Friday, May 1, 2026
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करनाल हाइवे से गुजरने पर जेब करनी पडेगी ढ़ीली

  • टोल वसूली की तैयारी पूरी, मगर इंतजाम आधे अधूरे, एक नवंबर से वसूला जाएगा टोल शुल्क

जनवाणी संवाददाता |

सरूरपुर: यदि आप वाया करनाल हाइवे 709-ए नेशनल हाइवे होकर गंतव्य की ओर जा रहे हैं तो सावधान हो जाएं आने वाले दिनों में इस हाइवे से गुजरने पर जेब ढ़ीली करनी होगी। हाइवे पर टोल वसूली के लिए पूरी तैयारी कर ली गयी है। हालांकि यदि इंतजामों की बात की जाए तो वो आधे अधूरे नजर आते हैं।

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एनएचएआई की तरफ से जारी टेंडर छूटने के बाद अब कभी भी टोल टैक्स शुरू हो सकता है। जानकारी मिली है कि यदि सब कुछ ठीकठाक रहा तो 1 नवंबर से टोल वसूली शुरू करायी जा सकती है। इसके लिए तैयारी जोरों पर हैं। फास्टैग लेन से गुजरने पर सही से काम कर रहा है या नहीं इसकी टेस्टिंग की जा रही है।

रोजाना टोल से गुजरते हैं 15000 वाहन

टोल टैक्स पर एनएचएआई द्वारा वाहनों के किए गए सर्वे के मुताबिक रोजाना 15000 वाहन गुजरते हैं। अधिकारियों ने बताया कि इनमें से 11000 के लगभग कमर्शियल बड़े वाहन हैं। जबकि 5000 के करीब छोटे वाहन कार आदि शामिल हैं। दिन भर इस हाइवे के टोल टैक्स से 15000 वाहनों का रेला गुजर रहा है।

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एनएचएआई द्वारा कराए गए सर्वे के बाद वाहनों की काउंटिंग की गई थी। जिसके बाद ही टेंडर छोड़ा गया। एनएचएआई के प्रभात कुमार ने बताया कि टोल टैक्स सिस्टम में कामर्शियल वाहनों से वजन के आधार पर टोल टैक्स वसूला जाएगा। जबकि घरेलू और कर आदि वाहनों से टोल टैक्स फीस रहे फिक्स रहेगा।

सोमवार कोे होगी जारी होगी लिस्ट

एनएचएआई के निर्देश के बाद सोमवार को रेट लिस्ट लगा दी जाएगी। एनएचएआई के अधिकारियों ने बताया कि एनएचएआई से रेट लिस्ट की सूची प्राप्त होने के बाद टेंडर छुड़ाने वाली कंपनी द्वारा टोल टैक्स पर वाहनों से वसूले जाने वाले टोल टैक्स के बीच सूची लगा दी जाएगी।

लोकल के दायरे में लगभग 10 किलोमीटर के आसपास आने वाले गांव के लोगों के लिए पास सुविधा रहेगी या फिर आईडी के आधार पर छूट मिलेगी यह अभी तय नहीं हो पाया है। इसके लिए संबंधित टेंडर छुड़ाने वाली कंपनी अपनी रणनीति तय करेगी कि 10 किलोमीटर या उससे ज्यादा के दायरे में आने वाले गांव के लोगों को छूट प्रदान होगी या फिर पास जारी किया जाएंगे।

रसूखदारी के 37 खतरनाक कट

मेरठ-करनाल हाइवे पर मेरठ बाइपास से लेकर भूनी चौराहे तक लगभग 20 किलोमीटर के टुकड़े में 37 रसूखदारी के कट दे दिए गए। जो हाइवे पर हादसों का सबक बन सकते हैं। मेरठ बाइपास से शुरू होने के बाद भूनी चौराहे तक गिनने पर हाइवे में 37 कट दिए गए हैं। अकेले नंगलाताशी और दबथुवा गांव में 11 कट जारी कर दिए गए हैं।

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जगह-जगह रसूखदार लोगों के दबाव में आकर एनएचएआई का निर्माण करने वाली कंपनी ने रसूखदारी के कट खोलकर हादसों को खुला नहीं नायौता दिया है। जगह-जगह अवैध तरीके से जारी कट पर आए दिन हादसे हो भी रहे हैं। आंकड़ों के मुताबिक जिस दिन से करनाल हाइवे बनकर शुरू हुआ उसे दिन से अभी तक लगभग नौ लोगों की मौत हो चुकी है।

ओवर स्पीड पड़ सकती है जिंदगी पर भारी

इस हाइवे पर रोशनी के पर्याप्त इंतजाम नहीं होने के साथ हादसों को रोकने के लिए रोड के दोनों और बाड या तारबंदी तक भी नहीं की गई है। जंगल से होकर गुजरने वाले हाइवे पर जंगली जानवरों के आने का खतरा पूरा बना रहेगा। आवारा गोवंश और जंगली जानवर आने का किसी समय भी भरोसा नहीं है।

जिससे कभी भी कहीं भी बड़ा हादसा हो सकता है। इससे लोगों की जान जाने का पूरा खतरा बना रहेगा, लेकिन नहीं नेशनल हाइवे अथॉरिटी द्वारा भी इस और ध्यान नहीं दिया गया है। जिससे करनाल हाइवे पर ओवर स्पीड भारी पड़ सकती है।

अब राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 709ए

नेशनल हाइवे में तब्दील हुआ मेरठ-करनाल 700 में 9ए राष्ट्रीय राजमार्ग पहले राज्य राजमार्ग हुआ करता 59 हुआ करता था। मेरठ से शुरू होकर करनाल तक जाने वाले लगभग 105 किलोमीटर लंबे इस मार्ग की 2000 के दशक तक बहुत दायनीय हालत थी और मात्र 3 मीटर चौड़ी रोड में हुआ करता था, लेकिन 2008 के करीब इसलिए रोड को 7 मी चौड़ी में तब्दील किया गया।

इसके उद्घाटन की भी तैयारी शुरू की जा रही है माना जा रहा है कि नेशनल हाइवे 709 का उद्घाटन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ या केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी करेंगे। नेशनल हाइवे संख्या 709 ए पर बनने के साथ जहां सरपट वाहन दौड़ रहे हैं। वहीं अतिक्रमण भी होने लगा है। दबथुवा में जहां कुछ लोगों ने रोड पर रोड़ी डस्ट आदि कर अवैध कब तक कर लिया है। तो वहीं भूनी गांव में कुछ लोगों ने हाइवे पर उपले आदि रख कर अवैध कब्जा किया है।

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