Wednesday, April 29, 2026
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कानपुर में बर्खास्त, मेरठ में कोआर्डिनेटर

  • पीएम आवास योजना प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का ड्रीम प्रोजेक्ट, उसमें भी भ्रष्टाचार

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: पीएम आवास योजना प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का ड्रीम प्रोजेक्ट हैं। गरीबों को आवास मुहैय्या कराना ही प्रधानमंत्री की प्राथमिकता में शामिल हैं। प्रधानमंत्री और प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ खुद पीएम आवास योजना की समीक्षा कर रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद अधिकारी बाज नहीं आ रहे हैं। इसके बाद भी पीएम आवास योजना में घालमेल चल रहा हैं। एक ऐसा ही मामला जिला कोआॅर्डिनेटर का सामने आया हैं,

जिसमें पीएम आवास योजना में कानपुर जिला कोआॅर्डिनेटर के पद पर कार्य करने वाले दीपक मिश्रा को अनियमितता मिलने पर बर्खास्त कर दिया गया था। उस दौरान दीपक मिश्रा से आई कार्ड व अन्य प्रॉपर्टी जमा करा ली गई थी। क्योंकि दीपक मिश्रा पर गंभीर आरोप कानपुर में लगे थे। इसके बाद ही उसे तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया गया था।

महत्वपूर्ण बात ये है कि जिस दीपक मिश्रा को कानपुर में गंभीर आरोपों के चलते बर्खास्त किया गया था, उसे मेरठ पीएम आवास योजना में फिर से जिला कोआॅर्डिनेटर कैसे बना दिया गया? ये मेरठ में बड़ा खेल शुरू कर दिया गया हैं।
दरअसल, पीओ डूडा भी कानपुर में तैनात रहे हैं, तभी उनके कार्यकाल में दीपक मिश्रा को कोआॅर्डिनेटर बनाया गया था। अब पीओ डूडा मेरठ में तैनात है तो फिर से दीपक मिश्रा को जिला कोआॅर्डिनेटर की जिम्मेदार पीएम आवास योजना में दे दी गई हैं।

इस तरह से पीएम आवास योजना में फिर अनियमितता चल रही हैं, जिसको कोई देखने वाला नहीं हैं। डीएम दीपक मीणा ने पहले भी इस पर शिकंजा कसा था, लेकिन फिर से डीएम को ही इसमें पहल करनी होगी, तभी इसमें भ्रष्टाचार रुक सकता हैं। महत्वपूर्ण बात ये है कि जब दीपक मिश्रा कानपुर में बर्खास्त हो चुके हैं तो क्या उन पर अब ईमानदारी से कार्य करने का विश्वास किया जा सकता हैं। आखिर इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? पहले ही डूडा की तरफ से करीब अस्सी लोगों को दूबारा किश्त की डबल किस्त बैंक खाते में डाल दी गई थी।

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ये तो शुक्र है एक पात्र व्यक्ति का, जिसने ईमानदारी दिखाते हुए डूडा आॅफिस पहुंचकर ये कह दिया था कि उसके बैंक खाते में डबल पैसा पहुंच गया हैं। इसके बाद ही डूडा के अधिकारियों के होश उड़ गए थे। इसके बाद ही बैंक खातों को देखा गया, जिसमें अस्सी लोगों के बैंक खातों में डबल पैसा मिला। इसको तत्काल प्रभाव से निकास होने से रोका गया। कुछ लोगों ने पैसा निकास भी कर लिया था। इतनी बड़ी लापरवाही सामने आयी थी, फिर भी कोई कार्रवाई नहीं की गई।

इस तरह के घालमेल डूडा में चल रहे हैं। इसका आखिर जिम्मेदार कौन हैं? कितने लोगों पर कार्रवाई हुई? ये भी डूडा के अधिकारी नहीं बता सके थे। पीएम आवास योजना में जितने भी कर्मचारी काम कर रहे हैं, उनमें कई ऐसे भी है जो सत्ता में बैठे लोगों के रिश्तेदार है या करीबी हैं। आखिर ऐसा क्या है डूडा में जो अपने रिश्तेदार और करीबियों की तैनाती कर रहा हैं। ये भी जांच का विषय हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट के साथ ऐसा मजाक डूडा के अधिकारी क्यों कर रहे हैं?

प्रधानमंत्री के इस प्रोजेक्ट पर गंभीरता से कार्य करना चाहिए, लेकिन यहां तो घालमेल का खेल चल रहा हैं, जिनके नाम पर एफआईआर दर्ज हैं, वो भी डूडा में काम कर रहे हैं। आखिर डूडा के अधिकारियों की क्या मजबूरी है कि जिनके खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं, उनको भी पीएम आवास योजना की कमान दे रखी हैं। इनको हटाने से डूडा के अधिकारियों के आखिर हाथ क्यों कांप रहे हैं। इससे जो प्रधानमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट की गंभीरता का सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता हैं।

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