- गोशाला में बनाई जाएगी गाय के गोबर से शवदाह के लिए लकड़ी
जनवाणी ब्यूरो
बिजनौर: श्रीराम चेरीटेबल ट्रस्ट ने छाछरी मोड स्थित गोशाला को एक वर्ष के लिए गोद लिया है। अब एक वर्ष तक गोशाला में स्थित सभी गोवंश की भरण पाषण की जिम्मेदारी उक्त ट्रस्ट ही उठाएगी। वहीं सीवीओ डा. भूपेंद्र सिंह ने बताया कि गोशाला में शीघ्र ही गाय के गोबर से शवदाह के लिए लकड़ी बनाई जाएगी।
गो सेवा में हमारी भूमिका पर गत एक सितंबर को योगी सरकार द्वारा निराश्रित गो वंश के लिए बनाई गई छाछरी मोड़ गोशाला भरमण और आठ सितंबर को मुकरपुर गुर्जर ग्राम में स्थानीय गो प्रेमिओं की बैठक पर पोस्ट लिखी थी। उसके बाद प्रशासन व ग्रामीणों के साथ कुछ अन्य बैठकों के उपरांत शुक्रवार को गोशाला सरकार ने एक वर्ष प्रयोग के रूप में संचालन के लिए श्रीराम चेरीटेबल ट्रस्ट विदित कुमार, एमडी डिग्री कालेज चामुंडा रोड बिजनौर ने गोल दी।

उक्त गोशाला के आस पास के ग्राम की स्थानीय समिति अध्यक्ष बलबीर सिंह, चक गढ़ी, उपाध्यक्ष शीशपाल सिंह व आशाराम बबलू, मुकरपुर गुर्जर, कोषाध्यक्ष कौशल कुमार, दारानगर गंज, सौरभ शर्मा विहिप हीमपुर दीपा, संजीव कुमार गदनपुरा संरक्षक व छांछरी के युवा कपिल, सीए सौरभ, डा. प्रमोद, ऋषिपाल, सचिन, अक्षय, सुमित, भूरे, प्रशांत, आर्चित, बबी, ऋषभ सभी सदस्यों द्वारा समाज, सरकार व उद्योगपतियो के सहयोग से चलाई जाएगी।

इस अवसर पर रोहित कुमार, मंयक मयूर ने बताया कि भारत माता, गौ माता, गंगा माता के रक्षण का सभी भारतीयों का कर्तव्य है। इन्ही से भारतीय संस्कृति पूरे विश्व के पर्यावरण संरक्षण के लिए अनुकरणीय बनी हुई है। सीवीओ डा. भूपेंद्र सिंह ने सभी क्षेत्रवासियों से आह्वावन किया कि गो संरक्षण धार्मिक रूप के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण के लिए भी आवश्यक है। पहले निराश्रित गो की हत्या कर दी जाती थी पर गोरक्षक सरकार के कारण इनकी संख्या बढ़ गयी है।
बिजनौर में प्रस्तावित चार वृहत गोशालाओं में 12 नगरपालिकाओं की गोशालाओं व 4 जिला पंचायत की गोशालाओं में रखी गयी है। समाज को इनकी सेवा के लिए आगे आना चाहिए। डा. भूपेंद्र सिंह ने कहा कि यहां पर उपलब्ध मशीन द्वारा गाय के गोबर की लकड़ी बना कर शवदाह के लिए बिजनौर में बिक्री हेतु उपलब्ध कराने की भी योजना है।

