जनवाणी ब्यूरो |
नई दिल्ली: राजनीति में अपनी नई पारी की शुरुआत करते हुए राघव चड्ढा ने भाजपा में शामिल होने के फैसले को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब दिया। सोमवार को उन्होंने इंस्टाग्राम पर वीडियो जारी कर अपने निर्णय के पीछे की वजहों को विस्तार से साझा किया।
लोगों के संदेश और प्रतिक्रियाएं
राघव ने बताया कि पार्टी बदलने की घोषणा के बाद उन्हें पिछले तीन दिनों से बड़ी संख्या में संदेश मिल रहे हैं। “कई लोग मुझे शुभकामनाएं दे रहे हैं, जबकि कुछ लोग जानना चाहते हैं कि मैंने आम आदमी पार्टी छोड़कर यह कदम क्यों उठाया।”
राजनीति में करियर बनाने के लिए नहीं आए
उन्होंने कहा, “दोस्तों, राजनीति में आने से पहले मैं चार्टर्ड अकाउंटेंट था। मेरे पास एक बेहतरीन करियर था, लेकिन मैंने उसे छोड़कर राजनीति चुना। मैं राजनीति में अपने करियर को बनाने के लिए नहीं आया। मैंने एक राजनीतिक पार्टी का संस्थापक सदस्य बनकर सेवा की।”
पार्टी अब पुरानी वाली नहीं रही
राघव ने पार्टी बदलने की वजह बताई। “मैंने अपने युवा जीवन के 15 साल इस पार्टी को समर्पित किए। लेकिन अब यह पार्टी पुरानी वाली पार्टी नहीं रही। आज पार्टी में टॉक्सिक माहौल है। आपको काम करने और संसद में बोलने से रोका जाता है। राजनीतिक पार्टी कुछ भ्रष्ट और समझौता करने वाले लोगों के हाथों फंसी हुई है।”
मेरे पास थे तीन विकल्प
राघव ने कहा, “पिछले कुछ वर्षों में मुझे लगा कि शायद मैं ‘सही आदमी, गलत पार्टी में’ हूं। मेरे पास तीन विकल्प थे:
- राजनीति छोड़ देना
- पार्टी में रहकर सुधार की कोशिश करना
- अपनी ऊर्जा और अनुभव को लेकर सकारात्मक राजनीति करना, एक नए प्लेटफॉर्म और राजनीतिक पार्टी के साथ।
मैंने तीसरा विकल्प चुना।”
सात सांसदों का निर्णय सही
राघव ने कहा, “सिर्फ मैंने नहीं, बल्कि छह अन्य सांसदों ने भी यह निर्णय लिया कि हम इस राजनीतिक पार्टी से रिश्ता तोड़ दें। एक या दो लोग गलत हो सकते हैं, लेकिन सात लोग गलत नहीं हो सकते। ये सभी पढ़े-लिखे लोग हैं, जिन्होंने पार्टी के सपने के साथ जुड़कर काम किया। क्या वे सब गलत हो सकते हैं?”
टॉक्सिक कार्यस्थल का उदाहरण
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा, “अगर आपका कार्यस्थल टॉक्सिक बन जाए और वहां काम करने से रोका जाए, मेहनत दबाई जाए और चुप रहने को मजबूर किया जाए, तो आप क्या करेंगे? उस स्थिति में सही फैसला यही है कि आप उस जगह को छोड़ दें। शायद हमने भी यही किया।”
लोगों को आश्वासन
राघव ने कहा, “आप में से कई लोगों ने मुझसे पूछा कि क्या अब मैं रोजमर्रा के मुद्दे उठाना बंद कर दूंगा। मैं आपको बताना चाहता हूं कि मैं आपकी परेशानियों को नई ऊर्जा के साथ उठाऊंगा। और अब हम उन समस्याओं के समाधान को भी ढूंढ पाएंगे और लागू करा पाएंगे।”

