Wednesday, March 18, 2026
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फफक पड़े प्रशांत के परिजन, छात्र बैठे धरने पर

  • 50 लाख रुपये का मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को नौकरी की रखी मांग

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: सीसीएसयू के पंडित दीनदयाल उपाध्याय छात्रावास में रहने वाले 21 वर्षीय बीटेक थर्डईयर छात्र की आत्महत्या के मामले में दो सप्ताह बाद भी मांग पत्र पर कार्रवाई नहीं होने पर मृतक के परिजन एवं छात्रों के सब्र का बांध टूट गया, जिसमें शुक्रवार को सुबह के समय मृतक छात्र के परिजनों के साथ कुलपति से मामले की जानकारी को सचिवालय पहुंचे छात्रों को गेट पर ही रोक दिया गया।

वाराणसी के बरकी गांव निवासी नागेश पांडेय का 21 वर्षीय बेटा प्रशांत पांडेय जोकि सर छोटूराम इंजीनियरिंग कॉलेज में बीटेक थर्ड ईयर की पढ़ाई कर रहा था। वह पंडित दीनदयाल के छात्रावास में कमरा नंबर 99 में रहता था। बीते माह 19 सितंबर को उसका शव छात्रावास के कमरे में ही लटका मिला था। मामले में छात्रों के द्वारा परिजनों को आर्थिक मदद एवं परिवार के एक सदस्य को नौकरी एवं मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन किया था। जिसमें जबरन गेट बंद करने व हंगामा करने वाले छात्रों को बमुश्किल शांत कराया गया ओर बाद में उन पर प्राथमिकी भी दर्ज कराई गई थी।

उस समय विवि की तरफ से मृतक छात्र की बहन की पढ़ाई व मुआवजे संबंधी मांग पर आश्वासन दिया गया था, लेकिन आरोप है कि 18 दिन बीत जाने के बाद भी सीसीएसयू की तरफ से परिजनों से कोई संपर्क नहीं साधा गया। जिसमें बृहस्पतिवार को मृतक छात्र के परिजन सीसीएसयू पहुंचे और संपर्क साधा तो आरोप है कि उनसे संतोषजनक बात नहीं की गई। परिजन जो आए उसमें पिता नागेश पांडेय, मृतक की नानी मनोरमा, मामा महेश, मौसा सुरेश शामिल रहे। उन्होंने इस मामले में छात्रों से संपर्क साधा, जिसके बाद शुक्रवार को सुबह के समय करीब 10 बजे वह पहुंचे। परिजनों को वार्ता के लिए सचिवालय कक्ष में अंदर बुला लिया छात्रों को वार्ता में शामिल न करते हुए गेट पर ही रोक दिया गया।

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जिससे क्षुब्ध छात्र नेता हर्ष ढाका, शेखर चौधरी, शशिकांत गौतम, रोहत नानपुर, अक्षय सिंह, प्रशांत चौधरी, अंकुश नागर, अक्षय बैंसला आदि धरने पर बैठ गए, जिसमें कुलपति के खिलाफ जमकर नारेबाजी की, वहीं परिजनों को कमरे में बंधक बनाकर उन पर दबाव बनाने का आरोप लगाया। इस दौरान छात्रों जमकर हंगामा किया पुलिस से भी कई बार झड़प हुई। बंद कमरे में करीब तीन घंटे से अधिक तक चली वार्ता के बाद सीओ के आश्वासन पर परिजन 12 अक्टूबर तक समिति के सामने मांग पत्र रखने की बात कहकर वहां से रूआंसे होकर चले गए।

इस दौरान मीडिया के सामने मृतक के परिवार की आर्थिक परेशानी का दर्द बयां किया। जिसमें नातिन की पढ़ाई व दामाद की बीमारी के चलते नोकरी नहीं करने की स्थिति में बेटी की शादी के लिए मदद के रूप में 50 लाख रुपये की मांग की। यदि मांग पत्र पर 12 अक्टूबर को समाधान नहीं निकलता तो छात्रों ने फिर से आंदोलन की चेतावनी दी है।

मीडिया के सामने फफक पड़ी नानी मनोरमा

प्रशांत पांडेय की नानी मनोरमा मीडिया के सामने रोते हुए अपना दर्द बयां किया। बोली दामाद नागेश पांडेय 10 से 12 हजार रुपये की नौकरी करके परिवार की गुजर बसर कर रहा था। बेटा व बेटी दोनों की पढ़ाई का बोझ उठा रहा था। जिसमें दामाद नागेश शुगर का मरीज भी हैं। अब वह बेटे के गम में पूरी तरह से टूट चुका है। अब व बेटी बबीता उर्फ संध्या जोकि कंप्यूटर साइंस की द्वितीय वर्ष की छात्रा है।

अब उसकी पढाई व उसकी शादी का बोझ कोन उठाएगा उसके लिए बेटी को नौकरी व उसकी शादी के लिए पचास लाख रुपये की परिवार की आर्थिक मदद की जाए। साथ ही बेटी की नौकरी की भी मांग की। उसने बताया कि सीओ अरविंद चौरसिया ने मुझे मां बोला है, उस आश्वासन पर आज लोट रही हूं, लेकिन 12 अक्टूबर को पता चलेगा कि बेटा अपनी मां को दिए वचन पर कितना खरा उतरता है,या फिर प्रदर्शन को शांत करने के लिए यह झूठा आश्वासन दिया।

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