- शातिर गद्दू गैंग के अज्जू की तलाश में पहुंचा था भारी भरकम अमला
जनवाणी संवाददाता |
मेरठ: सदर थाना क्षेत्र के सोतीगंज कबाड़ी मार्केट में शुक्रवार को हरियाणा पुलिस ने गद्दू गिरोह के अज्जू की तलाश में दबिश दी। शाम के वक्त हरियाणा पुलिस का अमला जब सोतीगंज के स्कूल वाली गली इलाके में पहुंचा तो वहां हड़कंप मचा गया। लोग छतों पर जा चढेÞ और पुलिस पर नजर रखने लगे।
जानकारी मिली है कि जिस शातिर की तलाश में यह दबिश दी गयी थी, वो मकान पर नहीं मिला। यह भी बताया गया है कि किसी शातिर वाहन चोर को लेकर पुलिस सोतीगंज अज्जू के ठिकाने पर पहुंची थी। ये बात अलग है कि पुलिस को यहां से खाली हाथ लौटना पड़ा।
सीसीटीवी कैमरों से खाकी पर नजर
पूर्व में एसएसपी रहे प्रभाकर चौधरी के कार्यकाल में सोतीगंज में पुलिस की कार्रवाई के बाद यहां के कबाड़ियों ने खाकी पर नजर रखने के लिए नायाब तरीका तलाश लिया। जहां भी शातिर कबाड़ियों के ठिकाने बताए जाते हैं, उस पूरे इलाके में सीसीटीवी कैमरों का जाल बिछा दिया गया है। सीसीटीवी कैमरों से ही खाकी तथा खुद से जुड़ी तमाम गतिविधियों में चोरी के वाहनों के कारोबार को लेकर बदनाम रहे कबाड़ी नजर रखने लगे हैं।
माना जा रहा है कि चोरी के वाहनों के कटान से जुड़े जिस शातिर की तलाश में आज हरियाणा पुलिस पहुंची थी, उसे भी सीसीटीवी कैमरों की मार्फत पुलिस की आमद की सूचना मिल गयी थी और वक्त रहते या कहें पुलिस की आमद से पहले ही वह निकल गया।
कुर्क हो चुकी है संपत्ति
तत्कालीन एसएसपी प्रभाकर चौधरी के कार्यकाल में सोतीगंज में पुलिस कार्रवाई की जद में आने वालों में शातिर अज्जू भी शामिल था। उसकी संपत्ति की भी कुर्की की गयी। वो आज भी कुर्क है। इस पर करीब पांच दर्जन मुकदमों की जानकारी सूत्रों ने दी थी।
खुली हवा में लेने लगे हैं सांस
तत्कालीन प्रभाकर चौधरी के कार्यकाल में पुलिस की संगठित कार्रवाई में जिन कबाड़ियों को जेल भेजा गया था, लोगों की मानें तो अब वो खुलकर नजर आने लगे हैं। जेल की कोठरी से जमानत मिलने पर बाहर आ गए हैं। वो अब खुलेआम नजर भी आने लगे हैं। जिसके चलते यह भी माना जा रहा है कि यदि सब कुछ उनके प्लान के मुताबिक चला तो वो दिन दूर नहीं जब सोतीगंज दोबारा से आबाद हो जाएगा। इसका सिलसिला शुरू भी हो गया बताया जाता है।

कबाड़ियों का ठिकाना अब दिल्ली
चोरी के वाहनों के कमेले के तौर पर देश और दुनिया में बदनाम सोतीगंज में जब पुलिसिया सख्ती हुई और चोरी के वाहनों के बदनाम धंधे से जुडेÞ कबाड़ियों को पुलिस ने बुक कर सलाखों के पीछे पहुंचा शुरू कर दिया था तब सोतीगंज में सन्नाटा पसर गया था। जानकारी मिली है कि जो कबाड़ी इस बदनाम धंधे से जुडेÞ उनमें जो सलाखों के बाहर आ गए हैं। उनमें से अनेक ने दिल्ली में ठिकाना बना लिया है। हालांकि कोशिश है कि यदि सोतीगंज आबाद हो जाए तो तामझाम लेकर फिर से दिल्ली से सोतीगंज में बसेरा किया जाए। इसके लिए कवायद भी जारी है।
