- शास्त्रीनगर सेंट्रल मार्केट में छापेमारी में बरामद विदेशी नशा
- इंस्टीट्यूट और कालेज के सामने नशे के सौदागरों के आउटलेट
- सीएमओ के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की छापेमारी में हुआ खुलासा
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: युवा पीढ़ी को नशे की गर्त में धकेलने के लिए नशे के नाम पर जहर बेचने वाले कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे। नशे की लत लगाने के लिए अब विदेशी नशा शहर में बेचा जाने लगा है। इसका खुलासा बुधवार को सीएमओ डा. अखिलेश मोहन के निर्देश पर शास्त्रीनगर के सेंट्रल मार्केट में की गयी छापेमारी से हुआ। दरअसल, राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के तहत एडीएम सिटी ब्रिजेश कुमार सिंह ने जिला स्तरीय सचल दस्ते से नशे के नाम पर जहर बेचने वालों की धरपकड़ के लिए शास्त्रीनगर सेंट्रल मार्केट और आसपास के इलाके में छापा मारकर अभियान चलवाया।
सीएमओ ने जानकारी दी कि सेक्टर दो शास्त्रीनगर व सेंट्रल मार्केट के आसपास पान बीड़ी सिगरेट बेचने वालों की जब जांच की गई तो चौंकाने वाली बात सामने आयी। ज्यादातर दुकानों पर विदेशी नशा बेचा जा रहा था। इसकी कल्पना नहीं की गयी थी। यह कल्पना से परे की बात थी। इस बात की उम्मीद नहीं की जा सकती थी कि चंद सिक्कों के लिए नशे के सौदागर युवा पीढ़ी को विदेशी नशे की लत लगा रहे हैं।

उन्हें नशे की दलदल में धकेलने का काम कर रहे हैं। इन दुकानों पर विदेशी नशे के तौर पर तंबाकू व सिगरेट मिली हैं। ऐसे दुकानदारों को चेतावनी दी गयी है तथा उनसे भारी जुर्माना भी वसूला गया है। सीएमओ ने बताया कि सबसे दुखद बात यह है कि अमेरिकन इंस्टीट्यूट व मीनाक्षी पब्लिक स्कूल के सामने जितनी भी इस प्रकार के सामान की दुकानें हैं। वहां सभी पर यह विदेशी नशा बेचा जा रहा था।
इस बात के सामने आने के बाद अब स्वास्थ्य विभाग ने शास्त्रीनगर समेत पूरे महानगर के क्षेत्रों में नशे के पदार्थों के सेवन से होने वाली हानि के प्रति चेतावनी देने के उद्देश्य से सभी होटल व रेस्टोरेंटों के अलावा पान, बीड़ी, सिगरेट के दुकानदारों को भी बड़े-बड़े चेतावनी वाले साइन बोर्ड लगाने के निर्देश दिए हैं। इस अभियान में पुलिस के अलावा स्वास्थ्य विभाग की ओर से मोहित भारद्वाज, योगेन्द्र सिंह, शैलेन्द्र मोर्या आदि का भी सहयोग रहा।

