- लंपी स्किन डिजीज से पशुओं को बचाने के लिए शासन ने उठाया महत्वपूर्ण कदम
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: लंपी स्किन डिजीज से पशुओं को बचाने के लिए शासन ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इस बाबत प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों को शासन से सख्त दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। जिसके मुताबिक आगामी 31अक्टूबर तक पशुओं के परिवहन पर पूर्ण रुप से रोक लगाई गई है। साथ ही प्रदेश में कहीं पर भी पशु पैंठ या पशु मेला लगाने क ी अनुमति भी नहीं हैं।
बता दें कि प्रदेश के पूर्वांचल, मध्यांचल एवं बुंदेलखंड के 35 जनपदों में लंपी स्कीन डिजीज का गोवंश में संक्रमण हुआ है। इस रोग से अभी तक प्रदेश में लगभग 5138 गोवंश प्रभावित हो चुके हैं। यह एक विषाणु जनित रोग है जिसका प्रसार प्रभावित पशुआें से मक्खी जैसे वेक्टर के माध्यम से अन्य पशुओं में होता है। इस बाबत उत्तर प्रदेश शासन के मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र ने प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों को अवगत कराते हुए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए है।
जिसमें सीमावर्ती राज्य बिहार, मध्य प्रदेश, झारखंड एवं छत्तीसगढ़ एवं नेपाल से उत्तर प्रदेश के रास्ते में पडने वाली समस्त बार्डर-चेकपोस्ट व पुलों पर निगरानी सक्रिय किए जाने के साथ-साथ आगामी 31 अक्टूबर तक गोवंश एवं महिषवंश के प्रदेश में प्रवेश को पूर्णतया प्रतिबन्धित करने के दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसके अलावा प्रदेश के भीतर समस्त जनपदों में गोवंश एवं महिषवंश पशुओं के अन्तर्राज्यीय एवं अन्तर्जनपदीय परिवहन पर आगामी 31अक्टूबर तक रोक लगाई गई है।
इसके साथ ही लंपी स्किन डिजीज के संक्रमण से पशुओं को बचाने के लिए यह भी निर्णय लिया गया है कि प्रदेश के समस्त जनपदों में आगामी 31 अक्टूबर तक कोई भी पशु पैंठ, पशु मेला नहीं लगाया जाएगा। इस बारे में मुख्य पशुचिकित्सा अधिकारी अखिलेश गर्ग का कहना है कि पशुओं के अन्तर्राज्यीय एवं अन्तर्जनपदीय परिवहन पर आगामी 31अक्टूबर तक रोक लगाई गई है। साथ ही इस अवधि तक जनपद में पशु मेले, पशु हाट और पशु पैंठ पर भी पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगाया गया है। उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।

