Monday, March 30, 2026
- Advertisement -

कूड़े के पहाड़ में लगी आग, हवा हुई दमघोंटू

  • लोहियानगर में चार एकड़ से ज्यादा में फैले 80 लाख टन के कूड़े के ढ़ेर पर खूंखार कुत्तों का कब्जा
  • सब्जी मंडी, आवासीय कॉलोनी और आसपास के लोग परेशान
  • हवा और पानी में घुल रहा जहर, 24 घंटे मंडराते हैं मच्छर मक्खी
  • प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड भी मौन, एनसीआर में ग्रैप लागू होने के बावजूद हालात बेकाबू

जनवाणी संवाददाता |

मेरठ: एनसीआर में ग्रैप लागू होने के बावजूद रविवार को हवा की गुणवत्ता और खराब हो गई। एक तरफ एनजीटी चिंतित है तो दूसरी तरफ हापुड़ रोड पर मेडा की लोहियानगर आवासीय कॉलोनी में नगर निगम के कचरे के पहाड़ में आग लग गई। सुबह से ही इस पूरे इलाके में धुएं के गुबार उठने शुरू हो गए। नगर निगम सोता रहा और यहां हवा में घुले जहर की वजह से लोगों का दम घुटने के हालात बन गए। देर शाम तक तो यहां एक्यूआई (वायु गुणवत्ता सूचकांक) 300 के पार पहुंच गया।

02 26

मेरठ शहर से रोजाना 800 टन से ज्यादा कचरा निकलता है। इस कचरे को लोहियानगर में डिवाइडर रोड के पास डाला जाता है। यहां कचरे के पहाड़ तैयार हो गए हैं। नगर निगम ने यहां कचरा निस्तारण सयंत्र लगा रखा है पर उसकी क्षमता इतने कूड़े का निस्तारण करने की नहीं है। इस वजह से यहां हालात विकट होते जा रहे हैं। कचरे के इन पहाड़ों के पास ही आवासीय कॉलोनियां हैं।

पीटीएस और पीएसी कैंप भी पास ही हैं। लोहियानगर सब्जी मंडी और जाहिदपुर का इंटर कॉलेज तो यहां से कुछ कदम की ही दूरी पर है। हालात ये हैं कि इस पूरे इलाके में 24 घंटे मच्छर मक्खियां भिनभिनाते रहते हैं। जब पुरवाई हवा चलती है तो बदबू की वजह से लोगों को सांस लेने में तकलीफ होती है।

आग और भारी निर्माण से सुबह-शाम हालात विकट

मेरठ समेत पूरे दिल्ली एनसीआर में एक अक्तूबर से ही ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान ग्रैप लागू है। इसके तहत अब किसी को न खुले में कूड़ा जलाने की छूट है और न ही खुले में निर्माण सामग्री डालने की। इस समय मेरठ में भारी निर्माण कार्य चल रहे हैं। दिल्ली रोड पर रैपिड रेल का कार्य चल रहा है

01 25

तो हापुड़ रोड पर दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के पांचवे चरण, आउटर रिंग रोड और गंगा एक्सप्रेसवे का कार्य तेजी पर है। अधिकांश निर्माण एजेंसियां एनजीटी के निर्देशों के मुताबिक लगातार पानी का छिड़काव कर रही हैं पर नगर निगम को शहर के लोगों की कोई फिक्र नहीं। निगम का कूड़े का पहाड़ जलता रहा और इसे देखने कोई नहीं पहुंचा। इस पूरे इलाके में प्रदूषण की वजह से सुबह शाम हालात विकट हो रहे हैं।

लोहियानगर के कचरे में पॉलिथीन का बड़ा हिस्सा

लोहियानगर में कूड़े के ढेर को देखते ही पॉलीथिन पर प्रतिबंध के दावों की पोल खुल जाती है। यहां पॉलीथिन कचरे का बड़ा हिस्सा है। बाजारों में भी अब खरीद बिक्री खुलेआम और बेरोकटोक हो रही है।

खूंखार कुत्तों का जमावड़ा

लोहियानगर में कूड़े के पहाड़ पर ही कुत्तें का जमावड़ा रहता है। कई बार मलबे में दबकर इनकी मौत भी हो जाती है। इससे यहां बदबू और बढ़ जाती है।

spot_imgspot_img

Subscribe

Related articles

Mahavir Jayanti 2026: कब है महावीर जयंती? जानिए तारीख, महत्व और इतिहास

नमस्कार, दैनिक जनवाणी डॉटकॉम वेबसाइट पर आपका हार्दिक स्वागत...

Gold Silver Price: सर्राफा बाजार में गिरावट, सोना ₹1,46,000, चांदी ₹2,27,000 पर फिसली

जनवाणी ब्यूरो | नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में जारी तनाव...
spot_imgspot_img