- कान फोड़ू डीजे की आवाज से सरधना के लोग परेशान
जनवाणी संवाददाता |
सरधना: एसएसपी रोहित सिंह सजवाण के आदेश के बाद भी सरधना क्षेत्र में रातभर तेज आवाज में डीजे बज रहे हैं। कान फोड़ू आवाज से लोग परेशान हैं। हालत यह है कि थाने से चंद कदमों की दूरी पर भी मंडप में देर रात तक तेज आवाज में डीजे बजाया जा रहा है। उससे भी ऊपर यह है कि डीजे के साथ जमकर आतिशबाजी की जा रही है। मगर पुलिस की नींद नहीं टूट रही है। सरधना पुलिस का मानना है कि 10 बजे डीजे बंद कराना संभव नहीं है। इसलिए पुलिस डीजे की आवाज कम कराने पर काम कर रही है।
शादी का सीजन चल रहा है। जिलेभर में चारों ओर शहनाई बज रही हैं। सड़कों पर बारात चढ़ती देखी जा सकती है। रातभर लोग तेज आवाज में डीजे बजा रहे हैं। ऐसे में आसपास के लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। दो दिन पूर्व ही एसएसपी रोहित सिंह सजवाण ने आदेश जारी किया था कि दस बजे के बाद कोई डीजे नहीं बजेगा। इसके बाद भी सरधना क्षेत्र में रातभर तेज आवाज में डीजे बजाए जा रहे हैं। हालत यह है कि थाने से चंद कदम की दूरी पर मंडप में देर रात तक तेज आवाज में डीजे बजता है।

कान फोड़ू डीजे की आवाज से लोगों की नींद खराब होती है। इतना ही नहीं प्रतिबंध के बाद भी जमकर आतिशबाजी हो रही हैं। मगर पुलिस की नींद नहीं टूट रही है। इस संबंध में इंस्पेक्टर प्रताप सिंह का कहना है कि थाने के निकट स्थित मंडप में पुलिस ने रात डीजे की आवाज कम कराई थी। क्योंकि नौ बजे के बाद शादी समारोह शुरू होते हैं तो डीजे भी 10 बजे तक बंद होने संभव नहीं होते। फिर भी रात में डीजे की आवाज कम कराने का काम किया जा रहा है।
पुलिस पर पीड़ित को अवैध हिरासत में रखने का आरोप
सरूरपुर: कस्बा खिवाई निवासी फारुख पुत्र फरजंदा ने एसएसपी को दिए प्रार्थनापत्र में आरोप लगाते हुए बताया कि कस्बा निवासी युवक ने उसके खेत पर अवैध कस्बा कर रखा है। आरोप है कि थाना पुलिस से शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। बल्कि बीते गुरुवार को आरोपितों से साठगांठ कर खिवाई चौकी प्रभारी रजनीकांत ने पीड़ित को फोन कर जमीन के कागज दिखाने के बहाने थाने बुलाया।
वहां बुलाकर थाना पुलिस ने उसे दिनभर हवालात में बैठाए रखा। देर रात करीब 11 बजे उसके स्वजन को बुलाकर सुपुर्दगी में रिहा किया गया। जब वह घर पहुंचा तो आरोपित पक्ष ने पुलिस चौकी पर तैनात पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में पथराव कर दिया पीड़ित ने दीवार कूदकर जान बचाई। बताया कि पुलिस आरोपितों से साठगांठ कर उसका दो बार शांतिभंग में चालान कर चुकी है। आरोप है कि आरोपितों के खिलाफ तहरीर देने के बाद भी पुलिस ने कार्रवाई नहीं कि।
बल्कि पीड़ित को ही मुकदमा लिख जेल भेजने की धमकी दे डाली। पीड़ित ने थाना पुलिस पर आरोप लगाते हुए बताया कि बिना राजस्व विभाग की टीम के ही पुलिस ने उसके खेत की जमीन पर आरोपित का अवैध कब्जा कराया है। पीड़ित ने घर के आंगन में पड़े पत्थर व ईंटों की वीडियो भी अधिकारियों को सौंपी है।सीसीटीवी कैमरे की फुटेज इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित करते हुए दावा किया कि पुलिस की मौजूदगी में आरोपियों ने घर पर हमला किया।
पीड़ित ने पुलिस उत्पीड़न से तंग आकर पलायन की चेतावनी दी है। सीओ सरधना संजय कुमार जायसवाल ने बताया कि मामले की जांच कराकर पुलिसकर्मियों के दोषी पाए जाने पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। जमीनी मामलें में पुलिस ने किस आधार पर कार्रवाई की है,उसकी भी थाना पुलिस से जानकारी की जा रही है।

