- मौके पर पहुंचे अन्य जिला पंचायत सदस्यों ने किया हंगामा, डीएम से करेंगे शिकायत
- भूनी टोल प्लाजा पर अराजकता, ईंट-पत्थर से हमला करने की कोशिश
जनवाणी संवाददाता |
सरूरपुर: भूनी टोल प्लाजा पर टोल कर्मचारियों की गुंडई लगातार जारी है। पहले जहां कई जनप्रतिनिधि व आम आदमियों के साथ मारपीट और गलत व्यवहार को लेकर टोल पर कई बार बखेड़ा हो चुका है। वहीं, शनिवार को जिला पंचायत सदस्य के साथ भी टोल कर्मचारियों ने अभद्र भाषा का प्रयोग किया और मारपीट पर उतारू हो गये। यही नहीं टोल कर्मचारियों ने जिला पंचायत सदस्य की गाड़ी पर ईंट से हमला करने की भी कोशिश की। हालांकि इसके बाद मौके पर पहुंचे आधा दर्जन जिला पंचायत सदस्यों ने काफी हंगामा खड़ा किया।

जिला पंचायत सदस्य दुष्यंत तोमर शनिवार को ब्लॉक प्रमुख सरूरपुर मनोज चौहान के भाई की शादी में शिरकत करके हाइवे से लौट रहे थे। बताया गया कि जब वह करनाल हाइवे के भूनी टोल प्लाजा पर पहुंचे टोल तो कर्मचारियों ने उनसे टोल फीस देने के लिए कहा। इस पर उन्होंने अपना परिचय जिला पंचायत सदस्य के रूप में देते हुए कहा कि उनके पास डीएम दीपक मीणा द्वारा दिया गया पास मौजूद है और उनकी गाड़ी का नंबर भी टोल प्लाजा पर फीड है, लेकिन आरोप है कि बावजूद इसके टोल कर्मचारियों ने जिला पंचायत सदस्य के साथ गाली-गलौज करते हुए अभद्र भाषा का प्रयोग किया।
आरोप है कि टोल कर्मचारियों ने उन पर ईंड पत्थर से हमला करने के लिए गाड़ी पर ईंट उठाकर फेंकने का प्रयास भी किया। मामले की सूचना अपने अन्य जिला पंचायत सदस्यों को दी। जहां आधा दर्जन स्थानीय जिला पंचायत सदस्य भी मौके पर पहुंच गए। सूचना पाकर टोल पर हंगामे की सूचना पाकर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। इस लेकर टोल प्लाजा पर काफी देर तक हंगामा रहा। हालांकि बाद में पुलिस और टोल कर्मचारियों के हस्तक्षेप पर मामला निपटा और टोल कर्मचारियों ने जिला पंचायत सदस्यों से माफी मांगी।

इसे लेकर जिला पंचायत सदस्य ने टोल कर्मचारियों के गलत व्यवहार की निंदा करते हुए कहा कि इस प्रकरण की जिलाधिकारी से शिकायत करेंगे। यह प्रकरण पूरा सीसीटीवी में भी कैद हो गया है। जहां कर्मचारी हाथ में ईंट लिए हुए हमले करते साफ दिखाई दे रहे हैं। इस संबंध में थाना प्रभारी अखिलेश गौड़ ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। तहरीर प्राप्त हो गई है, जो भी अधिकारियों का आदेश होगा कार्रवाई की जाएगी। वहीं, दूसरी ओर टोल मैनेजर नवीन हुड्डा से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका नंबर स्विच आॅफ रहा।
ग्राम प्रधान, पंचायत सचिव के खिलाफ बैठी जांच
सरूरपुर: ग्राम पंचायत मैनापूठी में विकास कार्यों की भारी अनियमितता की डीएम से ग्रामीणों द्वारा की गई शिकायत की जांच मुख्य पशु की अधिकारी को सौंप दी गई है। इसके बाद जांच करता अधिकारी ने इस संबंध में ग्राम पंचायत सचिव से समझ तक अभिलेख तलब करते हुए ग्रामीणों से साक्ष्य मांगे हैं। इस संबंध में दीपक कुमार पुत्र कुंवरपाल ने डीएम दीपक मीणा को एक लिखित शिकायती पत्र देते हुए ग्राम पंचायत मैनापूठी में विकास कार्यों में ग्राम प्रधान द्वारा भारी अनियमितता बरतने की शिकायत की थी। ग्रामीणों के हस्ताक्षर युक्त शिकायती पत्र में ग्राम प्रधान पर विकास कार्य में भारी अनियमिता और गबन करने का खुला आरोप लगाए गया था।
इस शिकायती पत्र को संज्ञान देते हुए डीएम ने मामले की जांच मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डा. राजेंद्र शर्मा को सौंप दी है। इसके बाद ग्राम पंचायत के विकास कार्य में की गई अनियमिता की जांच मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी ने शुरू कर दी है। इसके लिए उन्होंने ग्राम पंचायत सचिव को तलब करते हुए तमाम रिकॉर्ड मांगे है, साथ ही ग्रामीणों व शिकायतकर्ता से अन्य लोगों से भी इसके लिए साक्ष्य मांगे। लगभग तीन माह पूर्व ग्राम पंचायत में श्मशान की भूमि पर डंपिंग ग्राउंड आदि बनाने को लेकर ग्राम प्रधान और दूसरे पक्ष में विवाद खड़ा हो गय था।