मकान का विवाद या कबाड़ियों की सुरागकशी
सोतीगंज इलाके में शुक्रवार दोपहर करीब तीन बजे अचानक भारी संख्या में पुलिस कर्मी पहुंच गए, इसको लेकर वहां अफरा-तफरी मच गयी। हालांकि पुलिस के आने को लेकर दो अलग-अलग बातें सुनने में आ रही है। पहली तो ये कि बशीर होटल के समीर ही अब्दुल रहीम नाम का कोई कबाड़ी दुकान खोलकर बैठ गया है। तत्कालीन एसएसपी प्रभाकर चौधरी के वक्त में यहां कार्रवाई हो गयी थी।
केवल अब्दुल रहीम ही नहीं अन्य भी उसी की तर्ज पर दुकान को गुलजार करने के लिए हाथ पांव मार रहे हैं। इसके लिए इन्हें खाकी में कुछ हमदर्द मिल गए सुने जाते हैं। दूसरा यह भी पता चला है कि हाजी अकरम नाम के शख्स ने किसी पप्पू से दुकान खाली करायी है। जिसके चलते उसने पुलिस को बुलाया था या कहें पुलिस से मदद मांगी थी। इस दौरान पुलिस ने सोतीगंज की तमाम दुकानों को भी खंगाल लिया था।
इंचौली में वेस्ट बंगाल की पुलिस का छापा
वेस्ट बंगाल की पुलिस ने करोड़ों रुपये आॅनलाइन फ्रॉड के मामले में इंचौली थाना क्षेत्र में दबिश दी। पुलिस दो दिन से क्षेत्र में डेरा जमाये है, लेकिन आरोपी पुलिस के पहुंचने से पहले ही फ रार हो गया। बताया जाता है कि उसके खाते में फ्रॉड तरीके से करोड़ों रुपये का ट्रांजेक्शन हुआ है, लेकिन फिलहाल पांच लाख रुपये की रकम उसके खाते में ट्रांसफर होना बताया गया है।
वेस्ट बंगाल की पुलिस ने आॅनलाइन फ्रॉड के मामले में इंचौली थाना क्षेत्र नया गांव में गुरुवार शाम एक घर में दबिश दी। दबिश के लिए गैरराज्य की पुलिस ने इंचौली थाने में आमद दर्ज कराई। उसके बाद थाना पुलिस को साथ लेकर आशीष पुत्र स्व. ब्रजमोहन की तलाश में घर में छापा मारा। हालांकि आरोपी आशीष पुलिस पहुंचने से पहले ही घर से फरार हो गया। वेस्ट बंगाल के साइबर थाने में करोड़ों रुपये का आनॅलाइन फ्रॉड की शिकायत पर मुकदमा दर्ज है।

जिसमें इंचौली थाना क्षेत्र के ग्राम नया गांव में आशीष नाम के युवक के अकाउंट में पांच लाख रुपया ट्रांजेक्शन होने की बात सामने आई है। पुलिस आरोपी की तलाश में क्षेत्र मे डेरा जमाये है। उधर बताया जाता है कि आशीष इंचौली स्थित एक दुकान पर काम करता है। एसपी देहात कमलेश बहादुर सिंह का कहना है कि वेस्ट बंगाल में साइबर थाने में आॅनलाइन फ्रॉड करोड़ों रुपये का मुकदमा दर्ज है। जिसमें यहां एक युवक के खाते में पांच लाख रुपये ट्रांसफर होना पाया गया है। उसके सिलसिले में गैरराज्य की पुलिस ने दबिश दी है।

