें पूर्ण पारदर्शिता बरती जाए तथा गुणवत्ता पूर्ण कार्य कराना सुनिश्चित किया जाए ताकि आम जनता में लोक निर्माण विभाग के कार्यों के प्रति और अधिक विश्वास पैदा हो। मंत्री बृजेश सिंह ने कहा कि अधिकारी फील्ड में जाकर कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करें तथा जिस कार्य के लिए जो समय निर्धारित किया गया है
वो कार्य लक्षित समय में ही पूर्ण होना चाहिए। बैठक में जिलाधिकारी दीपक मीणा, पीडब्ल्यूडी के चीफ इंजीनियर (मेरठ क्षेत्र) ओपी सोनकर, अधीक्षण अभियंता जगदीश प्रसाद, दोनों अधिशासी अभियंता सतेन्द्र सिंह, संजय सिंह, सेतु निगम के अधिशासी अभियंता सुदीप गर्ग, एनएच के अधिशासी अभियंता शैलेन्द्र सिंह व निर्माण खंड (भवन) के अधिशासी अभियंता आरके सिंह आदि मौजूद रहे।
‘गड्ढा मुक्ति’ अभियान से निखरेगी शासन की भी छवि
बैठक के दौरान मंत्री बृजेश सिंह ने गड्ढा मुक्ति अभियान की भी समीक्षा की। मंत्री की समीक्षा के दौरान बताया गया कि गड्ढा मुक्ति अभियान का कार्य आधे से अधिक पूरा किया जा चुका है। बैठक के दौरान पीडब्ल्यूडी अधिकारियों ने मंत्री बृजेश सिंह को बताया गया कि मेरठ जनपद में गड्ढामुक्ति के लिए लक्षित मार्ग की कुल लम्बाई 665.76 किलोमीटर है और इसके सापेक्ष अभी तक सिर्फ 362.78 किलोमीटर सड़कों को गड्ढा मुक्त किया भी जा चुका है।
मतलब कि लक्षित मार्ग में से 55 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो गया है। इस पर मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गड्ढा मुक्ति अभियान चूंकि शासन की प्राथमिकताओं में शामिल है तथा यह सीधे सीधे जनता से जुड़ा कार्य है। उन्होंने कहा कि चूंकि गड्ढा मुक्त सड़कों से शासन की छवि निखरती है लिहाजा इसे प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण कराया जाए।
शहर में सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के लिए शुरू हुआ कार्य
शहर की सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के लिए आखिरकार बुधवार से शुरुआत हो गई। जिसमें यह शुरुआत शहर में वार्ड-21 से शुरू की गई। जिसमें सड़कों में बने गड्ढों के कारण आए दिन सड़क हादसों की संख्या बढ़ती जा रही है। जिसमें शहर की जनता गड्ढों को लेकर काफी समय से परेशान हाल है। इस बार शहर की सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के लिए करीब साढेÞ चार से पांच करोड़ का अच्छा खासा बजट भी रखा गया है।
देखना है कि सड़क में बने गड्ढों को अच्छे से भरा जायेगा ताकि वह काफी समय तो फिर से गड्ढों में तब्दील न हों। या फिर कुछ दिन बाद ही करोड़ों रुपये की लागत से भरे गए गड्ढे सड़कों में फिर से दिखाई देंगे। फिलहाल गड्ढों को भरने के लिए अभियान की शुरुआत जोकि गई है। वह शहर की जनता के लिए थोड़ी राहत भरी खबर जरूर कहा जा सकता है।

