Saturday, March 21, 2026
- Advertisement -

केंद्र सरकार और किसानों की बातचीन रही बेनतीजा, तीन को फिर होगी बैठक

जनवाणी ब्यूरो |

नई दिल्ली: केंद्र सरकार के तीन नए कृषि कानूनों को लेकर दिल्ली के विज्ञान भवन में सरकार और किसान संगठनों के बीच चली बैठक मंगलवार शाम को खत्म हो गई। हालांकि, बैठक में कोई भी नतीजा नहीं निकल सका है और फिर से तीन दिसंबर को बातचीत होगी। वहीं, केंद्र सरकार के कृषि कानूनों के खिलाफ पंजाब और हरियाणा से आए हजारों किसानों का पिछले पांच दिनों से हल्ला बोल जारी है।

बैठक में हिस्सा लेने वाले किसानों में से एक चंदा सिंह ने कहा कि हमारा आंदोलन कृषि कानूनों के खिलाफ जारी रहेगा। हम सरकार से जरूर कुछ वापस लेकर रहेंगे। हम फिर से सरकार से बातचीत करने के लिए वापस आएंगे। वहीं बैठक के बाद कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि बैठक अच्छी रही और हमने फैसला लिया है कि फिर से 3 दिसंबर को बातचीत होगी। उन्होंने कहा कि हम चाहते थे कि एक छोटा सा समूह बनाया जाए, लेकिन किसान नेता चाहते हैं कि सभी से बातचीत हो। हमें इससे कोई समस्या नहीं है।

किसान आंदोलन की रणनीति के केंद्र बने सिंघु बॉर्डर पर मंगलवार सुबह से ही गहमागहमी रही। किसान संगठन केंद्र सरकार के प्रस्ताव पर बातचीत की टेबल पर जाने या इनकार करने पर मंथन कर रहे थे। ज्यादातर किसान संगठन बातचीत के लिए तैयार भी थे। लेकिन पंजाब के संगठनों ने सामूहिक रूप से तय करके सरकार को जानकारी दी कि बैठक तभी संभव होगी जब किसान आंदोलन के राष्ट्रीय नेतृत्व (संयुक्त किसान मोर्चा) की समन्वय समिति के सदस्य योगेंद्र यादव, हन्नान मोल्लाह, शिव कुमार कक्का और गुरनाम सिंह चढ़ूनी को भी बातचीत में शामिल जाए।

आंदोलन से जुड़े एक वरिष्ठ किसान नेता ने बताया कि केंद्र सरकार सिर्फ पंजाब के किसान नेताओं से बात करने को ही तैयार थी। 32 नेताओं की लिस्ट भी किसान संगठनों के पास भेज दे गई थी। सभी पंजाब के किसान संगठनों के अध्यक्ष थे। इसमें योगेंद्र यादव समेत समन्वय समिति के दूसरे नेताओं का नाम नहीं था। इसके बाद कई संगठनों ने सरकार की तरफ बुलाई गई बैठक का बहिष्कार करने से इनकार कर दिया।

इसकी सूचना जब योगेंद्र यादव व अन्य नेताओं को मिली तो उन्होंने जोर देकर कहा कि इस महत्वपूर्ण स्तर पर बातचीत केवल इसलिए नहीं रुकनी चाहिए कि एक व्यक्ति को इसमें शामिल नहीं किया जा रहा है। व्यक्ति छोटा है और आंदोलन बड़ा। उन्होंने बाकी प्रतिनिधियों को बैठक में जाने को कहा ताकि आंदोलन को नुकसान न हो जाए। योगेंद्र यादव ने पंजाब के नेताओं से अनुरोध किया कि वे इस बारे में निर्णय स्वयं लें।

शाहीन बाग की बिलकिस दादी पहुंची सिंघु बॉर्डर, पुलिस ने किया वापस

शाहीन बाग में नागरिकता कानून के खिलाफ हुए प्रदर्शन के दौरान चर्चा में आईं बिलकिस दादी भी किसानों के समर्थन करने मंगलवार को सिंघु बॉर्डर पहुंची थीं। यहां पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर वापस लौटा दिया। इससे पहले उन्होंने कहा था कि हम किसानों की बेटियां हैं। आज हम किसानों के प्रदर्शन स्थल पर जाकर उनका समर्थन करेंगे। हम अपनी आवाज उठाएंगे। सरकार को हमारी बात सुननी पड़ेगी।

spot_imgspot_img

Subscribe

Related articles

Gangaur Vrat 2026: गणगौर पूजा आज, जानें समय, नियम और विधि

नमस्कार, दैनिक जनवाणी डॉटकॉम वेबसाइट पर आपका हार्दिक स्वागत...

World News: ईरान संकट पर ट्रंप का सियासी संकेत, जंग रोकने के विकल्प पर विचार

जनवाणी ब्यूरो | नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल की राजनीति चुनाव...

Punjab News: अमृतसर वेयरहाउस मैनेजर Suicide Case, मंत्री का इस्तीफा, जांच जारी, सियासत गरम

जनवाणी ब्यूरो | नई दिल्ली: पंजाब वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन के अमृतसर...

Andhra Pradesh News: आंध्र प्रदेश में बस में लगी भीषण आग, विधायक समेत 37 यात्री सुरक्षित

जनवाणी ब्यूरो | नई दिल्ली: आंध्र प्रदेश के विजयनगरम जिले...
spot_imgspot_img